यशायाह 46:10
मैं अन्त की बात आदि से और जो बातें अब तक नहीं हुईं उन्हें प्राचीनकाल से बताता आया हू। मैं कहता हूं कि मेरी योजना स्थिर रहेगी और मैं अपनी भली इच्छा पूरी करूंगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)
संदर्भ: यशायाह 46
7वे उसे कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान पर रख देते हैं और वह वहीं खड़ा रहता है। वह अपने स्थान से हिल नहीं सकता। यदि कोई उसकी दुहाई भी दे, वह उसे उत्तर नहीं दे सकता, न ही उसे विपत्ति से छुड़ा सकता है।
8“हे अपराधियो, इस बात को स्मरण करो, इस पर ध्यान दो और अपना मन लगाओ।
9प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से हैं, क्योंकि मैं ही परमेश्वर हूँ, अन्य कोई नही। मैं ही परमेश्वर हूँ, और मेरे तुल्य कोई नहीं है।
10मैं अन्त की बात आदि से और जो बातें अब तक नहीं हुईं उन्हें प्राचीनकाल से बताता आया हू। मैं कहता हूं कि मेरी योजना स्थिर रहेगी और मैं अपनी भली इच्छा पूरी करूंगा।
11मैं पूर्व दिशा से एक उकाब को, अर्थात् दूर देश से अपनी योजना को पूरी करने वाले एक पुरुष को बुलाता हूँ। निश्चय मैंने यह कहा है और मैं ही इसे पूरा करूंगा। मैंने ही यह योजना बनाई है और निश्चय ही इसे पूरी करूंगा।
12“हे हठीले मन वालो, तुम जो धार्मिकता से दूर हो, मेरी सुनो!
13मैं अपनी धार्मिकता को निकट लाने पर हूँ, वह दूर नहीं है। उद्धार करने में मैं विलम्ब न करूंगा। मैं सिय्योन को उद्धार, हां, इस्राएल को अपनी महिमा दूंगा।
संबंधित पद
- नीतिवचन 19:21
मनुष्य के हृदय में तो अनेक योजनाएं रहती हैं, परन्तु यहोवा की युक्ति स्थिर रहती है।
- इफिसियों 1:9–11
उसने हमें अपनी इच्छा का रहस्य अपने भले अभिप्राय के अनुसार जिसे उसने स्वयं निर्धारित किया था, बताया-
- यशायाह 43:13
“अनन्तकाल से ही मैं परमेश्वर हूं, और ऐसा कोई नहीं जो मेरेे हाथ से छुड़ा सके। जो कुछ मैं करता हूं उसे कौन बदल सकता है?”
- यशायाह 45:21
तुम्हें जो कहना है कह दो-हां, वे आपस में सम्मति करे। किसने प्राचीनकाल से यह प्रचार किया? किसने पूर्व में ही इसकी घोषणा की? क्या मैं यहोवा ही ने यह नहीं किया? मुझे छोड़ कोई अन्य परमेश्वर नहीं जो धर्मी परमेश्वर और उद्धारकर्त्ता हो। मुझे छोड़ और कोई नहीं है।
- नीतिवचन 21:30
ऐसी कोई बुद्धि, कोई समझ और कोई सम्मति नहीं जो यहोवा के विरुद्ध ठहर सके।
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