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पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 23 / 48

यहेजकेल 23

1यहोवा का यह वचन मेरे पास फिर पहुंचा,

2“हे मनुष्य की सन्तान, दो स्त्रियां थीं जो एक ही माता की पुत्रियां थीं;

3वे मिस्र में वेश्यावृत्ति करती थी। उन्होंने जवानी में वेश्यावृत्ति की, वहां उनकी छातियां दबाई गईं। उनकी कुंवारी छातियों को मसला गया।

4बड़ी का नाम ओहोला और उसकी बहन का नाम ओहोलीबा था। वे मेरी हो गईं और उन्होंने पुत्र-पुत्रियों को जन्म दिया। उनके नामों के अनुसार ओहोला तो सामरिया तथा ओहोलीबा, यरूशलेम है।

5“ओहोला, मेरी होते हुए भी वेश्यावृत्ति करने लगी और अपने पड़ोसी प्रेमियों के प्रति जो अश्शूरी थे कामातुर रहने लगी।

6जो बैंजनी वस्त्रधारी, राज्यपाल और अधिकारी थे। वे सबके सब आकर्षक जवान थे और घोड़ों की सवारी करते थे।

7और उसने उन्हीं के साथ व्यभिचार किया, वे सब अश्शूर के सर्वोत्तम जन थे। वह जिन पर मोहित हुई उसने उन्हीं की सब मूर्तियों से अपने आप को भ्रष्ट किया।

8जो व्यभिचार वह मिस्र में करती थी, उसने उसे न छोड़ा, क्योंकि मनुष्यों ने उसकी जवानी में उसके साथ कुकर्म किया, उसकी छातियों को मसला और अपनी कामवासना की प्यास बुझाई।

9इसलिए मैंने उसे उसके प्रेमियों अर्थात् अश्शूरियों के हाथ सौंप दिया जिन पर वह मोहित हुई थी।

10उन्होंने उसके नंगेपन को उजागर कर दिया, उसके पुत्र-पुत्रियों को छीन लिया, परन्तु उसे तलवार से घात किया। इस प्रकार उनके हाथ से दण्ड पाकर वह स्त्रियों में कुख्यात हो गई।

11उसकी बहन ओहोलीबा ने यह देखा, फिर भी वह कुकर्म में उससे भी अधिक भ्रष्ट थी और उसका व्यभिचार उसकी बहन से भी अधिक था।

12वह अपने अश्शूरी पड़ोसियों पर कामातुर थी जो अधिकारी और राज्यपाल और जो भव्य वस्त्रधारण किए हुए घोड़ों पर सवार थे। वे सबके सब सुन्दर युवक थे।

13और मैंने देखा कि वह भ्रष्ट हो गई, उन दोनों बहनों ने एक ही मार्ग अपनाया।

14वह व्यभिचार में आगे बढ़ गई। उसने दीवार पर सिन्दूर से बने कसदी पुरुष के चित्र देखे,

15जिनकी कमर में फेंटा बँधा हुआ था, सिर पर लहराती हुई पगड़ी थी तथा सब के सब अधिकारी दिखाई देने वाले और बेबीलोन के निवासी मालूम पड़ते थे जिनका जन्म-स्थान कसदी देश था।

16जब उसने उन्हें देखा तो उनके प्रति कामुक हो गई और उनके पास कसदी देश में दूत भेजे।

17तब बेबीलोन के निवासियों ने उसकी प्रेम-शय्या पर उसके साथ व्यभिचार कर उसे भ्रष्ट किया। उनसे भ्रष्ट हो जाने के पश्चात् उसे उनसे घृणा हो गई।

18फिर भी वह खुले आम व्यभिचार करती रही और अपनी नग्नता का प्रदर्शन करती रही तब मुझे उससे वैसे ही घृणा हो गई जैसे उसकी बहन से हो गई थी।

19फिर भी वह अपनी जवानी के दिनों में की गई मिस्र में वेश्यावृत्ति का स्मरण कर और भी अधिक व्यभिचार करने लगी।

20और वह ऐसे प्रेमियों के लिए लालायित रहती जिनके लिंग गधे के समान और वीर्य घोड़ों के समान था।

21इस प्रकार तू अपनी जवानी की कामुकता के लिए लालसा करती थी जबकि मिस्री तेरी जवानी की छातियां मसलते थे।

22“इसलिए हे ओहोलीबा परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि देख, मैं तेरे उन प्रेमियों को जिनसे तेरा मन विमुख हो गया था भड़काऊंगा और उन्हें सब ओर से तेरे विरुद्ध लाऊंगा

23अर्थात् बेबीलोन वासी सब कसदी, पकोद, शो और कोआ के लोगों को और अस्सीरिया के सब लोगों को जो सब सुन्दर युवा अधिकारी और राज्यपाल हैं, जो प्रसिद्ध और घोड़ों पर सवार है।

24वे सब अस्त्र-शस्त्र, रथ, छकड़े और देश के लोगों के विशाल दल सहित तुझ पर आक्रमण करेंगे। वे फरी, ढाल, टोप धारण किए हुए सब ओर से मोर्चा बांधेंगे और मैं तेरा न्याय उन्हीें के हाथ में साैंपूंगा और वे अपनी प्रथा के अनुसार तेरा न्याय करेंगे।

25और मैं अपनी जलन तेरे विरुद्ध करूंगा कि वे जलजलाहट में तुझसे बर्ताव करे। वे तेरी नाक-कान काट लेंगे और तुझमें बचे हुओं को तलवार के घाट उतार देंगे। वे तेरे पुत्र-पुत्रियों को उठा ले जाएंगे और जो बचेंगे, आग उन्हें भस्म कर देगी।

26वे तेरे वस्त्र भी उतार लेंगे और तेरे सुन्दर आभूषण छीन ले जाएंगे।

27इस प्रकार मैं तेरी कामुकता और वेश्यावृत्ति का काम जो तूने मिस्र में सीखा था समाप्त कर दूंगा कि तू अपनी आंख भी उनकी ओर न उठाए और न कभी मिस्र को स्मरण करे।

28क्योकि प्रभु यहोवा यों कहता है, देख, मैं तुझे उनके हाथ में सौंप दूंगा जिनसे तू घृणा करती है, अर्थात् उनके हाथ जिनसे तू विमुख हो गई थी।

29वे तुझसे घृणा का बर्ताव करेंगे, तेरी सारी सम्पत्ति ले लेंगे, तुझे नंगी और वस्त्रहीन छोड़ देंगे। तब तेरे व्यभिचार की नग्नता और कामुकता प्रकट हो जाएगी।

30‘तेरे साथ ऐसा किया जाएगा क्योंकि तूने जाति-जाति के साथ वेश्यावृत्ति की और उनकी मूर्तियों से अपने आपको अशुद्ध किया है।

31तू अपनी बहन की-सी चाल चली है इसलिए मैं उसका प्याला तेरे हाथ में दे दूंगा।

32प्रभु यहोवा यों कहता है, तू अपनी बहन का प्याला पीएगी, जो गहरा और चौड़ा है तथा इसमें बहुत समाता है; यह तेरे लिए हँसी और ठट्ठे का कारण ठहरेगा।

33तू मतवालेपन और शोक से भर जाएगी, तेरी बहन सामरिया का प्याला, भय और उजाड़ का प्याला है।

34तू उसमें से पीएगी, अन्तिम बूंद तक पीएगी। तब उसके टुकड़ों को चबाएगी और अपनी छाती को नोचेगी। क्योंकि मैंने ही ऐसा कहा है,’ प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

35इसलिए प्रभु यहोवा यों कहता है, क्योंकि तू मुझे भूल गई है, और मुझे पीठ के पीछे डाल दिया है इसलिए अब अपने व्यभिचार और कामुकता का दण्ड भोग।

36फिर यहोवा ने मुझसे कहा, “हे मनुष्य की सन्तान, क्या तू ओहोला और ओहोलीबा का न्याय करेगा? तो फिर उनके घृणित कार्य उन पर प्रकट कर दे।

37क्योंकि उन्होंने व्यभिचार किया है और उनके हाथ खून से रंगे हैं, उन्होंने अपनी मूर्तियों से व्यभिचार किया है, यहां तक कि अपने पुत्र जो मुझसे उत्पन्न हुए, उन्हें उनका भोजन होने के लिए अग्निबलि किया।

38उन्होंने पुनः मेरे साथ यह किया कि मेरे पवित्र स्थान को उसी दिन अशुद्ध किया और मेरे सब्त के दिनों को अपवित्र किया।

39क्योंकि जब उन्होंने अपनी मूर्तियों के सामने चढ़ाने के लिए अपने बच्चों का वध किया, उसी दिन उन्होंने मेरे पवित्र स्थान में घुसकर उसको अपवित्र किया। और देखो, उन्होंने मेरे भवन में ऐसा किया।

40इसके अतिरिक्त उन्होंने दूर से आने वाले मनुष्यों को भी संदेशवाहक भेजकर बुलाया और वे आए, जिनके लिए तूने स्नान किया, आंखों में काजल लगाया और अपने आपको आभूषणाें से सजाया;

41और तू सुन्दर पलंग पर बैठी जिसके सामने मेज लगी थी, जिस पर तूने मेरा सुगन्धित द्रव्य और तेल रखा।

42और उसके साथ निश्चित लोगों की भीड़ का कोलाहल था, और साधारण लोगों के साथ पियक्कड़ भी जंगल से बुलवाए गए। उन्होंने इन स्त्रियों के हाथों में चूड़ियां पहनाईं और उनके सिरों पर सुन्दर मुकुट रखे।

43तब जो व्यभिचार करते-करते बूढ़ी हो गई थी उसके विषय में मैंने कहा कि क्या वे अब भी उसी के साथ व्यभिचार करेंगे जबकि वह ऐसी हो गई है।

44परन्तु वे उसके पास ऐसे गए जैसे लोग वेश्या के पास जाते है। इस प्रकार वे व्यभिचारिणी ओहोला और ओहोलीबा के पास गए।

45परन्तु धर्मी मनुष्य उनका न्याय ऐसे करेंगे जैसे व्यभिचारियों और हत्यारों का किया जाता है, क्याेंकि वे व्यभिचारिणी हैं और उनके हाथ में खून लगा है।

46“क्योंकि प्रभु यहोवा यों कहता है कि मैं उनके विरुद्ध एक भीड़ चढ़ा लाऊंगा और उन्हें आतंक और लूट-पाट के वश में कर दूंगा।

47और भीड़ उन्हें पथराव करके मार डालेगी और अपनी तलवार से काट डालेगी। वे उनके पुत्र-पुत्रियों को भी मार डालेंगे और उनके घरों को आग लगाकर फूंक देंगे।

48इस प्रकार मैं कामुकता को इस देश से समाप्त कर दूंगा जिससे सब स्त्रियां ताड़ना पाकर फिर व्यभिचार न करें जैसा तुमने किया है।

49तुम्हारे व्यभिचार का बदला तुम्हीें पर पड़ेगा; और तुम्हें मूर्तियों की पूजा का दण्ड सहना होगा, इस प्रकार तुम जान जाओगे कि मैं ही प्रभु यहोवा हू।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)