Loading account

पुराना नियम · 2 इतिहास · अध्याय 2 / 36

2 इतिहास 2

1अब सुलैमान ने यहोवा के नाम का एक भवन तथा अपने लिए एक राजमहल बनाने का निश्चय किया।

2अतः सुलैमान ने बोझ ढोने के लिए सत्तर हजार, पहाड़ों से पत्थर निकालने के लिए अस्सी हजार और उनके कार्यों का निरीक्षण करने के लिए तीन हजार छः सौ मनुष्य लगाए।

3तब सुलैमान ने सोर के राजा हूराम के पास यह सन्देश भेजा, “जैसा तूने मेरे पिता दाऊद के साथ किया और उसके पास देवदार की लकड़ी भेजी कि उससे वह अपने रहने के लिए एक भवन बनाए, वैसा ही तू मेरे साथ भी कर।

4देख, मैं अपने यहोवा परमेश्वर के नाम का एक भवन बनाने वाला हूं कि उसे उसको समर्पित करूं जिससे उसके सम्मुख सुगंधित धूप जलाई जाए, नित्य उसमें भेंट की रोटी रखी जाए तथा विश्रामवारों, नए चांद के दिनों में और हमारे यहोवा परमेश्वर के सब नियत पर्वों पर प्रातः और सायं होमबलियां चढ़ाई जाए। क्योंकि यह इस्राएल में सदा की विधि है।

5और वह भवन जो मैं बनाने पर हूं, विशाल होगा, क्योंकि हमारा परमेश्वर सब देवताओं से महान् है।

6परन्तु कौन उसके लिए भवन बनाने के योग्य है, क्योंकि वह तो आकाश वरन् सर्वोच्च आकाश में भी नहीें समा सकता? अतः मैं कौन हूं कि उसके सामने धूप जलाने के अतिरिक्त और किसी उद्देश्य से उसके लिए भवन बनाऊं?

7अतः अब तू मेरे पास एक कारीगर को भेज दे जो सोने, चांदी, कांसा और लोहे तथा बैंजनी, लाल और नीले कपड़ों की कारीगरी में निपुण हो और नक्काशी का काम भी जानता हो; जिससे कि वह मेरे पिता दाऊद द्वारा दिए गए उन कारीगरों के साथ काम कर सके जो मेरे पास यहूदा और यरूशलेम में है।

8और लेबनोन से मेरे पास देवदार, सनोवर तथा चंदन की लकड़ी भेजना, क्योंकि मैं जानता हूं कि तेरे दास लेबनोन की लकड़ी काटने में दक्ष हैं; निःसन्देह, मेरे दास तेरे दासों के साथ रहकर कार्य करेंगे,

9कि वे प्रचुर मात्र में मेरे लिए इमारती लकड़ी तैयार कर सकें; क्योंकि जो भवन मैं बनाने वाला हूं, वह विशाल और अद्भुत होगा।

10देख, मैं लकड़ी काटने वाले तेरे दासों को बीस हजार कोर कूटा हुआ गेहूं, बीस हजार कोर जौ, बीस हजार बत अंगूर का रस और बीस हजार बत तेल दूंगा।”

11तब सोर के राजा हूराम ने सुलैमान को पत्र भेजकर उत्तर दियाः “यहोवा अपने लोगों से प्रेम करता है, इसलिए उसने तुझे उन पर राजा नियुक्त किया है।”

12और हूराम ने आगे कहा, “धन्य है इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसने स्वर्ग और पृथ्वी की सृष्टि की और जिसने राजा दाऊद को बुद्धिमान, चतुर और समझदार पुत्र दिया है कि वह यहोवा के लिए एक भवन तथा स्वयं के लिए एक राजमहल बनाए।

13अतः अब मैं हूराम-अबी नामक एक निपुण और समझदार व्यक्ति को तेरे पास भेज रहा हूं,

14जो दान-वंशी माता का बेटा है और जिसका पिता सोर का था। वह सोने, चांदी, कांसे, लोहे, पत्थर और लकड़ी पर; तथा बैंजनी, नीले, लाल कपड़े और मलमल के काम में निपुण और हर प्रकार की नक्काशी और दी गई किसी भी शिल्प-कला के कार्य को करने में दक्ष है, जिससे कि वह तेरे तथा तेरे पिता मेरे प्रभु दाऊद के कुशल कारीगरों के साथ काम करे।

15अतः मेरे प्रभु ने जो गेहूं, जौ, तेल और दाखरस के भेजने की चर्चा की है उसे अपने दासों के पास भेज दे।

16और जो भी लकड़ी तुझे लेबनोन से चाहिए, उसे हम काटेंगे और बेड़ें बनाकर समुद्री मार्ग से तेरे पास याफा तक पहुंचाएंगे कि तू उसे यरूशलेम तक ले जा सके।”

17तब सुलैमान ने इस्राएल देश में सब रहने वाले विदेशियों की जनगणना कराई, यह उसके पिता दाऊद की कराई हुई जनगणना के बाद हुई; और एक लाख तिरपन हजार छः सौ लोग निकले।

18उनमें से उसने बोझ ढोने के लिए सत्तर हजार, पहाड़ों से पत्थर निकालने के लिए अस्सी हजार और लोगों से काम कराने के लिए तीन हजार छः सौ मुखिये नियुक्त किए।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)