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पुराना नियम · उत्पत्ति · अध्याय 14 / 50

उत्पत्ति 14

1शिनार के राजा अम्रापेल, एल्लासार के राजा अर्योक, एलाम के राजा कदोर्लाओमेर, और गोयीम के राजा तिदाल के दिनों में ऐसा हुआ,

2कि उन्होंने सदोम के राजा बेरा, अमोरा के राजा बिर्शा, अदमा के राजा शिनाव, और सबोयीम के राज शेमेबेर तथा बेला, अर्थात् सोअर के राजा-इन सबके साथ युद्ध किया।

3इन सबने सिद्दीम की तराई में अर्थात् लवण सागर के पास एका किया।

4बारह वर्ष तक ये कदोर्लाओमेर के अधीन रहे, परन्तु तेरहवें वर्ष उन्होंने विद्रोह कर दिया।

5चौदहवें वर्ष में कदोर्लाओमेर और जो राजा उसके साथ थे, उन्होंने आकर अश्तरोत-करनैम में रपायों को, और हाम में जूजियों को तथा शावे-किर्यातैम में एमियों को पराजित किया,

6और होरियों को उनके ही पहाड़ सेईर में मारते-मारते एल्पारान तक, जो जंगल के पास है, जा पहुंचे।

7तब वे वहां से लौटकर एन-मिश्पाट (जो कादेश भी कहलाता है) को आए, और अमालेकियों के सारे देश को तथा उन एमोरियों को, जो हससोन-तामार में रहते थे जीत लिया।

8तब सदोम, अमोरा, अदमा, सबोयीम और बेला अर्थात् सोअर के राजा निकल आए, तथा सिद्दीम की तराई में इनके साथ युद्ध के लिए पांति बांधीः

9अर्थात् एलाम के राजा कदोर्लाओमेर, गोयीम के राजा तिदाल, शिनार के राजा अम्रापेल, और एल्लासार के राजा अर्योक-इन चारों के विरुद्ध उन पांचों ने पांति बांधी।

10सिद्दीम की घाटी में तो चिकनी मिट्टी के गड्हे ही गड्हे थे। जब सदोम और अमोरा के राजा भागे तो उनमें गिर पड़े। परन्तु जो बचे रहे वे पर्वतीय क्षेत्रों में भाग गए।

11तब वे सदोम और अमोरा की सारी सम्पत्ति तथा उनकी सब भोजन-सामग्री लूट कर चले गए।

12और वे अब्राम के भतीजे लूत को उसकी सारी धन-सम्पत्ति सहित ले गए, क्योंकि वह सदोम में ही रह रहा था।

13तब एक भागे हुए व्यक्ति ने इब्री अब्राम को जाकर समाचार दिया। उस समय वह एमोरी मम्रे के बांजवृक्षों के समीप रहता था, वह एश्कोल और आनेर का भाई था। इन लोगों की अब्राम के साथ सन्धि थी।

14जब अब्राम ने सुना कि मेरा भतीजा पकड़ लिया गया है, तो उसने अपने घर में उत्पन्न हुए तीन सौ अठारह प्रशिक्षित पुरुषों को लेकर, दान तक उनका पीछा किया।

15अब्राम और उसके सेवकों ने रात को उनके विरुद्ध दलों में बंटकर उन्हें हरा दिया और दमिश्क के उत्तर में होबा तक उन्हें खदेड़ दिया।

16फिर वह सारी सम्पत्ति लौटा लाया और अपने भतीजे लूत को उसकी धन-सम्पत्ति सहित तथा स्त्रियों और शेष सब लोगों को भी छुड़ा लाया।

17जब वह कदोर्लाओमेर और उसके साथी राजाओं को पराजित कर वापस आ रहा था, तो सदोम का राजा, शावे की घाटी में जो राजा की घाटी भी कहलाती है, उससे भेंट करने आया।

18तब शालेम का राजा मलिकिसिदक, रोटी और दाखमधु ले आया। वह परमप्रधान परमेश्वर का याजक था।

19तब उसने उसे यह आशीर्वाद दियाः “स्वर्ग और पृथ्वी के सृष्टिकर्ता परमप्रधान परमेश्वर की ओर से अब्राम धन्य हो;

20परमप्रधान परमेश्वर भी धन्य है, जिसने तेरे शत्रुओं को तेरे वश में कर दिया।” फिर अब्राम ने उसे सब वस्तुओं का दसवां अंश दिया।

21तब सदोम के राजा ने अब्राम से कहा, “लोगों को तो मुझे दे और सम्पत्ति अपने लिए रख ले।”

22अब्राम ने सदोम के राजा से कहा, “मैंने स्वर्ग और पृथ्वी के परमप्रधान परमेश्वर यहोवा की शपथ ली है,

23कि जो कुछ तेरा है उसमें से मैं न तो एक डोरा, न जूती बंध, न और कुछ लूंगा जिससे कि तू यह न कहने पाए, ‘मैंने अब्राम को धनी बना दिया है।’

24जो कुछ इन जवानों ने खा लिया है उसको छोड़, तथा उन पुरुषों अर्थात् आनेर, एश्कोल और मम्रे के भाग को छोड़, जो मेरे साथ गए थे, मैं कुछ और न लूंगा; वे अपना-अपना हिस्सा ले ले।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)