पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 6 / 29
1 इतिहास 6
1लेवी के पुत्र ये थेः गेर्शोन, कहात और मरारी।
2और कहात के पुत्र थे, अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल।
3और अम्राम की सन्तान थे, हारून, मूसा और मरियम। और हारून के पुत्र थे नादाब, अबीहू, एलीआजार, और ईतामार।
4एलीआज़ार से पीनहास, पीनहास से अबीशू,
5अबीशू, से बुक्की, बुक्की से उज्जी,
6उज्जी से जर“याह, जर“याह से मरायोत,
7मरायोत से अमर्याह, और अमर्याह से अहीतूब,
8अहीतूब से सादोक, सादोक से अहीमास,
9अहीमास से अज़र्याह, अजर्याह से योहानान,
10और योहानान से अजर्याह उत्पन्न हुआ। यह वही है जिसने यरूशलेम में सुलैमान द्वारा बनाए गए भवन में याजक का काम किया था।
11और अजर्याह से अमर्याह,अमर्याह से अहीतूब,
12अहीतूब से सादोक, सादोक से शल्लूम,
13शल्लूम से हिलकिय्याह, और हिलकिय्याह से अज़र्याह,
14और अजर्याह से सरायाह, और सरायाह से यहोसादाक उत्पन्न हुआ।
15और यहोवा जब, यहूदा ओर यरूशलेम को नबूकदनेस्सर के द्वारा निर्वासन में ले गया तब यहोसादाक साथ गया।
16लेवी के पुत्र ये थेः गेर्शोम, कहात और मरारी।
17और गेर्शोम के पुत्रों के नाम लिब्नी और शिमी थे।
18और कहात के पुत्र थे, अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल।
19मरारी के पुत्र महली और मूशी थे। और लेवियों के कुल अपने पूर्वजों के घरानों के अनुसार ये हुए।
20गेर्शोम सेः उसका पुत्र लिब्नी, लिब्नी से यहत, यहत से जिम्मा,
21जिम्मा से योआह और योआह से इद्दो, इद्दो से जरह, और जेरह से यातरै उत्पन्न हुआ।
22और कहात के वंशज ये थेः उससे उसका पुत्र अम्मीनादाब, अम्मीनादाब से कोरह, कोरह से अस्सीर,
23अस्सीर से एल्काना, एल्काना से एब्यासाप, एब्यासाप से अस्सीर,
24अस्सीर से तहत, तहत से ऊरीएल, ऊरीएल से उज्जियाह, और उज्जियाह से शाऊल उत्पन्न हुआ।
25और एल्काना के पुत्र ये थेः अमासै और अहीमोत।
26फिर एल्काना, एल्काना के वंशज ये थे: सोपै से नहत,
27नहत से एलीआब, एलीआब से यरोहाम, और यरोहाम से एल्काना उत्पन्न हूआ।
28और शमूएल के पुत्र थे, उसका ज्येष्ठ पुत्र गोएल और दूसरा अबिय्याह।
29मरारी के वंशज ये थेः महली से लिब्नी, लिब्नी से शिमी, शिमी से उज्जा,
30उज्जा से शिमा, शिमा से हग्गिय्याह, और हग्गिय्याह से असायाह उत्पन्न हुआ।
31फिर ये वे हैं जिन्हें दाऊद ने यहोवा के भवन में सन्दूक के रखे जाने के बाद, वहां गायन सेवा के लिए नियुक्त किया।
32जब तक सुलैमान ने यरूशलेम में यहोवा का भवन न बनवा दिया तब तक ये मिलापवाले तम्बू के निवास के सामने गायन द्वारा सेवा किया करते थे। और वे अपने पद पर क्रमानुसार सेवा किया करते थे।।
33जो अपने पुत्रों समेत सेवकाई करते थे वे ये हैः कहातियों के पुत्रों में से गायक हेमान, जो योएल से, जो शमूएल से,
34जो एल्काना से, जो यरोहाम से, जो एलीएल से, जो तोह से,
35जो सूप से, जो एल्काना से, जो महत से, जो अमासै से,
36जो एल्काना से, जो योएल से, जो अज़र्याह से, जो सपन्याह से,
37जो तहत से, जो अस्सीर से, जो एव्यासाप से, जो कोरह से,
38जो यिसहार से, जो कहात से, जो लेवी से, जो इस्राएल से उत्पन्न हुआ।
39और हेमान का भाई असाप उसके दाहिने खड़ा हुआ करता था। असाप तो बेरेक्याह से, जो शिमा से,
40जो मीकाएल से , जो बासेयाह से, जो मल्किय्याह से,
41जो एत्नी से, जो जेरह से, जो अदायाह से,
42जो एतान से, जो जिम्मा से, जो शिमी से,
43जो यहत से, जो गेर्शोम से, जो लेवी से उत्पन्न हुआ।
44बाईं ओर उनके कुटुम्बी अर्थात् मरारी के वंशज थेः एतान, जो कीशी से, जो अब्दी से, जो मल्लूक से,
45जो हशब्याह से, जो अमस्याह से, जो हिलकिय्याह से,
46जो अमसी से, जो बानी से, जो शेमेर से,
47जो महली से, जो मूशी से, जो मरारी से, जो लेवी से उत्पन्न हुआ।
48और उनके लेवीय भाई परमेश्वर के भवन के निवास की सम्पूर्ण सेवकाई के लिए नियुक्त थे।
49परन्तु परमेश्वर के दास मूसा की आज्ञा के अनुसार हारून और उसके वंशज होमबलि की वेदी और धूप की वेदी पर बलिदान चढ़ाते, परमपवित्र स्थान का सब कार्य करते, और इस्राएल के लिए प्रायश्चित्त किया करते थे।
50और हारून के वंशज ये थेः उसके पुत्र एलीआजार से पीनहास, पीनहास से अबीशू,
51अबीशू से बुक्की, बुक्की से उज्जी, उज्जी से जर“याह,
52जर“याह से मरायोत, मरायोत से अमर्याह, अमर्याह से अहीतूब,
53अहीतूब से सादोक, और सादोक से अहीमास उत्पन्न हुआ।
54उनकी छावनियों के अनुसार उनकी सीमाओं के भीतर उनकी बस्तियां ये थीं: हारून की सन्तान में से कहातियों के घरानों को, क्योंकि उनके नाम पहली चिट्ठी निकली,
55यहूदा देश में आसपास के चरागाहों सहित हेब्रोन दिया गया,
56पर उस नगर के गांव और खेत यपुन्ने के पुत्र कालेब को दिए गए।
57और हारून की सन्तान को ये शरणनगर, अर्थात् हेब्रोन, चरागाहों सहित लिब्ना, यत्तीर, चरागाहों समेत एशतमो,
58चरागाहों सहित हीलेन, चरागाहों सहित दबीर,
59चरागाहों सहित आशान, चरागाहों सहित बेत- शेमेश,
60और बिन्यामीन के गोत्र के हिस्से में सेः चरागाहों सहित गेबा, अल्लेमेत और अनातोत दिए गए। उनके सब घरानों के कुल तेरह नगर थे।
61तब शेष कहातियों के चिट्ठी डालकर गोत्र के घराने में से, वरन् आधे गोत्र में से, अर्थात् मनश्शे के आधे भाग में से दस नगर दिए गए।
62और गेर्शोम-वंशियों को उनके घरानों के अनुसार इस्साकार, आशेर, नप्ताली, और मनश्शे के गोत्रों के भाग में से बाशान में तेरह नगर दिए गए।
63और मरारी-वंशियो को उनके घरानों के अनुसार रूबेन, गाद, और जबूलून के गोत्रों के भाग में से बारह नगर दिए गए।
64इस प्रकार इस्राएलियों ने लेवियों को चरागाह समेत नगर दिए।
65उन्होंने यहूदियों, शिमोनियों, और बिन्यामीनियों के गोत्रों के भाग में से चिट्ठी डालकर ये नगर दिए, जिनका उल्लेख नाम लेकर किया गया है।
66कहात-वंशियों के कुछ घरानों को उनके भाग के नगर एप्रैम के गोत्र के भाग में से मिलेः
67उनको ये शरणनगर मिलेः एप्रैम के पहाड़ी देश का शकेम और उसके चरागाह, गेजेर और उसके चरागाह,
68योकमाम और उसके चरागाह, बेत-होरोन और उसके चरागाह,
69अय्यालोन और उसके चरागाह, तथा गत-रिम्मोन और उसके चरागाह;
70और कहातियों के शेष घराने के लिए मनश्शे के आधे गोत्र के भाग में सेः आनेर और उसके चरागाह तथा बिलाम और उसके चरागाह।
71गेर्शोम-वंशियों को मनश्शे के आधे गोत्र के घराने के भाग में सेः अपनी-अपनी चरागाहों सहित बाशान का गोलान तथा अश्तारोत और उसके चरागाह;
72और इस्साकार के गोत्र के भाग में सेः अपनी-अपनी चरागाहों सहित केदेश, दाबरात,
73रामोत, और आनेम;
74और आशेर के गोत्र के भाग में सेः अपनी-अपनी चरागाहों सहित माशाल, अब्दोन,
75हूकोक, और रहोब;
76और नप्ताली के गोत्र के भाग में सेः अपनी-अपनी चरागाहों सहित गलीली केदेश, हम्मोन, और किर्यातैम मिले।
77शेष लेवियों अर्थात् मरारी-वंशियों को जबूलून के गोत्र के भाग में सेः अपनी-अपनी चरागाहों सहित रिम्मोन और ताबोर;
78और यरीहो के पास यरदन पार अर्थात् यरदन के पूर्व रूबेन के गोत्र के भाग में सेः अपनी अपनी चरागाहों सहित जंगल में का बेसेर, यहसा,
79कदेमोत, और मेपाता;
80और गाद के गोत्र के भाग में सेः अपनी-अपनी चरागाहों सहित गिलात का रामोत, महनैम,
81हेशाबोन, और याजेर दिए गए।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)