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पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 60 / 66

यशायाह 60

1“उठ, प्रकाशमान हो, क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तुझ पर उदय हुआ है।

2देख, पृथ्वी पर अन्धियारा और जाति-जाति के लोगों पर घोर अन्धकार छा जाएगा; परन्तु तुझ पर यहोवा उदय होगा, और उसका तेज तुझ पर प्रकट होगा।

3देश-देश के लोग तेरे प्रकाश की ओर तथा राजा तेरे आरोहण के प्रताप की ओर आएंगे।

4“चारों ओर अपनी दृष्टि उठाकर देखः वे सब इकट्ठे होकर तेरे पास आ रहे है। तेरे पुत्र दूर देश से आएंगे, और तेरी पुत्रियां हाथों-हाथ पहुंचाई जाएंगी।

5तब तू इसे देखकर प्रकाशमान हो उठेगी। तेरा हृदय रोमांचित होकर आनन्द से भर जाएगा, क्योंकि समुद्र का सारा धन तेरे पास चला आएगा और तुझे देश-देश की धन-सम्पत्ति मिलेगी।

6तू ऊंटों की अधिकता से भर जाएगी। मिघान और एफाह के तथा शबा के सब जवान ऊंट तेरे पास आएंगे। लोग सोना ओर लोबान लाएंगे और जय-जयकार करते हुए यहोवा का गुणानुवाद करेंगे।

7केदार की सब भेड़-बकरियां तेरे पास ही इकट्ठी होंगी। नबायोत के मेढ़े तेरे काम आएंगे; वे मेरी वेदी पर ग्रहण योग्य ठहरेंगे और मैं अपने महिमामय भवन को और भी प्रतापी करूंगा।

8ये कौन हैं जो बादल के समान, हां, अपने दरबे की ओर कबूतर के समान उड़े चले आते हैं?

9निश्चय ही द्वीप मेरी बाट जोहेंगे। पहले तो तर्शीश के जहाज तेरे पुत्रों को, उनकी चांदी और उनके सोने सहित, तेरे परमेश्वर यहोवा के नाम के कारण अर्थात् इस्राएल के पवित्र के कारण, दूर देश से पहुंचाने आएंगे, क्योंकि उसने तुझे महिमान्वित किया है।

10“परदेशी तेरी शहरपनाह को बनाएंगे, और उनके राजा तेरी सेवा-टहल करेंगे; क्योंकि मैंने क्रोध में आकर तुझे मारा था पर अब प्रसन्न होकर तुझ पर दया की है।

11तेरे फाटक सदैव खुले रहेंगे। वे दिन-रात बन्द नहीं किए जाएंगे, जिसे देश-देश का धन और पांति बांध बांध कर उनके राजा तेरे पास लाए जाए।

12क्योंकि जिस जाति और राज्य के लोग तेरी सेवा न करें वे नष्ट हो जाएंगे, हां, ऐसी जातियों का सत्यानाश किया जाएगा।

13लेबनोन का विभव अर्थात् सनौवर, देवदार और चीड़ सब तेरे पास आएंगे कि मेरे पवित्रस्थान को सुशोभित करें, और मैं अपने चरणों के स्थान को महिमान्वित करूंगा।

14तुझे पीड़ा पहुंचाने वालों के वंशज तेरे सामने सिर झुकाए हुए आएंगे, और जिन्होंने तुझे तुच्छ जाना था, वे सब तेरे पैरों पर गिरकर दण्डवत् करेंगे, और वे तेरा नाम यहोवा का नगर, इस्राएल के पवित्र का सिय्योन रखेंगे।

15तू जो त्यागी गई और ऐसी घृणित ठहरी, कि कोई तुझमें से होकर नहीं जाता था, अब मैं तुझे सदा के गर्व का और पीढ़ी-पीढ़ी के हर्ष का कारण ठहराऊंगा।

16तू देश-देश का दूध पी लेगी और राजाओं से पोषण पाएगी और जान लेगी कि मैं यहोवा तेरा उद्धारकर्ता और तेरा छुड़ाने वाला, याकूब का सर्वशक्तिमान हू।

17मैं कांसे के स्थान पर सोना लाऊंगा, लोहे के बदले चांदी, लकड़ी के बदले कांसा, और पत्थर के बदले लोहा ले आऊंगा। मैं शान्ति को तेरा शासक और धार्मिकता को तेरा प्रशासक ठहराऊंगा।

18तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरे सिवानों में उत्पात तथा विनाश की चर्चा न सुनाई देगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम स्तुति रखेगी।

19फिर न तो दिन को सूर्य और न चांदनी के लिए चन्द्रमा तेरा उजियाला होगा परन्तु यहोवा तेरे लिए सदा का उजियाला और तेरा परमेश्वर ही तेरा तेज ठहरेगा।

20तेरा सूर्य फिर कभी अस्त न होगा न ही तेरा चन्द्रमा मलिन होगा; क्योंकि यहोवा तेरी सदा की ज्योति होगा। और तेरे विलाप के दिन समाप्त हो जाएंगे।

21तेरे सब लोग धर्मी होंगे; वे सर्वदा के लिए देश के अधिकारी होंगे; वे मेरे लगाए हुए पौधे और मेरे हाथ का कार्य ठहरेंगे, जिससे कि महिमा प्रकट हो।

22छोटे से छोटा तो एक गोत्र और सबसे तुच्छ एक महान जाति बन जाएगा। मैं यहोवा यह सब ठीक समय पर शीघ्रता से पूरा करूंगा।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)