Loading account

पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 4 / 66

यशायाह 4

1उस दिन, सात स्त्रियां एक पुरुष को पकड़कर कहेंगी, “हम अपनी ही रोटी खाएंगी और अपने ही वस्त्र पहनेंगी, हमें केवल अपने नाम की कहलाने दे; हमारे कलंक को दूर कर!”

2उस दिन यहोवा की डाली सुन्दर और भव्य होगी, तथा पृथ्वी का फल शेष बचे इस्राएलियों के लिए गर्व और आभूषण ठहरेगा।

3और ऐसा होगा कि जो सिय्योन में बचा रहेगा और यरूशलेम में ही रहेगा अर्थात् प्रत्येक जिसका नाम यरूशलेम के जीवित लोगों की सूची में लिखा होगा-वह पवित्र कहलाएगा।

4जब यहोवा अपने न्याय के आत्मा तथा भस्म करने वाले आत्मा से सिय्योन की स्त्रियों की गन्दगी को धो चुकेगा तथा यरूशलेम में बहाए गए लहू को दूर कर चुकेगा,

5तब यहोवा सिय्योन पर्वत के सम्पूर्ण क्षेत्र तथा उसकी सभाओं पर दिन को धुएं का बादल तथा रात्रि को धधकती आग का प्रकाश उत्पन्न करेगा, क्योंकि इन सबके ऊपर छतरी के समान सम्पूर्ण महिमा छाया करेगी।

6और वहां दिन की धूप से छाया देने के लिए आश्रय, तथा तूफान और वर्षा से बचाव के लिए शरणस्थान होगा।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)