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पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 13 / 66

यशायाह 13

1बेबीलोन के विषय में नबूवत जिसको आमोस के पुत्र यशायाह ने दर्शन में पाया।

2वीरान पहाड़ी पर एक झंडा खड़ा करो, उनको आवाज दो, हाथ से संकेत करो कि वे कुलीनों के फाटकों से प्रवेश करे।

3मैंने अपने पवित्र किए हुओं को आज्ञा दी है, हां, अपने शूरवीरों को अर्थात् मेरे प्रताप पर गर्व करने वालों को इसलिए बुलाया है कि वे मेरे क्रोध को लागू करे।

4पर्वतों पर एक बड़ी भीड़-का-सा कोलाहल! मानो बहुत सारे लोगों की हलचल! राज्यों अर्थात् बहुत-सी इकट्ठी जातियों के कोलाहल की आवाज! सेनाओं का यहोवा युद्ध के लिए अपनी सेना इकट्ठी कर रहा है।

5दूर देश से अर्थात् पृथ्वी के छोर से, यहोवा अपने क्रोध के हथियारों सहित सम्पूर्ण देश के विनाश के लिए चला आ रहा है।

6हाय, हाय करो, क्योंकि यहोवा का दिन निकट है। वह तो सर्वशक्तिमान की ओर से विनाश का दिन होगा।

7इसलिए सब हाथ ढीले पड़ जाएंगे और प्रत्येक मनुष्य का हृदय पिघल जाएगा।

8वे घबरा जाएंगे; पीड़ा और वेदना उनको आ दबाएगी; उन्हें ज़च्चा की-सी पीड़ाएं उठेंगी, वे विस्मय से एक दूसरे को ताकेंगे, उनके मुख तमतमाएंगे।

9देखो, जलंजलाहट तथा प्रकोप से भरा, यहोवा का क्रूर दिन आ रहा है कि देश को उजाड़ डाले और पापियों को उसमें से मिटा डाले।

10क्योंकि आकाश के तारागण और उनके नक्षत्र आगे को अपना प्रकाश न देंगे; सूर्य का उदय अन्धकारपूर्ण होगा, और चन्द्रमा प्रकाश न देगा।

11इस प्रकार मैं संसार को उसकी दुष्टता और दुष्टों को उनके अधर्म के कारण दण्ड दूंगा। मैं अभिमानियों के अभिमान का भी अन्त करूंगा तथा निष्ठुरों के अहंकार को धूल में मिला दूंगा।

12मैं नश्वर मनुष्य को चोखे सोने के समान और मानव जाति को ओपीर के सोने के समान दुर्लभ कर दूंगा।

13मैं सेनाओं का यहोवा अपने भयंकर कोप से, अपने जलजलाहट के दिन आकाश को कंपाऊंगा, और पृथ्वी अपने स्थान से टल जाएगी।

14और ऐसा होगा कि पीछा किए जाने वाले मृग अथवा िबना चरवाहे की भेड़ों के समान वे सब अपने-अपने लोगों की ओर फिरेंगे तथा प्रत्येक जन अपने देश को भाग जाएगा।

15जो कोई मिले वह बेधा जाएगा, और जो कोई पकड़ा जाए वह तलवार के घाट उतारा जाएगा।

16उनके बाल-बच्चे उनकी आंखों के सामने ही पटक-पटक कर मार डाले जाएंगे। उनके घर लूट लिए जाएंगे और उनकी स्त्रियां भ्रष्ट की जाएंगी।

17देखो, मैं उनके विरुद्ध मादियों को उभारने पर हूं, जो न तो चांदी की परवाह और न सोने का लालच करेंगे।

18उनके धनुष जवानों को मार गिराएंगे। न तो वे गर्भ के फल पर तरस खाएंगे, और न उनकी आंखों में बच्चों के प्रति कोई दया होगी।

19और बेबीलोन जो राज्यों का शिरोमणि है और जिसकी शोभा पर कसदी लोग घमंड करते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और अमोरा जब परमेश्वर ने उन्हें उलट दिया था।

20वह फिर कभी बसाया न जाएगा और न पीढ़ी से पीढ़ी तक उसमें कोई रहेगा। न तो अरबी लोग उसमें अपने तम्बू खड़े करेंगे, और न ही चरवाहे अपनी भेड़-बकरियों को वहां बैठाएंगे।

21परन्तु जंगली जानवर ही वहां बसेरा करेंगे वहां के घर उल्लुओं से भरे रहेंगे, शुतुर्मुर्ग भी वहां वास करेंगे, तथा जंगली बकरे वहां कूद-फांद करेंगे।

22उनके किलों के बुर्जों पर लकड़बग्घे तथा उनके सुन्दर महलों में गीदड़ चिल्लाएंगे। उसके विनाश का समय शीघ्र आ जाएगा, और उस देश के दिन अब बहुत नहीं रहे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)