पुराना नियम · निर्गमन · अध्याय 13 / 40
निर्गमन 13
1तब यहोवा ने मूसा से कहा,
2“प्रत्येक पहलौठे को मेरे लिए पवित्र ठहराना; इस्राएलियों में गर्भ का प्रथम फल, चाहे मनुष्यों का हो या पशुओं का, वह मेरा ही है।”
3मूसा ने लोगों से कहा, “तुम इस दिन को स्मरण रखना जिसमें तुम अपने दासत्व के घर अर्थात् मिस्र से निकल आए हो। क्योंकि यहोवा ने ही अपने बाहुबल से तुम्हें उस स्थान से बाहर निकाला है, इसलिए कुछ भी ख़मीरी वस्तु न खाई जाए।
4अबीब के महीने में आज ही के दिन तुम बाहर निकलने को थे।
5और जब यहोवा तुम्हें कनानी, हित्ती, एमोरी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के देश में पहुंचाएगा जिसे देने की उसने तुम्हारे पूर्वजों से शपथ खाई थी, और वह देश जिसमें दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, तो तुम इसी महीने में इस विधि को मनाना।
6सात दिन तक तुम अख़मीरी रोटियां खाया करना और सातवें दिन यहोवा के लिए पर्व मनाना।
7इन सातों दिनों में अख़मीरी रोटी ही खाई जाए। ख़मीरी रोटी तुम्हारे बीच न दिखाई दे और न ही तुम्हारे सारे देश में कहीं तुम्हारे पास ख़मीर दिखाई दे।
8“और उस दिन तुम अपने पुत्र को यह बताना, ‘इस दिन जब मैं मिस्र से बाहर निकला तो यहोवा ने जो कुछ मेरे लिए किया इसी कारण मैं इसे मनाता हू।’
9यह तुम्हारे लिए तुम्हारे हाथ पर एक चिह्न और तुम्हारे माथे पर एक स्मृति हो, जिससे यहोवा की व्यवस्था तुम्हारे मुंह में रहे; क्योंकि यहोवा ने तुम्हें अपने सामर्थी हाथों द्वारा मिस्र से निकाला था।
10इसलिए तुम इस विधि को नियत समय पर वर्ष-प्रतिवषर् माना करना।
11“फिर जब यहोवा तुम्हें कनानियों के देश में पहुंचा दे और उसे तुम्हें दे दे, जैसा कि उसने तुम्हें और तुम्हारे पूर्वजों को शपथपूर्वक वचन दिया था,
12तब तुम प्रत्येक गर्भ के प्रथम फल को और अपने प्रत्येक पशु के पहलौठे को भी यहोवा के लिए अर्पित कर देना; सब नर बच्चे तो यहोवा के है।
13परन्तु गदहे के प्रत्येक पहलौठे बच्चे को तुम मेमना देकर छुड़ा लेना, परन्तु यदि तुम उसे न छुड़ाओ तो उसकी गर्दन तोड़ देना। पर अपने सब पहलौठे पुत्रों को फिरौती देकर छुड़ा लेना।
14“और जब आने वाले समय में तुम्हारा पुत्र पूछे और कहे, ‘यह क्या है?’ तब तुम उससे कहना, ‘दासत्व के घर अर्थात् मिस्र से यहोवा अपने सामर्थी हाथों द्वारा हमें निकाल लाया था।
15उस समय जब फि़रौन ने कठोर होकर उनको जाने देना न चाहा, तब यहोवा ने क्या मनुष्य, क्या पशु, सबके पहलौठों को मार डाला। इसलिए पशुओं के पहलौठे नर को तो यहोवा के लिए मैं बलि करता हूं; परन्तु अपने पहलौठे पुत्र को फिरौती देकर छुड़ा लेता हू।’
16अतः यह तुम्हारे हाथ पर एक चिह्न और तुम्हारे माथे पर एक टीके के रूप में होगा; क्योंकि यहोवा ने हमें अपने सामर्थी हाथों द्वारा मिस्र से निकाला था।”
17तब ऐसा हुआ कि जब फि़रौन ने लोगों को निकल जाने दिया, तब परमेश्वर उन्हें पलिश्तियों के देश में से होकर नहीं ले गया, यघपि वह मार्ग छोटा था; क्योंकि परमेश्वर ने कहा, “कहीं ऐसा न हो कि लोग युद्ध होते हुए देख कर पछताने लगें और मिस्र को लौट जाए।”
18इस कारण परमेश्वर उन्हें जंगल के मार्ग से चक्कर खिलाकर लाल समुद्र की ओर ले गया; और इस्राएली लोग पंत्तिफ़ बांधे हुए मिस्र से निकले थे।
19और मूसा यूसुफ की हड्डियों को अपने साथ लेता गया; क्योंकि यूसुफ ने इस्राएलियों से यह कहकर शपथ खिलाई थी, “परमेश्वर निश्चय ही तुम्हारी सुधि लेगा; और तुम मेरी हड्डियों को भी अपने साथ लेते जाना।”
20तब उन्होंने सुक्कोत से कूच करके जंगल के किनारे एताम में डेरे डाले।
21और यहोवा उनको दिन में मार्ग दिखाने के लिए मेघ के खम्भे में और रात को उजियाला देने के लिए आग के खम्बे में होकर उनके आगे आगे चला करता था जिससे वे दिन और रात दोनों में यात्रा कर सके।
22उसने न तो बादल के खम्बे को दिन में और न आग के खम्भे को रात में लोगों के आगे से हटाया।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)