नया नियम · 1 यूहन्ना · अध्याय 1 / 5
1 यूहन्ना 1
1उस जीवन के वचन के सम्बन्ध में जो आदि से था, जिसे हमने सुना, जिसे हमने अपनी आंखों से देखा, वरन् जिसे ध्यानपूर्वक देखा और हमारे हाथों ने स्पर्श किया-
2वह जीवन प्रकट हुआ; हमने उसे देखा है और उसकी साक्षी देते है, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार सुनाते हैं जो पिता के साथ था और हम पर प्रकट हुआ-
3जिसे हमने देखा और सुना, उसी का समाचार हम तुम्हें भी सुनाते हैं, कि तुम भी हमारे साथ सहभागिता रखो; वास्तव में हमारी यह सहभागिता पिता के और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है।
4और ये बातें हम इसलिए लिखते हैं कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।
5वह समाचार जो हमने उस से सुना है और तुमको सुनाते हैं, वह यह है, कि परमेश्वर ज्योति है और उसमें कुछ भी अन्धकार नही।
6यदि हम कहेंं कि उसके साथ हमारी सहभगिता है फिर भी अन्धकार में चलें, तो हम झूठ बोलते हैं और सत्य पर आचरण नहीं करतेे;
7परन्तु यदि हम ज्योति में चलें जैसा वह स्वयं ज्योति में है, तो हमारी सहभागिता एक दूसरे से है, और उसके पुत्र यीशु का लहू हमें सब पाप से शुद्ध करता है।
8यदि हम कहें कि हम में पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं, और हम में सत्य नहीं है।
9यदि हम अपने पापों को मान लें तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
10यदि हम कहें कि हमने पाप नहीं किया तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नही।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)