पुराना नियम · 1 इतिहास · अध्याय 4 / 29
1 इतिहास 4
1यहूदा के वंशज ये थेः पेरेस, हेस्रोन, कर्मी, हूर, और शोबाल।
2और शोबाल के पुत्र रायाह से यहत, और यहत से अहूमै और लहद उत्पन्न हुए। ये ही सोराई के घराने हुए।
3और एताम के वंशज ये थेः यिज्रेल, यिश्मा और यिदबाश। उनकी बहन का नाम हस्सलेलपोनी था।
4पनूएल से गेदोर, और एज़ेर से रूशा उत्पन्न हुआ। ये बैतलहम के पिता एप्राता के ज्येष्ठ पुत्र हूर के वंशज थे।
5तको के पिता अशहूर के हेला और नारा नामक दो पत्नियां थी।
6और नारा से अहुज्जाम, हेपेर, तेमनी, और हाहशतारी उत्पन्न हुए, नारा के ये ही पुत्र हुए।
7और हेला के पुत्र सेरेत, यिसहर और एत्नान थे।
8कोस से आनूब और सोबेबा उत्पन्न हुए, और हारूम के पुत्र अहर्हेल के घराने भी उसी से निकले।
9याबेस अपने भाइयों में अधिक प्रतिष्ठित था, और उसकी माता ने यह कहकर उसका नाम याबेस रखा, “मैंने तो पीड़ा के साथ इसे उत्पन्न किया।
10और याबेस ने इस्राएल के परमेश्वर को यह कहकर पुकारा, “भला होता कि तू सचमुच मुझे आशीष देता, और मेरी सीमा को बढ़ाता, और तेरा हाथ मेरे साथ रहता, और तू मुझे हानि से ऐसा बचाता कि मुझे उससे पीड़ा न होती।” और जो कुछ उसने मांगा था, परमेश्वर ने उसे दिया।
11और शूहा के भाई कलूब से एशतोन का पिता महीर उत्पन्न हुआ।
12और एशतोन से बेत-रापा, पासेह, तथा ईर्नाहाश का पिता तहिन्ना उत्पन्न हुए। रेका के लोग तो ये ही है।
13कनज के पुत्र ओत्नीएल और सरायाह थे। और ओत्नीएल का पुत्र हतत था।
14मानोतै से ओप्रा, और सरायाह से गेहराशीम का पिता योआब उत्पन्न हुए। वे शिल्पी थे।
15यपुन्ने के पुत्र कालेब के पुत्र इरफ़, एला और नाम थे, और एला का पुत्र कनज था।
16यहल्लेल के पुत्र जीप, जीपा, तीरया और असरेल थे।
18एज्रा के पुत्र ये थेः येतेर, मेरेद, एपेर, और यालोन। मेरेद ने फि़रौन की पुत्री बित्या को ब्याह लिया था। ये उसके पुत्र थे। वह गर्भवती हुई और उसने मिर्य्याम, शम्मै और यिशबह को जन्म दिया जो एशतमो का पिता था। और उसकी यहूदिन पत्नी से गदोर के पिता येरेद, सोको के पिता हेबेर, और जानोह के पिता यकूतीएल उत्पन्न हुए।
19और होदिय्याह की पत्नी अर्थात् नहम की बहन के पुत्र से गेरेमी कीला और माकाई एशतमो उत्पन्न हुए।
20शीमोन के पुत्र थेः अम्नोन, रिन्ना, बेन्हानान और तीलोन। यिशी के पुत्र जोहेत और बेन-जोहेत थे।
21यहूदा के पुत्र शेला के वंशज ये थेः लेका का पिता एर, मारेशा का पिता लादा, और बेत-अशबे में मलमल के कारीगरों के कुल के घराने,
22योकीम, कोजेबा के मनुष्य, योआश और सराप, जो मोआब पर शासन करते थे, और याशूब-लेहेम। इनका इतिहास पुराना है।
23ये कुम्हार थे, और नताईम और गदेरा के निवासी थे; और वहां वे राजा के साथ रहकर उसका काम-काज करते थे।
24शिमोन के पुत्र ये थेः नमूएल, यामीन, यारीब, जेरह, शाऊल;
25और शाऊल से शल्लूम, शल्लूम से मिबसाम, और मिबसाम से मिश्मा उत्पन्न हुआ।
26और मिश्मा के वंशज ये थेः उसका पुत्र हम्मूएल, पोता जक्कूर, और परपोता शिमी।
27शिमी के सोलह पुत्र और छः पुत्रियां थीं, पर उसके भाइयों के अधिक पुत्र नहीं थे, और न ही उनका वंश यहूदा-वंशियों के बराबर बढ़ा।
28वे बेर्शेबा, मोलादा, हसर्शूआल,
29बिल्हा, एसेम, तोलाद,
30बतुएल, होर्मा, सिकलग।
31बेत- मर्काबोत, हसर्सूसीम, बेत-बिरी, और शारैम में बस गए। और दाऊद के शासनकाल तक उनके ये ही नगर थे।
32उनके गांव एतान, ऐन, रिम्मोन, तोकेन और आशान के पास थे, अर्थात् ये पांच नगर
33और बाल तक के वे सब गांव जो इन नगरों के आसपास थे इन्हीं स्थानों में वे बसे, और उन्होनें वंशावली का विवरण भी रखा।
34मशोबाब, यम्लेक, अमस्याह का पुत्र योशा,
35योएल, योशिब्याह का पुत्र येहू, जो सरायाह का पोता और असीएल का परपोता था,
36एल्योएनै, याकोबा, यशोहायाह, असायाह, अदीएल, यसीमीएल, बनायाह,
37जीजा, जो शिपी से, जो अल्लोन से, जो यदायाह से, जो शिम्री से, जो शमायाह से उत्पन्न हुआ-
38ये जिनका उल्लेख नाम लेकर किया गया है, अपने घरानों के प्रधान थे, और उनके पितरों के घरानों में बहुत वृद्धि हुई।
39वे अपनी भेड़-बकरियों के झुंडों के लिए चरागाह की खोज में गदोर के दर्रा अर्थात् घाटी के पूर्व तक चले गए।
40वहां उन्हें उत्तम से उत्तम चरागाह मिली; और देश लम्बा-चौड़ा तथा शान्ति और चैन से भरा था। वहां के पूर्व निवासी हाम के वंशज थे।
41और जिनका उल्लेख नाम लेकर किया गया है, उन्होंने यहूदा के राजा हिजकिय्याह के दिनों में वहां आकर वहां के मूनी लोगों के तम्बूओं पर आक्रमण करके उनका ऐसा सर्वनाश कर डाला कि आज तक उनका पता नहीं है, और उनके स्थान में रहने लगे; क्योंकि वहां उनकी भेड़ बकरियों के झुंडों के लिए चरागाह थी।
42और उनमें से अर्थात् शिमोन के पुत्रों में से, पांच सौ पुरूष और पलत्याह, नार्याह, रपायाह उज्जीएल नामक यिशी के पुत्रों के साथ प्रधान होकर सेईर पर्वत को गए।
43और शेष अमालेकियों को जो बच गए थे, उन्होंने मारा और आज के दिन तक वहां रहते आ रहे है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)