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पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 23 / 66

यशायाह 23

1सूर के विषय में नबूवत। हे तर्शीश के जहाजों विलाप करो, क्योंकि सूर नष्ट हो गया, वहां न तो अब कोई मकान है और न बन्दरगाह। यह बात साइप्रस देश से उन पर प्रकट हुई है।

2हे समुद्र-तट के निवासियों, सीदोन के सौदागरो, चुप रहो। तुम्हारे हरकारों ने समुद्र को पार किया है।

3और अनेक सागरों की यात्रा की है। नील नदी का अनाज तथा महानद की फसल उसकी आमदनी थी और वह जाति-जाति के लिए व्यापार का केन्द्र था।

4हे सीदोन, लज्जित हो, क्योंकि समुद्र ने अर्थात् सागर की गहराई ने कहा है, “मैंने न तो प्रसव-पीड़ा सही न बच्चे को जन्म दिया। मैंने न तो बेटों का और न ही बेटियों का पालन-पोषण किया है।”

5जब यह बात मिस्र तक पहुंचेगी तब उसके लोगों को सूर का समाचार सुनकर तीव्र वेदना होगी।

6हे समुद्र-तट के निवासियों विलाप करते हुए तर्शीश को जाओ।

7क्या यही तुम्हारी उल्लास-भरी नगरी है, जिसका आरम्भ प्राचीन काल से है जो अपने पैर दूर-दूर तक जमाया करता था?

8सूर नगरी जो राजमुकुट पहनाया करती थी जिसके व्यापारी कुलीन थे, जिसके महाजन पृथ्वी के प्रतिष्ठित लोग थे, किसने उसके विरुद्ध ऐसी युक्ति की है?

9सेनाओं के यहोवा ने ही ऐसी युक्ति की है कि समस्त सुन्दरता के घमंड को चूर कर दे और पृथ्वी के सब सम्मानित जनों को तुच्छ ठहराए।

10हे तर्शीश की पुत्री, नील नदी के समान अपने देश में फैल जा, रुकने का अब कोई कारण न रहा।

11उसने अपना हाथ समुद्र पर बढ़ाया है, उसने राज्यों को हिला दिया है। यहोवा ने कनान देश के किलों को ढा देने का आदेश दिया है।

12और उसने कहा है, “हे सीदोन की पीड़ित कुंवारी कन्या, अब से तू आनन्द न मनाएगी। उठ, साइप्रस चली जा, परन्तु वहां भी तुझे चैन नहीं मिलेगा।”

13कसदियों के देश को देख-इस जाति का अस्तित्व अब न रहा। अश्शूर ने उसे वन पशुओं का स्थान बना दिया-उन्होंने सीढ़ियां खड़ी करके घेराबन्दी की, उसके महलों को ढा दिया, और उसे खंडहर बना दिया।

14हे तर्शीश के जलयानो, विलाप करो, क्योंकि तुम्हारा दृढ़ गढ़ उजड़ गया।

15तब उस दिन ऐसा होगा कि एक राजा के दिनों के समान सूर सत्तर वर्ष तक भुला दिया जाएगा। सत्तर वर्ष के बीतने पर सूर के साथ वेश्या के इस गीत के अनुसार होगाः

16“हे भूली बिसरी वेश्या, वीणा लेकर नगर में घूम, तारों पर रागिनी छेड़ और खूब गा कि तुझे फिर याद किया जाए।’

17सत्तर वर्ष के बीतने पर ऐसा होगा कि यहोवा सूर की सुधि लेगा। फिर भी वह वेश्या की कमाई पर पुनः मन लगाकर पृथ्वी के समस्त राज्यों के साथ वेश्यावृत्ति करेगी।

18परन्तु उसका लाभ और उसकी वेश्यावृत्ति की कमाई यहोवा के लिए समर्पित की जाएगी। यह न तो संचित की जाएगी और न जमा रहेगी, परन्तु उसके व्यापार का लाभ यहोवा की उपस्थिति में रहने वालों के लिए भरपूर भोजन तथा सुन्दर वस्त्र ठहरेगा।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)