Loading account

पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 61 / 66

यशायाह 61

1प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है, क्योंकि यहोवा ने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिए मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिए भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं, कि बन्दियों के लिए स्वतन्त्रता का और कैदियों के लिए छुटकारे का प्रचार करूं;

2कि यहोवा के करुणा करने के समय और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं, कि सब शोकितों को शान्ति दूं,

3और सिय्योन में विलाप करने वालों को राख के बदले माला, शोक के बदले में हर्ष का तेल, और निराशा के बदले बड़ाई का ओढ़ना प्रदान करूं जिससे कि वे धार्मिकता के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं, और उसकी महिमा प्रकट हो।

4तब वे प्राचीन खंडहरों का जीर्णोद्धार करेंगे, वे पूर्वकाल के उजड़े स्थानों में घर खड़े करेंगे। और वे उन विनष्ट नगरों की मरम्मत करेंगे जो पीढ़ी-पीढ़ी से उजाड़ पड़े थे।

5परदेशी तुम्हारी भेड़-बकरियों के साथ खड़े रह कर उनको चराएंगे तथा परदेशी लोग तुम्हारी खेती और दाख की बारी की देखभाल करेंगे।

6तुम यहोवा के याजक कहलाओगे, तुम हमारे परमेश्वर के सेवक कहलाओगे। तुम जाति-जाति की धन-सम्पति खाओगे, और उनके धन पर डींग मारोगे।

7मेरे लोगों को लज्जा के बदले में दूना भाग मिलेगा। अपमान के बदले में वे अपने भाग के कारण जय जयकार करेंगे। अतः वे अपने देश में दूना भाग प्राप्त करेंगे, और सदा आनन्दित बने रहेंगे।

8क्योंकि मैं यहोवा न्याय से प्रीति रखता हू। मैं होमबलि की घटी से घृणा करता हू। मैं उनको उनका प्रतिफल सच्चाई से दूंगा, और मैं उनके साथ अनन्तकाल की वाचा बांधूंगा।

9तब उनका वंश जाति-जाति में और उनके वंशज देश-देश के लोगों में प्रसिद्ध हो जाएंगे। जो उनको देखेंगे, पहचान लेंगे कि यह वह वंश है जिसको यहोवा ने आशीष दी है।

10मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊंगा, मेरा प्राण मेरे परमेश्वर में प्रफुल्लित होगा, क्योंकि उसने मुझे उद्धार के वस्त्र पहनाए हैं, उसने मुझे धार्मिकता के वस्त्र से ऐसे संवारा है, जैसे दूल्हा अपने आपको माला से सजाता और दुल्हन गहनों से अपना श्रृंगार करती है।

11क्योंकि जैसे भूमि उपज को उपजाती और बाग में जो कुछ बोया जाता है उसे वह अंकुरित करती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के सामने धार्मिकता और स्तुति उपजाएगा।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)