पुराना नियम · 1 शमूएल · अध्याय 21 / 31
1 शमूएल 21
1तब दाऊद नोब में अहीमेलेक याजक के पास आया। अहीमेलेक दाऊद से भेंट करने कांपते-कांपते आया, और उससे कहा, “तू अकेला क्यों है? और तेरे साथ कोई क्यों नहीं है?”
2दाऊद ने अहीमेलेक याजक से कहा, “राजा ने मुझे एक विशेष काम सौंपकर मुझसे कहा है, ‘जिस काम के लिए मैंने तुझे भेजा है और जो आज्ञा मैंने तुझे दी है उनके विषय में किसी को कानों कान पता लगने न पाए।’ मैंने जवानों को किसी स्थान पर जाने का निर्देश दिया है।
3अब बताः तेरे हाथ में क्या है? मुझे पांच रोटियां या जो कुछ भी मिले वही दे।”
4याजक ने दाऊद को उत्तर दिया, “साधारण रोटियां मेरे पास नहीं हैं, परन्तु पवित्र की गई रोटियां तो है। केवल इतना ध्यान रखना कि जवानों ने अपने को स्त्रियों से अलग रखा हो।”
5तब दाऊद ने याजक से कहा, “निस्सन्देह जैसा मेरी यात्रा के समय सर्वदा होता है इस बार भी स्त्रियों को हमारे पास आने नहीं दिया गया। जब कि साधारण यात्रा में भी जवानों के पात्र पवित्र रहते हैं तो आज और अधिक क्यों न होंगे?”
6अतः याजक ने उसको पवित्र रोटी दे दी क्योंकि वहां भेंट की रोटी के अतिरिक्त अन्य रोटी नहीं थी। यह रोटी यहोवा के सामने से हटाई जा चुकी थी जिससे कि उसके स्थान में गरम रोटी रखी जा सके।
7उस दिन शाऊल का एक कर्मचारी वहां उपस्थित था। वह यहोवा के सामने देर तक ठहरा था। उसका नाम एदोमी दोएग था जो शाऊल के चरवाहों का प्रधान था।
8दाऊद ने अहीमेलेक से कहा, “क्या यहां कोई भाला या तलवार नहीं है? क्योंकि देख, राजा का कार्य अत्यावश्यक था इस कारण मैं न अपनी तलवार, और न ही कोई हथियार साथ लाया।”
9तब याजक ने कहा, “जिस पलिश्ती गोलियत को तूने एला की घाटी में मारा था, देख, उसी की तलवार कपड़े में लिपटी हुई एपोद के पीछे रखी है। यदि तू उसे लेना चाहे तो ले ले, क्योंकि उसके अतिरिक्त यहां दूसरी नहीं है।” दाऊद ने कहा, “इससे बढ़कर और कोई नहीं, वही मुझे दे।”
10तब दाऊद उठा और उसी दिन शाऊल को छोड़कर, गत के राजा आकीश के पास भाग आया।
11परन्तु आकीश के कर्मचारियों ने उस से कहा, “क्या यह उस देश का राजा दाऊद नहीं? क्या लोगों ने नाच-नाच कर इसी के विषय में नही गाया था कि, ‘शाऊल ने मारा हज़ारों को, दाऊद ने मारा लाखों को’?”
12ये शब्द दाऊद के मन में लग गए, और वह गत के राजा आकीश से अत्यन्त डर गया।
13अतः उसने उनके सामने पागलपन का स्वांग रचा, और पागलों जैसा व्यवहार करने लगा। वह फाटक के पल्लों पर लकीरें खींचने और दाढ़ी पर लार भी बहाने लगा।
14आकीश ने अपने कर्मचारियो से कहा, “देखो, यह मनुष्य तो पागलों जैसा व्यवहार कर रहा है। तुम इसे मेरे पास क्यों लाए हो?
15क्या मेरे पास पागलों की कमी है, कि तुम उसे मेरे सामने उसका पागलपन करवाने लाए हो? क्या वह मेरे घर के भीतर आने पाएगा?”
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)