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पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 39 / 66

यशायाह 39

1उस समय बेबीलोन के राजा बलदान के पुत्र मरोदक-बलदान ने यह सुनकर कि हिजकिय्याह रोगी था और चंगा हो गया है उसके पास भेंट और पत्र भेजे।

2हिजकिय्याह अत्यन्त प्रसन्न हुआ और उनको अपने समस्त भंडार का चांदी-सोना, सुगन्धित द्रव्य, बहुमूल्य तेल, तथा अपने सब शस्त्रगार और जो कुछ उसके भंडारों में था, दिखाया। हिजकिय्याह के भवन और राज्य भर में ऐसी कोई वस्तु न रह गई जो उसने उन्हें न दिखाई हो।

3तब यशायाह नबी ने राजा हिजकिय्याह के पास जाकर पूछा, “इन मनुष्यों ने क्या कहा और वे तेरे पास कहां से आए थे?” हिजकिय्याह ने कहा, “वे तो दूर देश अर्थात् बेबीलोन से मेरे पास आए थे?”

4तब उसने पूछा, “उन्होंने तेरे भवन में क्या-क्या देखा?” हिजकिय्याह ने उत्तर दिया, “जो कुछ मेरे भवन में है उन्होंने वह सब देखा। मेरे भंडारों में कोई ऐसी वस्तु नहीं जो मैंने उन्हें न दिखाई हो।”

5तब यशायाह ने हिजकिय्याह से कहा, “सेनाओं के यहोवा का वचन सुनः

6देख, ऐसे दिन आने वाले हैं कि जो कुछ तेरे भवन में है तथा जो कुछ तेरे पूर्वजों ने आज तक भंडार में जमा करके रखा है, वह सब-का-सब बेबीलोन को ले जाया जाएगा और कुछ भी छोड़ा न जाएगा,” यह यहोवा की वाणी है।

7“और तेरे पुत्रों में से जो तुझसे उत्पन्न” होंगे और जिनका पिता तू ही होगा, अनेक बन्दी बनाकर ले जाए जाएंगे; और वे बेबीलोन के राजा के महल में खोजे बनेंगे।”

8तब हिजकिय्याह ने यशायाह से कहा, “यहोवा का जो वचन तूने कहा वह भला ही है।” क्योंकि उसने सोचा, “मेरे दिनों में तो शान्ति और सच्चाई बनी रहेगी।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)