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पुराना नियम · 1 राजा · अध्याय 4 / 22

1 राजा 4

1राजा सुलैमान तो समस्त इस्राएल का राजा था।

2और उसके अधिकारी ये थेः सादोक का पुत्र अजर्याह, याजक था।

3शीशा के पुत्र एलीहोरेप और अहिय्याह, सचिव थे। अहीलूद का पुत्र यहोशापात, लिपिक था;

4और यहोयादा का पुत्र बनायाह, सेनापति था; और सादोक और एब्यातार, याजक थे।

5और नातान का पुत्र अजर्याह इन उप-प्रधानों का मुखिया था। और नातान का पुत्र जाबूद, याजक तथा राजा का मित्र था।

6और अहीशार राज-परिवार के ऊपर था और अब्दा का पुत्र अदोनीराम बेगारों के ऊपर मुखिया था।

7और सम्पूर्ण इस्राएल में सुलैमान के बारह भंडारी थे, जो राजा और उसके घराने के लिए भोजन का प्रबन्ध करते थे। प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में एक महीने का प्रबन्ध करना होता था।

8और उनके नाम ये थेः एप्रैम के पहाड़ी प्रदेश में बेन-हूर;

9माकस और शाल्बीम और बेत-शेमेश और एलोनबेत-हनान में बेन-देकर;

10अरफ़ब्बोत में बेन-हेसेद (उसके अधिकार में सोको और हेपेर का समस्त देश था),

11दोर के समस्त ऊंचे देश में बेन-अबीनादाब (सुलैमान की बेटी तापत उसकी पत्नी थी);

12अहीलूद का पुत्र बाना, तानाक और मगिद्दो और बेत-शान में अधिकारी था, जो सारतान के पास यिज्रेल के नीचे और बेत-शान से लेकर आबेल-महोला तक अर्थात् योकमाम के दूसरी ओर तक है।

13बेन-गेबेर रामोत गिलाद में था, जिसके अधिकार में मनश्शेई याईर के गिलाद के गांव थे, अर्थात् इसी के अधिकार में बाशान के अर्गोव का देश था जिसमें शहरपनाह और कांसे के बेंड़े वाले साठ बड़े-बड़े नगर थे।

14इद्दो का पुत्र अहीनादाब, महनैम में था।

15अहीमास नप्ताली में था (उसी ने सुलैमान की पुत्री बासमत से विवाह किया था)।

16आशेर और आलोत में हूशै का पुत्र बाना;

17इस्साकार में पारूह का पुत्र यहोशापात;

18बिन्यामीन में एला का पुत्र शिमी;

19ऊरी का पुत्र गेबेर, गिलाद में अर्थात् एमोरियों के राजा सीहोन और बाशान के राजा ओग के देश में था और समस्त देश में वही भण्डारी था।

20यहूदा और इस्राएल के लोग समुद्र के किनारे की बालू की भांति असंख्य थे। वे खाते-पीते और आनन्द मनाते थे।

21सुलैमान तो फ़रात नदी से लेकर पलिश्तियों के देश और मिस्र की सीमा तक के सब राज्यों पर राज्य करता था। वहां के लोग सुलैमान के जीवन भर उसके लिए भेंट लाते और उसकी सेवा करते थे।

22और सुलैमान के घराने के भोजन में एक दिन के लिए तीस कोर मैदा और साठ कोर आटा,

23दस मोटे-मोटे बैल और चराइयों में से बीस बैल और सौ भेड़ों के अतिरिक्त हरिण, चिकारे, मृग और मोटे ताजे मुर्गे आदि लगते थे।

24क्योंकि फ़रात नदी के पश्चिमी ओर के समस्त देशों पर अर्थात् तिप्सह से लेकर गाजा तक के सब राजाओं पर सुलैमान राज्य करता था और उसके चारों ओर शान्ति थी।

25और सुलैमान के जीवन भर दान से बेर्शेबा तक के सब यहूदी और इस्राएल अपनी-अपनी दाखलता और अंजीर के वृक्ष के तले सुरक्षित रहते थे।

26फिर सुलैमान के रथों के घोड़ों के लिए चालीस हजार घुड़साल और बारह हजार सवार थे।

27और वे भण्डारी अपने-अपने महीने में राजा सुलैमान और जितने उसकी मेज पर आते थे उन सबके लिए भोजन का प्रबन्ध करते थे; वे उनको किसी वस्तु की घटी नहीं होने देते थे।

28वे घोड़ों और वेग गति वाले घोड़ों के लिए जौ और भूसा आदि को जहां प्रयोजन होता था वहां आज्ञा के अनुसार अपनी-अपनी बारी से पहुंचाते थेे।

29और परमेश्वर ने सुलैमान को बुद्धि और अत्यधिक समझ दी और उसके हृदय को समुद्र तट जैसा विशाल किया।

30और सुलैमान की बुद्धि पूरब के सब निवासियों और मिस्रियों की बुद्धि से कहीं अधिक हो गई।

31वह तो सब मनुष्यों अर्थात् एज्रेही एतान और माहोल के पुत्र हेमान, कलकोल और दर्दा से भी अधिक बुद्धिमान था। और उसकी प्रसिद्धि चारों ओर सब जातियों में फैल गई।

32उसने तीन हजार नीतिवचन भी कहे और उसके गीत एक हजार पांच थे।

33फिर उसने पेड़ों अर्थात् लेबनोन के देवदार से लेकर दीवार पर उगने वाले जूफे तक का वर्णन किया। उसने पशु-पक्षियों और रेंगने वाले जन्तुओं और मछलियों का भी वर्णन किया।

34और सब जातियों में से और पृथ्वी के सब राजाओं में से जिन्होंने उसकी बुद्धि की चर्चा सुन रखी थी, लोग सुलैमान की बुद्धि की बातें सुनने के लिए आते थे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)