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पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 38 / 150

भजन संहिता 38

1यादगार के लिए दाऊद का भजन। हे यहोवा, अपने प्रकोप में मुझे न झिड़क; न अपने भड़कते हुए क्रोध में मेरी ताड़ना कर।

2क्योंकि तेरे तीर मुझे गहरे लगे हैं, और तेरे हाथ ने मुझे नीचे दबा रखा है।

3तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं, मेरे पाप के कारण मेरी हड्डियों में कुछ भी चैन नही।

4क्योंकि मैं अपने अधर्म के कामों में सिर तक डूब चुका हूं, और वे भारी बोझ के समान मेरे लिए अस“य हो गये है।

5मेरी मूढ़ता के कारण मुझे लगे कोड़े के घावों से दुर्गन्ध आने लगी है, वे सड़ने लगे है।

6मैं दुख से झुक कर बहुत नीचे दब गया हूं, और दिन भर विलाप करता फिरता हू।

7क्योंकि मेरी कमर में जलन ही जलन भरी हुई है, और मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नही।

8मैं निर्बल होकर बहुत ही चूर हो गया हूं, मैं अपने हृदय की व्यथा से कराहता हू।

9हे प्रभु, मेरी समस्त अभिलाषा तेरे सम्मुख है, और मेरा आहें भरना तुझसे छिपा नही।

10मेरा हृदय धड़कता है, मेरी शक्ति क्षीण होती जाती है, और मेरी आंखों की ज्योति-हां, वह भी जाती रही।

11मेरे प्रियजन और मेरे मित्र मेरे घावों के कारण मुझसे किनारा करते हैं, और मेरे कुटुम्बी भी दूर जा खड़े होते है।

12मेरे प्राण के ग्राहक मेरे लिए जाल बिछाते हैं, मेरी हानि चाहने वालों ने मुझे विनाश की धमकी दी है। दिन भर वे दुष्टता की युक्तियां रचा करते है।

13परन्तु मैं तो बहरे के समान सुनता नहीं, और गूँगे के समान बोलता नही।

14हां, मैं उस मनुष्य के समान हूं जो सुनता ही नहीं, और जिसके मुँह से कोई उत्तर नहीं निकलता।

15क्योंकि हे यहोवा, मैं तुझ पर आशा रखता हूं, हे प्रभु, मेरे परमेश्वर तू ही उत्तर देगा।

16क्योंकि मैंने कहा, “मेरे पांव फिसलने पर जो लोग मेरे विरुद्ध डींग मारना चाहते हैं, वे मुझ पर आनन्दित न होने पाए।”

17क्योंकि मैं तो अब गिरने पर ही हूं, और मेरा शोक निरन्तर मेरे सम्मुख बना रहता है।

18मैं तो अपना अधर्म मान लेता हूं, और अपने पाप के कारण मैं अत्यधिक व्याकुल हू।

19परन्तु मेरे शत्रु फुर्तीले और बलिष्ठ हैं, मुझसे अकारण घृणा करने वाले तो बहुत है।

20और जो भलाई का बदला बुराई से चुकाते हैं, वे मेरा विरोध करते हैं इसलिए कि मैं भलाई किया करता हू।

21हे यहोवा, मुझे छोड़ न दे! हे मेरे परमेश्वर, मुझसे दूर न हो!

22हे यहोवा, हे मेरे उद्धार मेरी सहायता करने के लिए फुर्ती कर!

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)