भजन संहिता 37:23
मनुष्य के कदम यहोवा दृढ़ करता है, और उसके चलन से वह प्रसन्न होता है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: भजन संहिता 37
20परन्तु दुष्ट लोग नष्ट होंगेः यहोवा के शत्रु, चरागाह की हरियाली के समान लुप्त हो जाएंगे-धुएं के समान लुप्त हो जाएंगे।
21दुष्ट तो उधार लेता है पर लौटाता नहीं, परन्तु धर्मी उदार होकर देता है।
22वे जो यहोवा से आशीषित होते हैं, पृथ्वी के उत्तराधिकारी होंगे; परन्तु जो उससे शापित होते हैं, वे नष्ट हो जाएंगे।
23मनुष्य के कदम यहोवा दृढ़ करता है, और उसके चलन से वह प्रसन्न होता है।
24जब वह गिरे तो सिर के बल पछाड़ नहीं खाएगा, क्योंकि यहोवा स्वयं ही उसका हाथ थामे रहता है।
25मैं जवान था और अब बूढ़ा हो गया हूं, परन्तु मैंने न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ और न कभी उसके वंश को भीख मांगते देखा है।
26वह दिन भर उदार होकर उधार देता है, और उसके वंश को आशीष मिलती है।
संबंधित पद
- नीतिवचन 16:9
मनुष्य अपने हृदय में युक्तियां बनाता है, परन्तु यहोवा ही उसके पग को निश्चित करता है।
- नीतिवचन 4:26
पैर रखने के लिए मार्ग समतल बना, तब तेरे सारे पथ स्थिर रहेंगे।
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