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पुराना नियम · रूत · अध्याय 3 / 4

रूत 3

1तब उसकी सास नाओमी ने उस से कहा, “हे मेरी बेटी, क्या मैं तेरे लिए आश्रय न ढूंढूं कि तेरा भला हो?

2क्या बोअज़ हमारा कुटुम्बी नहीं है जिसकी दासियों के साथ तू थी? देख, आज रात वह खलिहान में जौ फटकेगा।

3इसलिए तू स्नान कर, तेल लगा, और अच्छे वस्त्र पहनकर खलिहान को जा, परन्तु जब तक वह पुरुष खा-पी न चुके तब तक अपने आपको उस पर प्रकट न करना।

4और ऐसा हो कि जब वह लेट जाए तब तू उसके लेटने के स्थान को देख लेना फिर उसके पैरों को उघाड़ कर लेट जाना, तब वह तुझे बताएगा कि तुझे क्या करना है।”

5और उसने उससे कहा, “जो कुछ तू कहती है वह सब मैं करूँगी।”

6तब खलिहान को जाकर उसने अपनी सास की आज्ञा के अनुसार सब कुछ किया।

7जब बोअज़ ने खा-पी लिया और उसका मन आनन्दित हो गया तब अन्न के ढेर के एक सिरे पर सोने के लिए चला गया। फिर वह चुपचाप आई और उसके पैर उघाड़ कर लेट गई।

8और ऐसा हुआ कि आधी रात को वह पुरुष चौंक उठा और आगे की ओर झुका, और देखो, एक स्त्री उसके पैरों के पास लेटी हुई थी।

9और उसने पूछा, “तू कौन है?” वह बोली, “मैं तेरी दासी रूत हूँ। अतः अपनी दासी को अपनी चादर ओढ़ा दे, क्योंकि तू हमारा निकट कुटुम्बी है।”

10तब उसने कहा, “हे मेरी बेटी, तू यहोवा की ओर से आशीषित हो! क्योंकि तू ने किसी जवान के, चाहे धनी या कंगाल के, पीछे न जाकर अपनी पिछली प्रीति पहली से अधिक दिखाई है।

11इसलिए अब हे मेरी बेटी, मत डर। जो कुछ तू कहेगी, मैं तेरे लिए करूँगा, क्योंकि नगर के मेरे सब लोग जानते हैं कि तू भली स्त्री है।

12यह तो सच है कि मैं निकट कुटुम्बी हूँ, फिर भी मुझसे अधिक निकट एक और कुटुम्बी है।

13इस रात भर ठहरी रह और यदि वह सवेरे तुझे छुड़ाए तो भला है, वही तुझे छुड़ाए। परन्तु यदि वह तुझे छुड़ाना न चाहे तो यहोवा की शपथ मैं तुझे छुड़ाऊंगा। भोर तक लेटी रह।”

14अतः वह भोर तक उसके पैरों के पास लेटी रही और इससे पहले कि कोई एक दूसरे को पहचान सके, वह उठी। तब बोअज़ ने कहा, “कोई यह न जान पाए कि एक स्त्री खलिहान में आई थी।”

15उसने फिर कहा, “जो चादर तू ओढ़े है उसे मुझे दे और पकड़े रह।” अतः उसने उसे फैला दिया और बोअज़ ने छः नपुए जौ नाप कर उठा दिया। फिर वह नगर में चली गई।

16जब रूत अपनी सास के पास पहुंची तो उसने पूछा, “हे मेरी बेटी, क्या हुआ?” और उसने उसे वह सब बता दिया जो उस पुरुष ने उसके लिए किया था।

17और उसने कहा, “ये छः नपुए जौ उसने यह कहकर मुझे दिया, ‘अपनी सास के पास खाली हाथ मत जा’।”

18तब उसने कहा, “हे मेरी बेटी, जब तक तू इस बात का परिणाम न जान ले चुपचाप बैठी रह, क्योंकि आज जब तक वह पुरुष इस काम को निपटा न ले उसे चैन न मिलेगा।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)