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पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 30 / 48

यहेजकेल 30

1तब यहोवा का यह वचन मेरे पास फिर पहुंचाः

2“हे मनुष्य की सन्तान, नबूवत करके कह कि प्रभु यहोवा यों कहता हैः विलाप करो और कहो, ‘हाय उस दिन पर!’

3क्योंकि वह दिन निकट है, हां, यहोवा का दिन निकट है। वह बादलों का दिन होगा, वह जाति-जाति के लिए विनाश का दिन होगा।

4मिस्र पर तलवार चलेगी, इथियोपिया भी वेदना से पीड़ित होगा। जब मिस्र में लोग वध होकर गिरेंगे तो वे उसकी धन-सम्पत्ति ले जाएंगे, और उसकी नीवें उलट दी जाएंगी।

5इथियोपिया, पूत, लूद, सम्पूर्ण अरब, लीबिया तथा उसके मित्र देशों के निवासी-वे सब तलवार से मारे जाएंगे।

6“यहोवा यों कहता हैः निश्चय मिस्र का समर्थन करने वालों का पतन होगा और अपने जिस सामर्थ्य पर मिस्र फूलता है वह टूटेगा। मिग्दोल से लेकर सवेने तक उसके निवासी तलवार से मारे जाएंगे। प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

7वे उजड़े हुए देशों के मध्य उजाड़ देश ठहरेंगे और उनके नगर खंडहर किए हुए नगरों में गिने जाएंगे।

8जब मैं मिस्र में आग लगाऊंगा और उसके सब सहायक नष्ट होंगे तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।

9उस दिन निडर इथियोपिया को डराने के लिए मेरी ओर से संदेशवाहक जहाजों द्वारा प्रस्थान करेंगे, और उन पर मिस्र के दिन की सी घबराहट होगी, क्योंकि देख, वह दिन आने वाला है!

10प्रभु यहोवा यों कहता है, “बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर के हाथों मैं मिस्र की भीड़ का भी सर्वनाश करा दूंगा।

11वह तथा उसके अत्यन्त क्रूर लोग उस देश को उजाड़ने के लिए लाए जाएंगे; वे मिस्र के विरुद्ध तलवार खींचेंगे और देश को घात किए हुओं से भर देंगे।

12इसके अतिरिक्त मैं नील की धाराओं को सुखा डालूंगा, और देश को दुष्टों के हाथ बेच दूंगा। और मैं देश तथा जो कुछ उसमें है, उसे विदेशियों के द्वारा उजाड़ दूंगा। मुझ यहोवा ने ऐसा कहा है।

13“प्रभु यहोवा यों कहता है, मैं मेम्फिस में से मूर्तियों को नष्ट कर दूंगा, हां, व्यर्थ वस्तुओं को मिटा डालूंगा और आगे को मिस्र देश में कोई शासक न होगा, और मैं मिस्र में आतंक फैलाऊंगा।

14मैं पत्रेस को उजाड़ दूंगा और सोअन में आग लगा दूंगा तथा थीबीस नगर को दण्ड दूंगा।

15मैं सीन पर जो मिस्र का गढ़ है, अपना क्रोध भड़काऊंगा। मैं थीबीस की भीड़ का सर्वनाश कर दूंगा।

16मैं मिस्र में आग लगाऊंगा, सीन पीड़ा में छटपटाएगा, थीबीस की शहरपनाह तोड़ दी जाएगी, और मेम्फिस पर हर दिन विपत्तियां आएंगी।

17ओन और पी-बेसेत के जवान तलवार से घात किए जाएंगे, और स्त्रियां बन्धुवाई में जाएंगी।

18जब मैं तहपन्हेस में मिस्र का जुआ तोडूंगा, तो वहां दिन अन्धकारमय हो जाएगा। तब उसका अपने सामर्थ्य पर फूलना जाता रहेगा; एक बादल उसे ढांप लेगा और उसकी पुत्रियां बन्धुवाई में चली जाएंगी।

19इस प्रकार मैं मिस्र को दण्ड दूंगा, और वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।

20ऐसा हुआ कि ग्यारहवें वर्ष के पहले महीने के सातवें दिन यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचाः

21“हे मनुष्य की सन्तान, मैंने मिस्र के राजा फि़रौन की भुजा तोड़ दी है; और देख, न तो वह जोड़ी गई है और न उस पर पट्टी बांधी गई है कि अच्छी होकर फिर से तलवार पकड़ने योग्य हो जाए।

22इसलिए प्रभु यहोवा याें कहता हैः देख, मैं मिस्र के राजा फि़रौन के विरुद्ध हूं और मैं उसकी अच्छी तथा टूटी दोनों भुजाएं तोड़ डालूंगा और उसके हाथ से तलवार गिरा दूंगा।

23और मैं मिस्रियों को जाति-जाति में तितर-बितर करूंगा, और देश-देश में बिखेर दूंगा।

24क्योंकि मैं बेबीलोन के राजा के हाथ दृढ़ करके उसके हाथों में अपनी तलवार दूंगा; परन्तु पि़फ़रौन की भुजाओं को मैं तोड़ डालूंगा कि वह घायल के समान उसके सामने कराहे।

25इस प्रकार मैं बेबीलोन के राजा के हाथ दृढ़ करूंगा, परन्तु फि़रौन की भुजाएं तोड़ दी जाएंगी। जब मैं अपनी तलवार बेबीलोन के राजा के हाथ में दूंगा और वह उसे मिस्र देश के विरुद्ध चलाएगा तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।

26जब मैं मिस्रियों को जाति-जाति में तितर-बितर कर दूंगा और देश-देश में बिखेर दूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)