पुराना नियम · जकर्याह · अध्याय 12 / 14
जकर्याह 12
1इस्राएल के विषय में यहोवा की वाणी आकाश को तानने वाले, पृथ्वी की नींव डालने वाले तथा मनुष्य के अन्दर आत्मा को रचने वाले यहोवा की यह वाणी हैः
2“देखो, मैं यरूशलेम को चारों ओर की जातियों के लिए लड़खड़ा देने वाला प्याला बनाने पर हू। और जब यरूशलेम घेर लिया जाएगा तब यहूदा की भी यही दशा होगी।
3उस दिन ऐसा होगा कि मैं यरूशलेम को सब जातियों के लिए एक भारी पत्थर बना दूंगा। जितने उसे उठाएंगे वे सब गम्भीर रूप से घायल होंगे। पृथ्वी की सारी जातियां उसके विरुद्ध एकत्रित होंगी।
4यहोवा की यह वाणी है, कि उस दिन मैं प्रत्येक घोड़े को घबराहट का, तथा उसके सवार को पागलपन का शिकार कर दूंगा। मैं अन्यजातियों के प्रत्येक घोड़े को अंधेपन का शिकार करूंगा, परन्तु यहूदा के घराने के लिए अपनी आंखें खुली रखूंगा।
5तब यहूदा के घराने अपने-अपने मन में कहेंगे, ‘यरूशलेम के निवासी अपने परमेश्वर सेनाओं के यहोवा के द्वारा हमारे दृढ़ सहायक है।’
6उस दिन यहूदा के घरानों को मैं जलती हुई लकड़ियों के मध्य अंगीठी, तथा पूलों के मध्य जलती मशाल के समान बना दूंगा जिससे वे अपने दाएं-बाएं चारों ओर के लोगों को भस्म करते चलेंगे, परन्तु यरूशलेम के निवासी यरूशलेम में अपने-अपने स्थानों में पुनः निवास करेंगे।
7यहोवा तो पहले यहूदा के तम्बुओं की रक्षा करेगा जिससे दाऊद के घराने की महिमा, तथा यरूशलेम के निवासियों की महिमा, यहूदा से बढ़कर न हो जाए।
8उस दिन यहोवा यरूशलेम के निवासियों की रक्षा करेगा, और उस दिन उनमें जो कमजोर होगा वह दाऊद के समान होगा, तथा दाऊद का घराना उनके लिए परमेश्वर के समान वरन् परमेश्वर के दूत के समान होगा जो उनके आगे-आगे चलता हो।
9और उस दिन ऐसा होगा कि यरूशलेम के विरुद्ध जितनी जातियां उठेंगी उन सबको मैं नष्ट करने का यत्न करूंगा।
10“फिर मैं दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों पर अनुग्रह और प्रार्थना का आत्मा उंडेलूंगा जिससे वे मुझे, जिसे उन्होंने बेधा है, ताकेंगे तथा उसके लिए ऐसा विलाप करेंगे जैसा कोई अपने एकलौते पुत्र के लिए विलाप करता, और वे उसके लिए ऐसा फूट-फूटकर रोएंगे जैसा पहलौठे के लिए फूट-फूट कर रोते है।
11उस दिन यरूशलेम में ऐसा महाविलाप होगा जैसा मगिद्दोन की तराई के हदद्रिम्मोन में हुआ था।
12सम्पूर्ण देश विलाप करेगा। प्रत्येक परिवार अलग-अलग अर्थात् दाऊद के घराने का प्रत्येक परिवार अलग और उसकी स्त्रियां अलग, नातान के घराने का प्रत्येक परिवार अलग, और उनकी स्त्रियां अलग,
13लेवी के वंश के घराने का प्रत्येक परिवार अलग, और उनकी स्त्रियां अलग, शिमीयों के घराने का परिवार अलग, और उनकी स्त्रियां अलग
14और शेष परिवार भी सब अलग-अलग, और उनकी स्त्रियां भी अलग अलग विलाप करेंगे।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)