पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 6 / 150
भजन संहिता 6
1हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डांट, और न अपने प्रकोप में मेरी ताड़ना कर।
2हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं मुर्झा गया हू। हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हड्डियां व्याकुल हो गई है।
3मेरा प्राण भी अत्यन्त बेचैन है, परन्तु तू, हे यहोवा-कब तक?
4लौट आ, हे यहोवाः मेरे प्राण को छुड़ा ले। अपनी करुणा के कारण मेरा उद्धार कर।
5मृत्यु के बाद तो कोई तुझे स्मरण नहीं करता- अधोलोक में कौन तुझे धन्यवाद देगा?
6मैं कराहते-कराहते थक गया हू। मैं प्रति रात रो-रो कर अपना बिछौना तर कर देता हूं, आंसुओं से मैं अपनी खाट भिगो देता हू।
7मेरी आंखें शोक से कमजोर हो गई हैं, सारे विरोधियों के कारण वे धुंधली पड़ गई है।
8हे सब कुकर्मियों, मुझसे दूर हो जाओ, क्योंकि यहोवा ने मेरे रोने की आवाज सुन ली है।
9यहोवा ने मेरी विनती सुन ली है, यहोवा मेरी प्रार्थना को ग्रहण करता है।
10मेरे सब शत्रु लज्जित होकर बहुत ही व्याकुल होंगे। वे लौट जाएंगे और एकाएक लज्जित होंगे।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)