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भजन संहिता 145:18

जो उसे पुकारते हैं अर्थात् जो उसको सच्चाई से पुकारते हैं वह उन सबके निकट रहता है।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: भजन संहिता 145

15सब की आखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको समय पर आहार देता है।

16तू अपनी मुट्ठी खोलता, और प्रत्येक प्राणी की इच्छा को सन्तुष्ट करता है।

17यहोवा अपने सब मार्गों में धर्मी और अपने सब कार्यों में दयालु है।

18जो उसे पुकारते हैं अर्थात् जो उसको सच्चाई से पुकारते हैं वह उन सबके निकट रहता है।

19जो उससे डरते हैं वह उनकी इच्छा पूरी करेगा; वह उनकी दुहाई भी सुनेगा और उन्हें बचा लेगा।

20यहोवा अपने सब प्रेमियों की रक्षा करता है, परन्तु वह सब दुष्टों का विनाश करेगा।

21मेरा मुंह यहोवा की स्तुति करेगा; और सब प्राणी उसके पवित्र नाम को सदा-सर्वदा धन्य कहते रहेंगे।

पूरा अध्याय पढ़ें: भजन संहिता 145

संबंधित पद

  • यिर्मयाह 29:12–13

    तब तुम मुझे पुकारोगे और मेरे पास आकर मुझसे प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा।

  • व्यवस्थाविवरण 4:7

    क्योंकि और कौन ऐसी महान् जाति है जिसका ईश्वर उसके पुकारे जाने पर इतना समीप रहता है जितना हमारा परमेश्वर यहोवा,

  • यूहन्ना 4:24

    परमेश्वर आत्मा है; और अवश्य है कि उसके आराधक आत्मा और सच्चाई से उसकी आराधना करे।”

  • यशायाह 58:9

    तब तू पुकारेगा और यहोवा उत्तर देगा, तू दुहाई देगा और वह कहेगा, ‘मैं यहां हू।’ यदि तू अपने बीच से अंधेर करना, उंगली उठाना, और दुष्ट बातें बोलना दूर कर दे,

  • 1 यूहन्ना 3:20–22

    जिन बातों में हमारा हृदय हमें दोषी ठहराता है; क्योंकि परमेश्वर हमारे हृदय की अपेक्षा कहीं महान् है और वह सब कुछ जानता है।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).