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उत्पत्ति 50:20

तुमने तो मेरे साथ बुराई करने की ठानी थी, परन्तु परमेश्वर ने उसी को भलाई के लिए ले लिया, जैसा कि आज के दिन हो रहा है कि बहुत से लोगों के प्राण बचे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)

संदर्भ: उत्पत्ति 50

17“तुम लोग यूसुफ से इस प्रकार कहना, ‘मैं तुझसे विनती करता हूं कि अपने भाइयों के अपराध और पाप को क्षमा कर, क्योंकि उन्होंने तेरे साथ बुरा किया था। और अब अपने पिता के परमेश्वर के दासों का अपराध क्षमा कर’।” उनकी ये बातें सुनकर यूसुफ रो पड़ा।

18और उसके भाई भी उसके सामने जाकर गिर पड़े और कहा, “देख, हम तो तेरे सेवक है।”

19परन्तु यूसुफ ने उनसे कहा, “डरो मत, क्या मैं परमेश्वर के स्थान पर हूं?

20तुमने तो मेरे साथ बुराई करने की ठानी थी, परन्तु परमेश्वर ने उसी को भलाई के लिए ले लिया, जैसा कि आज के दिन हो रहा है कि बहुत से लोगों के प्राण बचे।

21इसलिए अब मत डरो, मैं तुम्हारा और तुम्हारे बाल-बच्चों का पालन-पोषण करता रहूंगा।” इस प्रकार उसने उन्हें सान्त्वना दी और उनसे कोमलता से बातें की।

22अब यूसुफ अपने पिता के घराने सहित मिस्र में रहा, और यूसुफ एक सौ दस वर्ष जीवित रहा।

23और यूसुफ ने एप्रैम की तीसरी पीढ़ी तक देखी; और मनश्शे के पुत्र माकीर के पुत्रों को भी, अपने घुटनों पर खिलाया।

पूरा अध्याय पढ़ें: उत्पत्ति 50

संबंधित पद

  • रोमियों 8:28

    हम जानते हैं कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिए वह सब बातों के द्वारा भलाई को उत्पन्न करता है, अर्थात् उन्हीं के लिए जो उसके अभिप्राय के अनुसार बुलाए गए है।

  • उत्पत्ति 45:5–8

    अब व्याकुल या अपने आपसे क्रोधित मत होओ कि तुमने मुझे यहां आने वालों के हाथों बेच दिया। क्योंकि परमेश्वर ने प्राणों की रक्षा के लिए तुमसे पहले मुझे यहां भेजा था।

  • उत्पत्ति 37:18–20

    जब उन्होंने उसे दूर से देखा तो उसके निकट आने से पहले ही उसे मार डालने का षड्यंत्र रचा।

  • प्रेरितों के काम 2:23

    इसी मनुष्य को, जो परमेश्वर की पूर्व-निशिचत योजना और पूर्वज्ञान के अनुसार पकड़वाया गया था, तुमने विधर्मियों के हाथों क्रूस पर कीलों से ठुकवा कर मार डाला।

Cross-references ranked with OpenBible.info data (CC BY).