पुराना नियम · उत्पत्ति · अध्याय 13 / 50
उत्पत्ति 13
1तब अब्राम अपनी पत्नी और सारी धन-सम्पत्ति लेकर मिस्र से निकलकर नेगेव को गया; और लूत भी उसके साथ गया।
2अब्राम अपने पशुओं, सोने और चांदी के कारण बड़ा धनी था।
3तब वह नेगेव से यात्रा करता हुआ बेत-एल के उस स्थान पर पहुंचा जहां आरम्भ में उसका तम्बू था, और जो बेत-एल और ऐ के मध्य है,
4अर्थात् वही स्थान जहां उसने पहले वेदी बनाई थी। वहां अब्राम ने यहोवा से प्रार्थना की।
5अब लूत के पास भी, जो अब्राम के साथ-साथ आया था, भेड़-बकरियां, गाय-बैल और तम्बू थे।
6वह भूमि उनके एक साथ रहने के लिए पर्याप्त न थी, क्योंकि उनके पास इतनी अधिक सम्पत्ति थी कि वे एक साथ नहीं रह सकते थे।
7अब्राम के पशुओं के चरवाहों तथा लूत के पशुओं के चरवाहों के बीच झगड़ा हुआ। उस समय उस देश में कनानी और परिज्जी जातियां रहती थी।
8तब अब्राम ने लूत से कहा, “न तेरे और मेरे मध्य, न तेरे और मेरे चरवाहों के मध्य झगड़ा हो, क्योंकि हम भाई-बन्धु है।
9क्या तेरे सामने सारी भूमि नहीं पड़ी है? इसलिए मुझसे अलग हो जाः यदि तू बांई ओर जाए तो मैं दांई ओर जाऊंगा; यदि तू दायीं ओर जाए तो मैं बाईं ओर चला जाऊँगा।”
10तब लूत ने आंखें उठाकर यरदन नदी की घाटी को देखा कि वह यहोवा के बगीचे की तरह, हां, सोअर के मार्ग तक मिस्र देश की भूमि की तरह, भली-भांति सिंचित है-उस समय तक यहोवा ने सदोम और अमोरा का नाश नहीं किया था।
11इसलिए लूत ने अपने लिए यरदन की समस्त घाटी का भाग चुन लिया, और लूत पूर्व की ओर चल दिया। इस प्रकार वे एक दूसरे से अलग हो गए।
12अब्राम तो कनान देश में बस गया पर लूत उस घाटी के नगरों में रहने लगा तथा अपने तम्बू सदोम तक खड़े किए।
13सदोम के लोग यहोवा की दृष्टि में अत्यन्त दुष्ट और पापी थे।
14लूत के अलग हो जाने के पश्चात् यहोवा ने अब्राम से कहा, “अब अपनी आंख उठा और जिस स्थान पर तू है वहां से उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम चारों ओर दृष्टि डाल;
15क्योंकि जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, उस सबको मैं तुझे और तेरेे वंश को सदा के लिए दूंगा।
16मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूूल के समान बढ़ाऊंगा; इसलिए यदि कोई पृथ्वी के धूलिकण गिन सकेगा, तभी तेरे वंशजों की गिनती भी हो सकेगी।
17उठ, उस भूमि की लम्बाई, और चौड़ाई में चल-फिर, क्योंकि यह मैं तुझे देता हू।”
18तब अब्राम अपने तम्बू हटाकर, मम्रे के बांजवृक्षों के बीच, जो हेब्रोन में हैं, जाकर रहने लगा, और वहां भी उसने यहोवा के लिए एक वेदी बनाई।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)