पुराना नियम · भजन संहिता · अध्याय 7 / 150
भजन संहिता 7
1हे यहोवा मेरे परमेश्वर, मैंने तुझी में शरण ली है। उन सबसे जो मेरा पीछा करते हैं मुझे बचा, और मुझे छुड़ा ले,
2ऐसा न हो कि कोई मुझे सिंह के समान फाड़ डाले और मुझे घसीट कर ले जाए जबकि मेरा कोई छुड़ाने वाला न हो।
3हे यहोवा मेरे परमेश्वर, यदि मैंने यह किया हो- यदि मेरे हाथों से अन्याय हुआ हो,
4यदि मैंने उसको जो मेरे साथ मेल से रहता था बुरा बदला दिया हो, या उसे लूटा हो जो अकारण मेरा विरोधी था-
5तो शत्रु मेरे प्राण का पीछा करके मुझे आ पकड़े, और वह मुझे भूमि पर रौंद डाले, और मेरी महिमा को धूल में मिला दे। सेला।
6हे यहोवा, अपने कोप में उठ! मेरे विरोधियों के क्रोध के विरुद्ध तू खड़ा हो, मेरे लिए तू जाग उठ-तूने तो न्याय ठहराया है।
7लोगों की मंडली तेरे चारों ओर एकत्र हो, और तू उन पर फिर से राज्य कर।
8यहोवा जाति-जाति का न्याय करता हैः हे यहोवा, मेरी धार्मिकता और उस खराई के अनुसार जो मुझमें है, मेरा न्याय कर।
9दुष्टों की बुराई का अन्त हो जाए, पर धर्मी को तू स्थिर कर। धर्मी परमेश्वर तो हृदय और मन को परखता है।
10मेरी ढाल परमेश्वर के हाथ में है, जो सीधे मन वालों को बचाता है।
11परमेश्वर सच्चा न्यायी है, वरन् ऐसा ईश्वर है जो प्रतिदिन कोप करता है।
12यदि मनुष्य मन न फिराए तो वह अपनी तलवार पर धार चढ़ाएगा, उसने अपना धनुष चढ़ा कर तीर साध लिया है।
13उसने अपने घातक हथियारों को भी तैयार कर लिया है, वह अपने तीरों को अग्निबाण बनाता है।
14देख, दुष्ट को दुष्टता की प्रसव-पीड़ा होती है, उसके गर्भ में उत्पात है और वह झूठ को जन्म देता है।
15उसने गड़हा खोदकर उसे गहरा कर दिया, और स्वयं उस गड्हे में गिरा जिसे उसने खोदा था।
16उसका उत्पाद उसी के सिर पर लौट आएगा, और उसका उपद्रव उसी के माथे पर आ पड़ेगा।
17मैं यहोवा को उसकी धार्मिकता के अनुसार धन्यवाद दूंगा, और सर्वोच्च प्रभु के नाम का स्तुति-गान करूंगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)