पुराना नियम · सपन्याह · अध्याय 1 / 3
सपन्याह 1
1आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में हिजकिय्याह के पुत्र अमर्याह के परपोते, गदल्याह के पोते और कूशी के पुत्र सपन्याह के पास यहोवा का वचन पहुंंचा।
2यहोवा की यह वाणी है, “मैं पृथ्वी पर से सर्वस्व मिटा डालूंगा।
3मैं मनुष्य और पशु को मिटा दूंगा; मैं आकाश के पक्षियों को और समुद्र की मछलियों को मिटा दूंगा और रखी गई ठोकरों सहित दुष्ट को और मैं मनुष्य को धरती पर से नष्ट कर दूंगा।” यहोवा की यह वाणी है;
4“अर्थात् मैं यहूदा पर और यरूशलेम के सब निवासियों के विरुद्ध अपना हाथ उठाऊंगा। तथा इस स्थान में से बाल के बचे हुओं को, और मूर्तियों के पुजारियों के नाम को उनके याजकों सहित नष्ट कर दूंगा।
5वे अपने घरों की छतों पर आकाश के गणों को दण्डवत् करते हैं, तथा वे यहोवा को दण्डवत् करते और उसकी शपथ खाते हैं, इस पर भी मोलेक की शपथ खाते हैं,
6और उन्होंने यहोवा का अनुसरण करना छोड़ दिया है, तथा उन्होंने न तो यहोवा की खोज की और न उससे पूछा।”
7परमेश्वर यहोवा के सम्मुख चुप रहो! क्योंकि यहोवा का दिन निकट है; क्योंकि यहोवा ने बलि तैयार की है, और उसने अपने अतिथियों को पवित्र किया है।
8फिर यहोवा के ठहराए हुए बलि-दिवस में, मैं हाकिमों, राजपुत्रों तथा उन सबको जो विदेशी वस्त्र धारण करते हैं, दण्ड दूंगा।
9उस दिन मैं उन्हें भी दण्ड दूंगा जो मन्दिर की ड्योढी पर कूदते, और जो अपने स्वामी के घर को हिंसा और धूर्तता से भर देते है।
10यहोवा की यह वाणी है, “उस दिन मछली फाटक से चीत्कार, नई बस्ती से विलाप, तथा पहाड़ियों से बड़े धमाके का शब्द होगा।
11हे मक्तेश के निवासियो, विलाप करो, क्योंकि सब व्यापारी नष्ट कर दिए जाएंगे। सब जो चांदी से लदे हैं काट डाले जाएंगे।
12उस समय ऐसा होगा कि मैं दीपक लेकर यरूशलेम में खोजबीन करूंगा, जो लोग निश्चिंत बैठे हैं, और अपने मन में कहते हैं कि यहोवा न तो भला करेगा और न बुरा, उन्हें मैं दण्ड दूंगा।
13इसके अतिरिक्त उनकी धन-सम्पत्ति लुट जाएगी, और उनके घर उजाड़ हो जाएंगे, हां, वे घर तो बनाएंगे पर उनमें रहने न पाएंगे, वे दाख की बारियां तो लगाएंगे; परन्तु उनसे दाखमधु पीने न पाएंगे।”
14यहोवा का भयानक दिन समीप है, वह निकट है वरन् अति शीघ्र आ रहा है; यहोवा के दिन का शब्द सुनो! उस दिन योद्धा भी फूट-फूटकर रोएगा।
15वह दिन क्रोध का दिन होगा, वह दुख और संकट का दिन होगा, वह विनाश और उजाड़ का दिन होगा, वह अन्धकार और उदासी का दिन होगा वह बादलों और काली घटा का दिन होगा।
16वह दृढ़ गढ़वाले और ऊंची मीनार वाले नगरों के विरुद्ध, तुरही-नाद और युद्ध की ललकार का दिन होगा।
17अतः मैं मनुष्यों पर विपत्ति डालूंगा, जिससे वे अन्धों की नाईं चलेंगे, इसलिए कि उन्होंने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है; उनका रक्त धूलि के समान उंडेला जाएगा, और उनका मांस गोबर-सा ठहरेगा।
18यहोवा के क्रोध के दिन उनकी चांदी और उनका सोना उन्हें न बचा सकेगा; उसकी जलन की अग्नि में सारी पृथ्वी पूर्णतः भस्म हो जाएगी, क्योंकि वह पृथ्वी के समस्त निवासियों को भयंकर रीति से पूर्णतः नष्ट कर देगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)