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पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 52 / 66

यशायाह 52

1हे सिय्योन, जाग, जाग! अपना बल धारण कर। हे पवित्र नगरी यरूशलेम, अपने अति शोभायमान वस्त्र धारण कर। क्योंकि ख़तनारहित और अशुद्ध लोग फिर तुझ में प्रवेश न करने पाएंगे।

2हे बन्धुवा यरूशलेम, अपनी धूल झाड़कर उठ खड़ी हो। हे सिय्योन की बन्धुवा पुत्री अपने गले की जंजीर को उतार डाल।

3क्योंकि यहोवा यों कहता हैः “तुम जो सेंत-मेंत बिक गए थे, अब बिना रुपया दिए छुड़ाए भी जाओगे।”

4प्रभु यहोवा यों कहता हैः “पहले तो मेरी प्रजा मिस्र में परदेशी होकर रहने गई थी, तब अश्शूरियों ने उन पर अकारण अत्याचार किया।”

5यहोवा की यह वाणी हैः “अब यहां मेरा क्या रहा, जबकि मेरी प्रजा अकारण ही हर ली गई है?” यहोवा यह भी कहता हैः “जो उन पर प्रभुता करते हैं, वे ठट्टा करते हैं, और मेरे नाम की निन्दा दिन भर होती रहती है।

6अतः मेरी प्रजा मेरा नाम जान लेगी। वह उस दिन यह भी जान लेगी कि मैं, हां, मैंने ही यह कहा है।”

7पर्वतों पर उसके पैर क्या ही सुहावने हैं जो शुभ समाचार लाता है; जो शान्ति की बातें सुनाता और भलाई का शुभ संदेश लाता और उद्धार का संदेश देता है और सिय्योन से कहता है, “तेरा परमेश्वर राज्य करता है!”

8सुन! तेरे पहरेदार पुकार रहे हैं, वे एक साथ जय-जयकार कर रहे हैं, क्योंकि वे स्वयं अपनी आंखों से यहोवा को सिय्योन की पुनःस्थापना करते हुए देखेंगे।

9हे यरूशलेम के खंडहरो, एक साथ उमंग में आकर जय जयकार करो, क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है, उसने मूल्य चुकाकर यरूशलेम को छुड़ा लिया है।

10यहोवा ने सब जातियों के सामने अपनी पवित्र भुजा को प्रकट किया है, जिससे पृथ्वी के छोर-छोर के लोग हमारे परमेश्वर के उद्धार को देख सके।

11दूर हो, दूर! वहां से निकल जाओ! कोई अशुद्ध वस्तु मत छुओ, उसके मध्य में से निकल जाओ! तुम जो यहोवा के पात्र ढोने वाले हो अपने आपको पवित्र करो।

12परन्तु तुम्हारा निकलना न तो उतावली से और न ही भगोड़ों के समान होगा, क्योंकि यहोवा तुम्हारे आगे-आगे, हां, इस्राएल का परमेश्वर तुम्हारे पीछे-पीछे चलेगा। दास का दुख और उसका गौरव

13देखो, मेरा दास उन्नत होगा, वह ऊंचा होगा और महान् किया जाएगा, हां, वह अति महान् होगा।

14हे मेरी प्रजा, जैसे बहुत-से लोग तुझे देखकर चकित हुए, वैसे ही उसका रूप इतना बिगड़ा हुआ था कि मनुष्य-का-सा न जान पड़ता था और उसका स्वरूप भी मनुष्यों-का-सा न रह गया था।

15इस प्रकार, वह अनेक जातियों को पवित्र करेगा और उसके कारण राजा अपने मुंह बन्द कर लेंगे। क्योंकि जो उन्हें कभी नहीं बताया गया था, उसे वे अपनी आंखों से देखेंगे, और जो उन्होंने आज तक नहीं सुना, उसे वे समझ पाएंगे।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)