Loading account

2 पतरस 1:21

क्योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई, परन्तु लोग पवित्र आत्मा की प्रेरणा द्वारा परमेश्वर की ओर से बोलते थे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: 2 पतरस 1

18और जब हम उसके साथ पवित्र पर्वत पर थे तो स्वयं हमने स्वर्ग से यही वाणी सुनी।

19अतः नबियों का जो वचन हमारे पास है, वह और भी अधिक प्रमाणित हुआ। इस पर ध्यान देकर तुम अच्छा करोगे मानो कि यह अंधेरे में चमकता हुआ एक दीपक है, जो उस समय तक चमकता है जब तक पौ न फटे और तुम्हारे हृदय में भोर का तारा उदय न हो।

20पर पहिले यह जान लो कि पवित्रशास्त्र की कोई भी भविष्यद्वाणी व्यक्तिगत विचारधारा का विजय नहीं है,

21क्योंकि कोई भी भविष्यद्वाणी मनुष्य की इच्छा से कभी नहीं हुई, परन्तु लोग पवित्र आत्मा की प्रेरणा द्वारा परमेश्वर की ओर से बोलते थे।

पूरा अध्याय पढ़ें: 2 पतरस 1

संबंधित पद

  • 2 तीमुथियुस 3:15–17

    और बचपन ही से पवित्रशास्त्र तेरा जाना हुआ है जो मसीह यीशु में विश्वास के द्वारा तुझे उद्धार पाने के लिए बुद्धि दे सकता है।

  • 1 पतरस 1:11

    वे इस बात की खोज में लगे हुए थे कि मसीह का आत्मा, जो हम में विघमान है और जिसने मसीह के दुखों व उसके पश्चात् होने वाली महिमा की भविष्यद्वाणी की है, वह किस व्यक्ति या किस समय की ओर संकेत कर रहा है।

  • लूका 1:70

    जैसा कि उसने प्राचीनकाल से अपने पवित्र नबियों के मुंह से कहलवाया था,

  • प्रेरितों के काम 1:16

    ‘‘भाइयो, पवित्रशास्त्र का लेख पूरा होना आवश्यक था जिसे दाऊद के मुख से पवित्र आत्मा ने यहूदा के विषय में पहिले से कहा था, जो यीशु के पकड़वाने वालों का अगुवा बना।

  • प्रेरितों के काम 3:18

    परन्तु जिन बातों को परमेश्वर सब नबियों के मुख से पहिले ही बता दिया था, कि उसका मसीह दुख उठाएगा, उसने इस रीति से पूर्ण किया।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).