इफिसियों 3:20
अब जो ऐसा सामर्थी है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में क्रियाशील है, कि हमारी विनती और कल्पना से कहीं अधिक बढ़कर कार्य कर सकता है,
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: इफिसियों 3
17और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में निवास करे कि तुम प्रेम में नींव डाल कर और जड़ पकड़ कर,
18सब पवित्र लोगों के साथ भली-भांति समझ सको कि उसकी चौड़ाई, लम्बाई, ऊंचाई और गहराई कितनी है,
19और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की समस्त परिपूर्णता तक भरपूर हो जाओ।
20अब जो ऐसा सामर्थी है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में क्रियाशील है, कि हमारी विनती और कल्पना से कहीं अधिक बढ़कर कार्य कर सकता है,
21उस परमेश्वर की महिमा कलीसिया में और मसीह यीशु में पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।
संबंधित पद
- 2 कुरिन्थियों 9:8
और परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है, जिससे कि तुम सदैव, सब बातों में परिपूर्ण रहो, और हर भले कार्य के लिए तुम्हारे पास भरपूरी से हो।
- रोमियों 4:21
और पूर्णतः आशवस्त हो गया कि जो प्रतिज्ञा उसने की थी, वह उसे पूरा करने में भी समर्थ है;
- यिर्मयाह 32:27
“देख, मैं सब प्राणियों का परमेश्वर यहोवा हूं, क्या मेरे लिए कोई काम कठिन है?”
- 1 कुरिन्थियों 2:9
पर जैसा लिखा है, ‘‘जिन बातों को आंख ने नहीं देखा और न कान ने सुना, और जो मनुष्य के हृदय में नहीं समाईं, उन्हीं को परमेश्वर ने अपने प्रेम करने वालों के लिए तैयार किया है।’’
- यहूदा 1:24
अब जो ठोकर खाने से तुम्हारी रक्षा कर सकता है, और अपनी महिमा की उपस्थिति में तुम्हें निर्दोष और आनन्दित करके खड़ा कर सकता है,
- इफिसियों 1:19
और उसका सामर्थ्य हम विश्वास करने वालों के प्रति कितना महान् है। ये सब उसकी उस शक्ति के कार्य के अनुसार है,
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