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पुराना नियम · जकर्याह · अध्याय 11 / 14

जकर्याह 11

1हे लेबनोन, अपने द्वार खोल कि तेरे देवदार आग का कौर बन जाए।

2हे सनौवरो, विलाप करो क्योंकि देवदार गिर गया है, क्योंकि शोभामय वृक्ष नष्ट कर दिए गए है। हे बाशान के बांजवृक्षो, विलाप करो क्योंकि सघन वन काट डाला गया है।

3चरवाहों का हाहाकार सुनाई देता है क्योंकि उनका वैभव नष्ट हो गया है। जवान सिंहों का गर्जन सुनाई देता है क्योंकि यरदन का गौरव धूल में मिल गया है।

4मेरा परमेश्वर यहोवा यों कहता हैः “मेरे उस गल्ले को चरा जो काट डाले जाने के लिए अलग किया गया है।

5जो उनको मोल लेते वे ही उनको काट डालते हैं, और फिर भी दोषी नहीं ठहरते। जो उनको बेचते हैं उनमें से प्रत्येक कहता है, ‘यहोवा धन्य हो, क्योंकि मै धनवान हो गया हू।’ उनके अपने चरवाहे उन पर कोई दया नहीं करते।

6यहोवा की यह वाणी है, “मैं इस देश के निवासियों पर अब कुछ दया नहीं करूंगा, परन्तु देखो, मैं मनुष्यों को एक दूसरे के हाथ में, तथा उन्हीं के राजा के हाथ में पकड़वा दूंगा। वे देश को नष्ट करेंगे और मैं किसी को भी नहीं छुड़ाऊंगा।”

7अतः मैं काट डालने के लिए अलग किए गए गल्ले, और विशेषकर गल्ले की पीड़ित भेड़ों की चरवाही करने लगा। मैंने अपने लिए दो लाठियां लीं: एक का नाम मैंने अनुग्रह रखा और दूसरी का एकता। इस प्रकार मैंने भेड़-बकरियों की चरवाही की।

8इसलिए कि मेरा प्राण उनसे ऊब गया था, तथा उनके प्राण भी मुझसे घृणा करते थे, मैंने उनके तीनों चरवाहों को एक ही महीने में नष्ट कर दिया।

9तब मैंने कहा, “मैं तुम्हें नहीं चराऊंगा। जो मरने को है वह मर जाए, जो काट डाले जाने को है वह काट डाला जाए, तथा जो शेष रह जाएं वे एक दूसरे का मांस खाए।”

10फिर मैंने अपनी अनुग्रह-नामक लाठी ली, और उसे काट कर टुकड़े-टुकड़े कर डाला कि अपनी उस वाचा को रद्द करूं जो मैंने सब जातियों के साथ बांधी थी।

11अतः वह उसी दिन रद्द हो गई। गल्ले की पीड़ित भेड़-बकरियां तो मेरी ओर ताक रही थी। उन्होंने जान लिया कि यह तो यहोवा की वाणी थी।

12मैंने उनसे कहा, “यदि यह तुम्हें अच्छा लगे तो मेरी मजदूरी दो, और नहीं तो मत दो।” अतः उन्होंने मेरी मजदूरी के लिए चांदी के तीस सिक्के तौल दिए।

13तब यहोवा ने मुझसे कहा, “वह भारी दाम जिसके योग्य उन्होंने मुझे आंका है उसे कुम्हार के आगे फेंक दे।” अतः चांदी के वे तीस सिक्के लेकर मैंने यहोवा के भवन में कुम्हार के आगे फेंक दिए।

14इसके बाद मैंने एकता नामक अपनी दूसरी लाठी को भी यहूदा और इस्राएल के भाईचारे को तोड़ने के लिए टुकड़ों में काट डाला।

15तब यहोवा ने मुझसे कहा, “अब तू फिर से निकम्मे चरवाहे का सामान ले ले।

16क्योंकि देख, मैं देश में ऐसा चरवाहा खड़ा करने वाला हूं जो मरते हुए की देख-रेख न करेगा, न भटके हुए को खोजेगा, न घायलों को चंगा करेगा, न हृष्ट-पुष्ट का पालन करेगा, वरन् मोटी-मोटी भेड़ों का मांस निगल जाएगा, तथा उनके खुर खींच निकालेगा।

17हाय, उस निकम्मे चरवाहे पर जो गल्ले को छोड़ जाता है! उसकी बांह पर और दाहिनी आंख दोनों पर तलवार पड़ेगी। उसकी बांह पूर्णतः सूख जाएगी, और उसकी दाहिनी आंख अंधी हो जाएगी।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)