पुराना नियम · जकर्याह · अध्याय 13 / 14
जकर्याह 13
1“उस दिन दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों के लिए अपने पाप और अपनी मलीनता धोने को एक सोता बहाया जाएगा।”
2सेनाओं के यहोवा की यह वाणी हैः उस दिन ऐसा होगा कि मैं इस देश से मूर्तियों के नाम मिटा दूंगा, तथा उनका फिर कभी स्मरण नहीं किया जाएगा। मैं देश से नबियों और अशुद्ध आत्मा को भी दूर कर दूंगा।
3फिर ऐसा होगा कि यदि इसके उपरान्त भी कोई नबूवत करे तो उसको जन्म देने वाले माता-पिता ही उससे कहेंगे, ‘तू जीवित नहीं रहेगा, क्योंकि तूने यहोवा के नाम पर झूठ बोला है।’ जब वह नबूवत करने लगे तभी उसको उत्पन्न करने वाले माता-पिता उसको आर-पार छेद डालेंगे।
4उस दिन ऐसा भी होगा कि नबूवत करने पर प्रत्येक नबी अपने-अपने दर्शन से लज्जित होगा। वे फिर धोखा देने के लिए रोएंदार पोशाक नहीं पहनेंगे।
5परन्तु हर एक कहेगा, ‘मैं नबी नहीं, किसान हूं, क्योंकि किसी मनुष्य ने मुझे जवानी में ही दास होने के लिए बेच दिया था।’
6तब कोई उससे पूछेगा, ‘तेरी बांहों के बीच ये घाव कैसे हुए?’ वह उत्तर देगा, ‘ये घाव मेरे मित्रों के घर में मुझे लगे थे।’
7“सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, ‘हे तलवार, मेरे ठहराए हुए चरवाहे के विरुद्ध अर्थात्, उस मनुष्य के विरुद्ध उठ जो मेरा सहयोगी है। चरवाहे को मार जिससे भेड़ें तितर-बितर हो जाए। तब मैं छोटों के विरुद्ध अपना हाथ चलाऊंगा।’
8यहोवा की यह वाणी हैः कि देश की सम्पूर्ण जनसंख्या में से दो तिहाई काट कर मिटा दी जाएगी। परन्तु, एक तिहाई बची रहेगी।
9उस एक तिहाई के लोगों को मैं आग में डालकर ऐसा शुद्ध करूंगा जैसे चांदी को किया जाता है, और ऐसे परखूंगा जैसे सोना परखा जाता है। वे मेरा नाम लेकर पुकारेंगे और तब मैं उनको उत्तर दूंगा। मैं कहूंगा, ‘वे मेरे लोग है।’ वे कहेंगे, ‘यहोवा हमारा परमेश्वर है’।”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)