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पुराना नियम · निर्गमन · अध्याय 17 / 40

निर्गमन 17

1तब इस्राएलियों की सम्पूर्ण मंडली ने सीन नामक जंगल से निकलकर यहोवा के आदेशानुसार यात्रा करते हुए रपीदीम में डेरे खड़े किए, और वहां लोगों को पीने के लिए पानी न मिला।

2इसलिए वे लोग मूसा से झगड़ा करके कहने लगे, “हमें पीने के लिए पानी दे।” और मूसा ने उनसे कहा, “तुम मुझसे क्यों झगड़ते हो? तुम यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?”

3परन्तु वहां उन लोगों को प्यास लगी, और उन्होंने मूसा के विरुद्ध कुड़कुड़ाते हुए कहा, “तू हमें बाल-बच्चों और पशुओं समेत प्यासा मार डालने के लिए मिस्र से क्यों ले आया है?”

4तब मूसा ने यहोवा की दुहाई दी और कहा, “मैं इन लोगाेंं से क्या करूँ? ये सब तो मेरा पथराव करने को ही तैयार है।”

5तब यहोवा ने मूसा से कहा, “इस्राएल के वृद्ध लोगाें में से कुछ को अपने साथ ले और जिस लाठी से तूने नील नदी पर मारा था, उसे अपने हाथ में लेकर इन लोगों के आगे बढ़ जा।

6देख, मैं तेरे सामने होरेब पहाड़ पर खड़ा हाऊँगा। और तू चट्टान पर मारना और उसमें से पानी निकलेगा जिससे कि लोग पीए।” और मूसा ने इस्राएल के पुरनियों के देखते वैसा ही किया।

7तब उस ने उस स्थान का नाम मस्सा और मरीबा रखा। क्योंकि इस्राएलियों ने वहां झगड़ा किया था और यह कहकर यहोवा की परीक्षा की थी, “क्या यहोवा हमारे बीच में है या नहीं?”

8तब अमालेकी आए और रपीदीम में इस्राएलियों से लड़ने लगे।

9तब मूसा ने यहोशू से कहा, “हमारे लिए पुरुषों को चुन ले और जाकर अमालेकियों से लड़। कल मैं परमेश्वर की लाठी लिए हुए पहाड़ी की चोटी पर खड़ा रहूँगा।”

10और जैसा मूसा ने यहोशू से करने को कहा था वैसा ही उसने किया और अमालेकियों से लड़ने लगा तथा मूसा, हारून और हूर, पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गए।

11फिर ऐसा हुआ कि जब तक मूसा अपना हाथ ऊपर उठाए रहता तब तक इस्राएल प्रबल होता, और जब वह अपना हाथ नीचे करता तो अमालेक प्रबल होता था।

12परन्तु जब मूसा के हाथ भारी हो गए तब उन्होंने उसके नीचे एक पत्थर रख दिया और वह उस पर बैठ गया। और हारून और हूर ने एक-एक ओर खड़े होकर उसके हाथों को सहारा दिया। इस प्रकार उसके हाथ सूर्यास्त तक स्थिर रहे।

13अतः यहोशू ने अमालेकियों और उसके लोगों को तलवार की धार से पराजित किया।

14तब यहोवा ने मूसा से कहा, “इसे स्मरणार्थ एक पुस्तक में लिख और यहोशू को सुना दे कि मैं अमालेक का स्मरण आकाश के नीचे से पूरी रीति से मिटा डालूँगा।”

15और मूसा ने एक वेदी बनाई और उसका नाम रखा, ‘यहोवा निस्सी’।

16और उसने कहा, “यहोवा ने शपथ खाई है; यहोवा पीढ़ी से पीढ़ी तक अमालेक के विरुद्ध युद्ध करता रहेगा।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)