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पुराना नियम · गिनती · अध्याय 29 / 36

गिनती 29

1‘अब सातवें महीने में, माह के पहले दिन तुम्हारी पवित्र सभा हो इसमें तुम परिश्रम का कोई काम न करना। यह तुम्हारे लिए नरसिंगे फूंकने का दिन ठहरे।

2तुम सुखदायक सुगन्ध के रूप में यहोवा के लिए एक होमबलि चढ़ाना अर्थात् दोषरहित एक बछड़ा, एक मेढ़ा और एक-एक वर्ष के सात मेमने;

3और उनका अन्नबलि तेल से गूंधे गए मैदे का हो अर्थात् बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश, और मेढ़ें पीछे एपा का दो दसवां अंश,

4और सातों मेमनों में से प्रत्येक मेमने पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

5और अपने प्रायश्चित्त के लिए एक बकरा पापबलि करके चढ़ाना।

6ये सब निम्नलिखित बलियों के अतिरिक्त हैं अर्थात् नए चांद का होमबलि, और उसका अन्नबलि, नित्य चढ़ाया जानेवाला होमबलि और उसका अन्नबलि और इन सबके नियमित अर्घ। ये सुखदायक सुगन्ध के रूप में यहोवा के लिए हवन है।

7तब इसी सातवें महीने के दसवें दिन एक पवित्र सभा की जाए, और तुम अपने स्वार्थ का परित्याग करना। तुम किसी भी प्रकार का काम-काज न करना।

8और तुम यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध के रूप में होमबलि अर्पित करना अर्थात् दोषरहित एक बछड़ा, एक मेढ़ा और एक-एक वर्ष के सात मेमने।

9उनका अन्नबलि तेल से गूंधे गए मैदे का हो, अर्थात् बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश और मेढ़े पीछे एपा का दो दसवां अंश,

10तथा सातों मेमनों में से एक-एक मेमने पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

11पापबलि के लिए एक बकरा भी चढ़ाना, ये प्रायश्चित्त के पापबलि, नित्य चढ़ाए जानेवाले होमबलि और उसके अन्नबलि और इन सबके अर्घों के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

12‘तब सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन तुम्हारी पवित्र सभा हो; तुम परिश्रम का कोई काम न करना और तुम यहोवा के लिए सात दिन तक पर्व मानना।

13तुम यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध के रूप में होमबलि हवन करके चढ़ाना; तेरह बछड़े, दो मेढ़े, एक-एक वर्ष के चौदह मेमने, ये सब दोषरहित हों,

14और इनका अन्नबलि तेल से गूंधे गए मैदे का हो अर्थात् तेरहों बछड़ों में से एक-एक बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश, और दोनों मेढ़ों में से एक-एक मेढ़े पीछे एपा का दो दसवां अंश,

15और चौदहों मेमनो में से प्रत्येक मेमनें पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना।

16और पापबलि के लिए एक बकरा चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि, उसके अन्नबलि तथा उसके अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

17‘तब दूसरे दिन दोषरहित बारह बछड़े, दो मेढ़े, एक-एक वर्ष के चौदह मेमने चढ़ाना;

18और बछड़ों, मेढ़ों और मेमनों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ, उनकी गिनती और नियम के अनुसार चढ़ाना।

19पापबलि के लिए एक बकरा चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जानेवाले होमबलि, उसके अन्नबलि और अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

20‘तब तीसरे दिन; दोषरहित ग्यारह बछड़े, दो मेढ़े, एक-एक वर्ष के चौदह मेमने चढ़ाना;

21और बछड़ों, मेढ़ों और मेमनों के साथ उनकी गिनती तथा नियम के अनुसार अन्नबलि और अर्घ चढ़ाना;

22और पापबलि के लिए एक बकरा चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि उसके अन्नबलि और अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

23‘तब चौथे दिनः दोषरहित दस बछड़े, दो मेढ़े और एक-एक वर्ष के चौदह मेमने चढ़ाना।

24बछड़ों, मेढ़ों और मेमनों के साथ, उनकी गिनती तथा नियम के अनुसार उनके अन्नबलि और अर्घ चढ़ाना।

25और पापबलि के लिए एक बकरा भी चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि, उसके अन्नबलि और अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

26‘तब पांचवे दिन दोषरहित नौ बछड़े दो मेढ़े, और एक-एक वर्ष के चौदह मेमने चढ़ाना।

27बछड़ों, मेढ़ों और मेमनों के साथ उनकी गिनती तथा नियम के अनुसार उनके अन्नबलि और अर्घ चढ़ाना।

28और पापबलि के लिए एक बकरा भी चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि उसके अन्नबलि और अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

29‘तब छठवें दिनः दोषरहित आठ बछड़े, दो मेढ़े और एक-एक वर्ष के चौदह मेमने चढ़ाना।

30बछड़ों, मेढ़ों और मेमनों के साथ उनकी गिनती तथा नियम के अनुसार उनके अन्नबलि और अर्घ चढ़ाना।

31और पापबलि के लिए एक बकरा भी चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि, उसके अन्नबलि और अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

32‘तब सातवें दिन दोषरहित सात बछड़े, दो मेढ़े और एक-एक वर्ष के चौदह मेमने चढ़ाना।

33बछड़ों, मेढ़ों और मेमनों के साथ, उनकी गिनती तथा नियम के अनुसार उनके अन्नबलि और अर्घ चढ़ाना।

34और पापबलि के लिए एक बकरा भी चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि, उसके अन्नबलि और अर्घ के अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

35‘फिर आठवें दिन तुम्हारी महासभा हो; उस दिन परिश्रम का कोई काम न किया जाए।

36परन्तु यहोवा के लिए तुम सुखदायक सुगन्ध के रूप में होमबलि चढ़ाना अर्थात् दोषरहित एक बछड़ा, एक मेढ़ा, और एक-एक वर्ष के सात मेमने।

37बछड़े, मेढ़े और मेमनों के साथ उनके अन्नबलि और अर्घ उनकी गिनती और नियम के अनुसार चढ़ाना।

38और पापबलि के लिए एक बकरा चढ़ाना। ये नित्य चढ़ाए जाने वाले होमबलि, उसके अन्नबलि और अर्घ अतिरिक्त चढ़ाए जाए।

39‘अपनी मन्नतों और स्वेच्छाबलियों के अतिरिक्त तुम यहोवा के लिए, अपने-अपने नियत समयो में से सब होमबलि, अन्नबलि, अर्घ और मेलबलि चढ़ाना’।”

40जो-जो आज्ञाएं यहोवा ने मूसा को दी थीं, वे सब मूसा ने इस्राएलियों को सुना दी।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)