पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 24 / 150
भजन संहिता 24
1दाऊद का भजन। पृथ्वी और जो कुछ उसमें है, यहोवा ही का है- जगत और वे सब भी जो उसमें रहते है।
2उसकी नींव तो उसने समुद्रों पर रखी, हां, उसने महाजलधाराओं पर उसे स्थापित किया।
3यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है?
4वही जिसके हाथ निर्दोष हैं और जिसका हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को झूठी बात की ओर नहीं लगाया, न कपट से शपथ खाई है।
5उसे यहोवा की ओर से आशीष, हां, अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर से धार्मिकता मिलेगी।
6ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, हां, जो तेरे दर्शन के खोजी, अर्थात् याकूब-वंशी है। सेला।
7हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो! हे सनातन द्वारों, ऊंचे हो जाओ कि प्रतापी राजा प्रवेश करे!
8यह प्रतापी राजा कौन है? यहोवा, जो सामर्थी और शक्तिशाली है, यहोवा, जो युद्ध में पराक्रमी है।
9हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो! हे सनातन द्वाराें, तुम भी ऊंचे करो, कि प्रतापी राजा प्रवेश करे!
10यह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा वही प्रतापी राजा है। सेला।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)