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पुराना नियम · 1 शमूएल · अध्याय 8 / 31

1 शमूएल 8

1जब शमूएल बूढ़ा हो गया तब उसने अपने पुत्रों को इस्राएल पर न्यायी नियुक्त किया।

2उसके पहलौठे पुत्र का नाम योएल, तथा दूसरे का नाम अबिय्याह था। वे दोनों बेर्शेबा में न्याय करते थे।

3परन्तु उसके पुत्र उसके मार्गों पर नहीं चले, वरन् उनसे हटकर बेईमानी से लाभ कमाने, घूस लेने तथा न्याय बिगाड़ने में लग गए।

4तब इस्राएल के सब प्राचीन एक साथ एकत्रित होकर रामा में शमूएल के पास आए,

5और उन्होंने उससे कहा, “देख, तू तो बूढ़ा हो गया है, और तेरे पुत्र तेरे मार्गों पर नहीं चलते। इसलिए, अब सब जातियों के समान हमारा न्याय करने के लिए हमारे लिए भी एक राजा नियुक्त कर।”

6जब उन्होंने कहा, “हमारा न्याय करने के लिए हमको राजा दे,” तब यह बात शमूएल को अच्छी नहीं लगी। अतः उसने यहोवा से प्रार्थना की।

7तब यहोवा ने शमूएल से कहा, “लोग जो कुछ तुझसे कहते हैं, सुन ले, क्योंकि उन्होंने तेरा नहीं, वरन् अपने ऊपर राजा होने के लिए मेरा ही तिरस्कार किया है।

8जिस दिन से मैं उन्हें मिस्र से निकाल लाया उस दिन से आज तक उन्होंने मुझे अपने सब कामों में त्याग दिया है, और दूसरे देवताओं की सेवा की है। उसी प्रकार, वे तुझसे भी कर रहे है।

9इसलिए, अब तू उनकी बातें सुन। फिर भी, तू उन्हें गम्भीरता से चिता, और समझा कि जो राजा उन पर राज्य करेगा उसका व्यवहार कैसा होगा।”

10अतः शमूएल ने यहोवा की सब बातें उन लोगाें को कह सुनाईं, जिन्होंने उससे राजा की मांग की थी।

11उसने कहा, “जो राजा तुम पर राज्य करेगा उसका ऐसा व्यवहार होगाः वह तुम्हारे पुत्रों को लेकर अपने लिए रथों में सेवक तथा घुड़सवार बनाकर रखेगा, और वे उसके रथों के आगे-आगे दौड़ेंगे।

12फिर वह कुछ लोगों को हज़ारझ़ार और पचास-पचास पर प्रधान नियुक्त करेगा, और कुछ लोगों को अपने खेतों में हल चलाने, अपनी फसल काटने, अपने युद्ध के अस्त्र- शस्त्र बनाने और रथों के साज-सामान बनाने के लिए रखेगा।

13तुम्हारी पुत्रियों को लेकर उनसे सुगन्धित इत्र, रसोई और रोटियां बनवाएगा।

14वह तुम्हारे सर्वोत्तम खेतों, अंगूर की बारियों तथा जेैतून के उघानों को लेकर अपने कर्मचारियों को देगा।

15वह तुम्हारे अनाज और दाख की बारियों की फसलों का दशमांश लेकर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को देगा

16वह तुम्हारे दास, तुम्हारी दासियों, तुम्हारे सर्वोत्तम जवानों और गदहों को लेकर अपने ही काम पर लगाएगा।

17वह तुम्हारे भेड़-बकरियों का दशमांश भी लेगा। तुम भी उसके दास बन जाओगे।

18तब तुम उस दिन अपने ही चुने हुए राजा के कारण पुकारोगे, परन्तु यहोवा तुम्हारी नहीं सुनेगा।”

19फिर भी लोगों ने शमूएल की बातें सुनने से इनकार कर दिया और उन्होंने कहा, “नहीं, हमारे ऊपर राजा ही हो,

20कि हम भी सब जातियों के समान हो जाए। हमारा राजा हमारा न्याय करे, और हमारे आगे-आगे चलकर हमारे लिए युद्ध करे।”

21लोगों की सब बातें सुनकर शमूएल ने यहोवा से कह दी।

22तब यहोवा ने शमूएल से कहा, “उनकी बात मानकर उनके लिए एक राजा नियुक्त कर दे।” तब शमूएल ने इस्राएल के सब मनुष्यों से कहा, “तुम सब अपने-अपने नगर को लौट जाओ।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)