पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 145 / 150
भजन संहिता 145
1दाऊद का स्तुति-भजन। हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा; और मैं तेरे नाम को सदा-सर्वदा धन्य कहता रहूंगा।
2प्रतिदिन मैं तुझे धन्य कहूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा-सर्वदा करता रहूंगा।
3यहोवा महान् और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी महानता अगम्य है।
4एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी से तेरे कार्यों की प्रशंसा, और तेरे पराक्रम के कार्यों का वर्णन करेगी।
5मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर, और तेरे अद्भुत कार्यों पर ध्यान करूंगा।
6लोग तेरे भयानक कार्यों के सामर्थ्य की चर्चा करेंगे, और मैं तेरी महानता का वर्णन करूंगा।
7वे तेरी बड़ी भलाई का स्मरण करके उत्सुकता से उसकी चर्चा करेंगे, और तेरी धार्मिकता का जय-जयकार करेंगे।
8यहोवा अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला और अति करुणामय है।
9यहोवा सबके लिए भला है, और उसकी दया उसकी सारी सृष्टि पर है।
10हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त तुझे धन्य कहा करेंगे।
11वे तेरे राज्य की महिमा का वर्णन और तेरे सामर्थ्य की चर्चा करेंगे,
12कि वे मनुष्य जाति पर तेरे सामर्थ्य के कार्यों को, और तेरे राज्य के प्रताप की महिमा को प्रकट करे।
13तेरा राज्य युग-युग का है, और तेरी प्रभुता पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।
14यहोवा सब गिरते हुओं को सम्भालता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है।
15सब की आखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको समय पर आहार देता है।
16तू अपनी मुट्ठी खोलता, और प्रत्येक प्राणी की इच्छा को सन्तुष्ट करता है।
17यहोवा अपने सब मार्गों में धर्मी और अपने सब कार्यों में दयालु है।
18जो उसे पुकारते हैं अर्थात् जो उसको सच्चाई से पुकारते हैं वह उन सबके निकट रहता है।
19जो उससे डरते हैं वह उनकी इच्छा पूरी करेगा; वह उनकी दुहाई भी सुनेगा और उन्हें बचा लेगा।
20यहोवा अपने सब प्रेमियों की रक्षा करता है, परन्तु वह सब दुष्टों का विनाश करेगा।
21मेरा मुंह यहोवा की स्तुति करेगा; और सब प्राणी उसके पवित्र नाम को सदा-सर्वदा धन्य कहते रहेंगे।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)