पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 5 / 29
1 इतिहास 5
1इस्राएल के ज्येष्ठ पुत्र रूबेन की वंशावलीः क्योंकि वह तो पहिलौठा था, पर इसलिए कि उसने अपने पिता की शैय्या को भ्रष्ट किया था, उसके पहलौठेपन का अधिकार इस्राएल के पुत्र यूसुफ के पुत्रों को दे दिया गया; जिससे कि पहलौठेपन के अधिकार के अनुसार उसका नामांकन वंशावली मे नहीं रहा।
2यघपि यहूदा अपने भाइयों पर प्रबल हो गया, और उसी से प्रधान निकला, फिर भी पहलौठेपन का अधिकार यूसुफ ही का था।
3इस्राएल के ज्येष्ठ पुत्र रूबेन की वंशावलीः हनोक, पल्लू, हेस्रोन, और कर्मी।
4योएल के पुत्र ये थेः शमायाह, शमायाह का पुत्र गोग, और गोर का पुत्र शिमी,
5शिमी का पुत्र मीका, मीका का पुत्र रायाह, रायाह का पुत्र बाल,
6और बाल का पुत्र बेरा, जिसको अश्शूर का राजा तिलगत-पिलनेसेर निर्वासन में ले गया था; वह रूबेनियों का प्रधान था।
7अपने भाई बंधुओं की वंशावली में अपने कुलों के अनुसार उसके गोत्र के लोग ये थे; प्रधान यीएल, तब जकर्याह,
8और अजाज का पुत्र बेला, जो योएल के पुत्र शेमा का पोता और योएल का परपोता था, वह अरोएर में नबो और बाल्मोन तक रहता था।
9और पूर्व में फरात नदी से लेकर जंगल तक बस गया था, क्योंकि गिलाद देश में उनके पशुओं कि संख्या बहुत बढ़ गई थी।
10और शाऊल के दिनों में, उन्होंने हग्रियों से युद्ध किया, जो उनके हाथों मारे गए, और उन्होंने गिलाद से लेकर पूर्व के सारे देश के तम्बुओं पर कब्जा कर लिया।
11गाद के पुत्र उनके सामने सल्का तक बाशान के देश में रहते थे।
12योएल तो प्रधान था, और शापाम दूसरा था, फिर यानै और शापात बाशान मे।
13और उनके पिता के कुटुम्ब के सात सम्बन्धीः मीकाएल, मशुल्लाम, शेबा, योरै, याकान, जीआ और एबेर।
14ये अबीहैल के पुत्र थे जो हूरी का पुत्र था, यह योराह का पुत्र, यह गिलाद का पुत्र, यह मिकाएल का पुत्र, यह यशीशै का पुत्र, यह यहदो का पुत्र, यह बूज का पुत्र था;
15और अब्दीएल का पुत्र गूनी का पोता अही जो अपने पिता के कुटुम्ब का प्रधान था।
16और वे बाशान में गिलाद और उसके आसपास के नगरों में और शारोन के सब चरागाह वाले देश और अपनी सीमाओं तक रहते थे।
17इन सभों की वंशावली यहूदा के राजा योताम और इस्राएल के राजा यारोबाम के दिनों में लिखी गई।
18रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के योद्धा जो ढाल और तलवार धारण किए हुए थे और तीर चलाने तथा युद्ध-कौशल में निपुण थे, ओर वे जो युद्ध में गए उनकी संख्या चौवालिस हजार सात सौ साठ थी।
19और उन्होंने हग्रियों, यतूर, नापीश और नोदाब से युद्ध किया।
20उनके विरफ़द्ध इन्हें सहायता मिली, और हग्रियों समेत वे सब लोग जो उनके साथ थे, उनके हाथ में कर दिए गए; क्योंकि उन्होंने युद्ध में परमेश्वर को पुकारा था, और इसलिए कि उनका भरोसा उस पर था, उसने उनकी सुनी।
21और वे उनके पशुओं अर्थात् पचास हजार ऊंट, दो लाख पचास हजार भेड़, दो हजार गदहे और एक लाख पुरफ़ष भी ले गए।
22और बहुत से घात किए गए थे, क्योंकि युद्ध तो परमेश्वर की ओर से था। और वे निर्वासन काल तक उनके स्थान में बसे रहे।
23मनश्शे के आधे गोत्र के लोग उसी देश में बाशान से लेकर बाल्हेर्मोन, और सनीर, और हेर्मोन पर्वत तक बस गए। और वे संख्या में बहुत थे।
24और उनके पूर्वजों के घरानों के प्रधान ये थे, एपेर, यिशी, एलीएल, अज्रीएल, यिर्मयाह, होदब्याह और यहदीएल, ये शूरवीर और नामी पुरफ़ष थे जो अपने-अपने पूर्वजों के घराने में प्रधान थे।
25परन्तु उन्होंने अपने पूर्वजों के परमेश्वर से विश्वासघात किया और उस देश के लोग जिन्हे परमेश्वर ने उनके सामने से विनष्ट कर दिया था, उनके देवताओं के पीछे वेश्या के समान हो लिए।
26इसलिए इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पूल और अश्शूर के राजा तिलगत-पिनलेसेर के मन को उभारा और वह उन्हें अर्थात् रूबेनियों, गादियों और मनश्शे के आधे गोत्र के लोगों को निर्वासित करके हलह, हाबोर और हारा और गोजान नदी तक ले आया, जहां वे आज के दिन तक है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)