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पुराना नियम · यहेजकेल · अध्याय 32 / 48

यहेजकेल 32

1और ऐसा हुआ कि बारहवें वर्ष के बारहवें महीने के पहले दिन यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचाः

2“हे मनुष्य की सन्तान, मिस्र के राजा फि़रौन के विषय में विलापगीत रच और उसे सुनाः तूने अपनी तुलना जाति-जाति के जवान सिंह से की है, परन्तु तू समुद्र के मगरमच्छ के समान है। तू अपनी नदियों पर टूट पड़ा है, और तूने उनके पानी को अपने पैरों से गंदला कर डाला है और उनकी धाराओं को गन्दा किया है।

3प्रभु यहोवा यों कहता हैः मैं बहुत-सी जातियों के साथ तुझपर अपना जाल फैलाऊंगा, और वे तुझे मेरे जाल में खींच लेंगे।

4मैं तुझे भूमि पर छोड़ दूंगा। मैं तुझे खुले मैदान में फेंक दूंगा। मैं आकाश के सब पक्षियों को तुझ पर बैठाऊंगा, और समस्त पृथ्वी के पशुओं को तेरे मांस से तृप्त करूंगा।

5मैं पर्वतों पर तेरा मांस बिखेर दूंगा, और घाटियाें को तेरे अवशेष से भर दूंगा।

6पर्वतों तक बहे तेरे रक्त से मैं भूमि को सींचूंगा, और तंग घाटियां तुझसे भर जाएंगी।

7जब मैं तुझे मिटाने लगूंगा तब मैं आकाश को ढांप दूंगा और उसके तारों को अन्धेरा कर दूंगा। मैं सूर्य को बादल से ढक दूंगा, और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा।

8और मैं आकाश की समस्त प्रकाशमान ज्योतियों को तेरे कारण अन्धकारमय कर दूंगा और तेरे देश पर अन्धकार छा दूंगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

9जब मैं तेरे विनाश का समाचार जाति-जाति में पहुंचाऊंगा, अर्थात् उन देशों में जिन्हें तू नहीं जानता, तो मैं बहुत-से लोगों के दिल बेचैन कर दूंगा।

10मैं बहुत-सी जातियों को तेरे कारण विस्मित कर दूंगा। जब मैं अपनी तलवार उनके सामने चलाऊंगा तो उनके राजा तेरे कारण बहुत डर जाएंगे, और तेरे पतन के दिन उनमें से प्रत्येक अपने प्राण के लिए कांपता रहेगा।

11“क्योंकि प्रभु यहोवा यों कहता हैः बेबीलोन के राजा की तलवार तुझ पर चलेगी।

12मैं तेरी भीड़ को ऐसे शूरवीरों की तलवारों से नाश करूंगा जो सब जातियों में अत्याचारी है। वे मिस्र के घमंड को तोड़ देंगे और उसकी भीड़ को नष्ट कर देंगे।

13मैं उसके सब पशुओं को भी अनेक जलाशयों के किनारों से नष्ट करूंगा, फिर उन्हें न तो मनुष्य के पैर गन्दला करेंगे और न पशुओं के खुर।

14तब मैं उनके जल को निर्मल करूंगा, तथा नदियों को तेल के समान बहाऊंगा; प्रभु यहोवा की यही वाणी है।

15जब मैं मिस्र को उजाड़ दूंगा, और जिससे वह भरपूर है उससे उसे वंचित कर दूंगा, और उसमें सब रहने वालों का सर्वनाश कर डालूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हू।

16यह वह विलापगीत है जिसे वे गाएंगे। जाति-जाति की पुत्रियां इसे गाएंगी। वे इसे मिस्र और उसकी भीड़ के लिए गाएंगी। प्रभु यहोवा की यही वाणी है।”

17तब बारहवें वर्ष में, पहले महीने के पन्द्रहवें दिन ऐसा हुआ कि परमेश्वर का यह वचन मेरे पास पहुंचाः

18“हे मनुष्य की सन्तान, मिस्र की भीड़ के लिए विलाप कर; उसको और सामर्थी जातियों की पुत्रियों को अधोलोक में पड़े हुए लोगों के पास कब्र में उतार दे।

19‘तू सौंदर्य में किससे बढ़कर है? अधोलोक में जा और ख़तनारहितों के बीच पड़ा रह।’

20वे तलवार से घात किए हुओं के मध्य गिरेंगे। उनके लिए तलवार ही ठहराई गई है; वे उसे और उसकी सारी भीड़ को घसीट ले गए।

21सामर्थी शूरवीर अधोलोक में से उसके और उसके सहायकों के विषय में कहेंगे कि ये भी यहां उतर चुके है। ये ख़तनारहित यहीं तलवार से मरे पड़े है।

22“अश्शूर अपने सारे दल के साथ वहां है; उनकी कब्रें उनके चारों ओर है। वे सब के सब घात किए गए हैं और तलवार से मारे गए हैं

23जिनकी कब्रें अधोलोक के कोनों में है। उसका दल उसकी कब्रें के चारों ओर है। ये सबके सब तलवार से घात किए गए वे लोग हैं जो जीवितों के मध्य आतंक फैलाते थे।

24“एलाम वहां है, और उसकी कब्र के चारों ओर उसका सारा दल है। वे सबके सब तलवार से मारे जाकर पृथ्वी के निचले भागों में ख़तनारहित दशा में पड़े हैं, जिन्होंने जीवितों के देश में अपना आतंक फैला रखा था, और अब वे उनके साथ कब्र में पड़े अपनी लज्जा वहन कर रहे है।

25घात किए हुओं के मध्य उसके तथा उसकी सम्पूर्ण भीड़ के लिए बिछौना लगाया गया है। उसकी कब्रें उसके चारों ओर है। वे सब ख़तनारहित है। यघपि इन्होंने जीवनलोक में आतंक फैला रखा था, फिर भी वे तलवार से मारे जाकर कब्रें में पड़े हुओं के साथ लज्जा ढो रहे है। वे घात किए हुओं के साथ रखे गए है।

26“मेशेक, तूबल और उनकी सारी भीड़ वहां है। उनकी कब्रें उनके चारों ओर है। यघपि वे जीवनलोक में आतंक फैलाते थे फिर भी वे सबके सब ख़तनारहित दशा में तलवार से घात किए गए।

27और न वे ख़तनारहितों के उन धराशायी शूरवीरों के साथ पड़े हैं जो अपने अस्त्र-शस्त्रें सहित अधोलोक में उतर गए और जिनकी तलवारें उनके सिराें के नीचे रखी गईं। यघपि इन वीरों का आतंक कभी जीवनलोक में छाया रहता था, फिर भी उनके अधर्म का दण्ड उनकी हड्डियों पर पड़ा।

28परन्तु तू ख़तनारहितों के मध्य तोड़ा जाएगा और तलवार से घात किए हुओं के संग पड़ा रहेगा।

29“वहां एदोम, उसके राजा और उसके सब प्रधान भी हैं जो पराक्रमी होते हुए भी अब तलवार से घात किए हुओं के बीच पड़े हैं: वे ख़तनारहितों और कब्र में जाने वालों के साथ पड़े रहेंगे।

30“वहां उत्तर के सारे प्रधान और सब सीदोनी भी, जिनके सामर्थ्य से आतंक फैलता था, लज्जित होकर मारे हुओं के बीच पड़े है। अतः वे ख़तनारहित दशा में तलवार से मारे हुओं के मध्य पड़े हैं और कब्र में जाने वालों के साथ अपमान सहते है।

31“फि़रौन, हां, फि़रौन अपनी पूरी सेना सहित इनको देखेगा और तलवार से मारी गई अपनी सारी सेना के कारण सांत्वना पाएगा। यहोवा की यही वाणी है।

32यघपि मैंने ही जीवनलोक में उसका आतंक फैलाया था, फिर भी उसे अर्थात् फि़रौन को उसकी भीड़ सहित तलवार से मारे हुओं के साथ ख़तनारहितों के मध्य सुलाया जाएगा। यहोवा की यही वाणी है।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)