पुराना नियम · आमोस · अध्याय 3 / 9
आमोस 3
1हे इस्राएलियो, यह वचन सुनो जो यहोवा ने तुम्हारे अर्थात् उस सम्पूर्ण कुल के विरफ़द्ध कहा है जिसे वह मिस्र देश से निकाल लायाः
2“पृथ्वी के सारे कुलों में से मैंने केवल तुम्हीं पर मन लगाया, इसलिए मैं तुम्हारे सारे अधर्म के लिए तुम्हें दण्ड दूंगा।”
3यदि दो व्यक्ति आपस में सहमत न हाें तो क्या वे साथ-साथ चल सकते हैं?
4क्या सिंह जंगल में शिकार पाए बिना दहाड़ता है? क्या जवान सिंह बिना कुछ पकड़े मांद में गुर्राता है?
5क्या भूमि पर बिछाए फन्दे में बिना चारा लगाए चिड़िया फंसेगी? क्या बिना कुछ फंसे, जाल भूमि पर से उचकेगा?
6यदि नगर में नरसिंगा फूंका जाए तो क्या लोग न थरथराएंगे? क्या यहोवा के द्वारा भेजे बिना किसी नगर पर विपत्ति पड़ेगी?
7निःसंदेह, प्रभु यहोवा जब तक अपने दास नबियों पर अपना भेद प्रकट नहीं करता तब तक वह कुछ भी नहीं करता।
8सिंह गरजा, तो कौन न डरेगा? प्रभु यहोवा बोला, तो कौन नबूवत न करेगा?
9अश्दोद के गढ़ों और मिस्र देश के गढ़ों के लिए यह घोषणा करोः “सामरिया के पर्वतों पर इकट्ठे हो जाओ और देखो कि उसके भीतर कैसा कोलाहल और उसके मध्य कैसा अत्याचार हो रहा है।
10क्योंकि वे उचित कार्य करना जानते ही नही। ये तो अपने गढ़ों में उपद्रव और डकैती का धन इकट्ठा करते हैं,” यहोवा की यही वाणी है।
11इसलिए प्रभु यहोवा यों कहता हैः “इस देश को घेरने वाला एक ही शत्रु तेरे बल को तोड़ डालेगा, और तेरे गढ़ लूट लिए जाएंगे।”
12यहोवा यों कहता हैः “जिस प्रकार चरवाहा सिंह के मुंह से दो टांगे या कान का टुकड़ा ही छुड़ा पाता है, उसी प्रकार सामरिया में रहने वाले इस्राएल भी केवल बिछौने के एक कोने और पलंग की एक चादर के साथ छुड़ाए जाएंगे।”
13प्रभु यहोवा, सेनाओं के परमेश्वर की यह वाणी हैः “सुनो और याकूब के घराने के विरफ़द्ध साक्षी दो!
14जिस दिन मैं इस्राएल को उसके अपराधों का दण्ड दूंगा, उसी दिन मैं बेत-एल की वेदियों पर भी दण्ड लाऊंगा, वेदी के सींग काट डाले जाएंगे, और वे भूमि पर गिर जाएंगे।
15मैं शीतकालीन भवन और ग्रीष्मकालीन भवन दोनों को ही ध्वस्त कर दूंगा। हाथीदांत के भवन भी नष्ट हो जाएंगे, और विशाल भवन नष्ट हो जाएंगे।” यहोवा की यही वाणी है।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)