Loading account

पुराना नियम · 2 इतिहास · अध्याय 5 / 36

2 इतिहास 5

1इस प्रकार वह सब कार्य जो सुलैमान ने यहोवा के भवन के लिए करवाया, पूरा हो गया। और सुलैमान अपने पिता दाऊद की अर्पित की हुई वस्तुओं को, अर्थात् चांदी, सोने तथा सभी बर्तनों को भीतर ले आया, और उसने उन्हें परमेश्वर के भवन के कोषागार में रखवा दिया।

2तब सुलैमान ने इस्राएल के पुरनियों ओर गोत्रों के समस्त प्रधानों अर्थात् इस्राएलियो के पितृ-कुलों के मुखियों को यरूशलेम में इकट्ठा किया कि वे यहोवा की वाचा के सन्दूक को दाऊदनगर अर्थात् सिय्योन से ऊपर ले आए।

3और इस्राएल के सब पुरफ़ष पर्व के समय अर्थात् सातवें महीने में राजा के पास इकट्ठे हुए।

4फिर इस्राएल के सब पुरनिए आए, और लेवियों ने सन्दूक को उठाया।

5और वे सन्दूक को, मिलापवाले तम्बू को और उसमें के सभी पवित्र पात्रों को ऊपर उठा लाए। इनको लेवीय याजक ले आए।

6और राजा सुलैमान तथा उसके साथ सन्दूक के सामने एकत्रित इस्राएल मंडली ने इतने अधिक भेंड़ और बैल बलि किए कि उनका लेखा-जोखा नहीं रखा जा सकता था।

7तब याजकों ने यहोवा की वाचा के सन्दूक को लाकर उसके स्थान पर भवन के भीतरी कक्ष, अर्थात् परमपवित्र स्थान में करूबों के पंखो के नीचे रखा।

8क्योंकि सन्दूक के स्थान के ऊपर करूब अपने पंख इस प्रकार फैलाए हुए थे कि सन्दूक और उसके डंडे उनसे आच्छादित थे।

9और वे डंडे इतने लम्बे थे कि सन्दूक से निकले हुए उनके सिरे परमपवित्र स्थान के सामने तक दिखाई देते थे, परन्तु वे बाहर से नही दिखते थे। वे आज तक वहीं है।

10सन्दूक में उन दो पटियाओं के अतिरिक्त और कुछ न था जिन्हें मूसा ने होरेब में उसके भीतर तब रखा जब यहोवा ने इस्राएलियों के मिस्र से निकलने के बाद उनके साथ वाचा बांधी थी।

11फिर याजक पवित्रस्थान से निकले और उनमें से किसी एक दल के याजकों ने नहीं वरन् वहां उपस्थित सभी याजकों ने अपने आप को पवित्र किया था।

12और सभी लेवीय गवैये अर्थात् आसाप, हेमान, यदूतून तथा उनके पुत्र और सम्बन्धी, महीन मलमल पहने, झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिए हुए वेदी के पूर्व की ओर खड़े थे। उनमें एक साथ मिलकर तुरहियां बजाने वाले एक सौ बीस याजक भी थे।

13जब तुरही वादक और गायक एक स्वर में यहोवा की स्तुति और महिमा करने के लिए तुरहियों, झांझो और वाघों के साथ मिलकर एक स्वर में गा उठे और यह कहकर यहोवा की प्रशंसा करने लगे, “निश्चय वह भला है, क्योंकि उसकी करफ़णा सदा की है,” तब वह भवन अर्थात् यहोवा का भवन बादल से भर गया।

14अतः याजक उस बादल के कारण सेवा-टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा के तेज से परमेश्वर का भवन भर गया था।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)