पुराना नियम · यशायाह · अध्याय 62 / 66
यशायाह 62
1सिय्योन के लिए मैं चुप न रहूंगा, और यरूशलेम के लिए मैं शान्त न बैठूंगा, जब तक कि उसकी धार्मिकता प्रकाश के सदृश और उसका उद्धार जलती हुई मशाल के समान प्रकट न हो।
2तब जाति-जाति के लोग तेरी धार्मिकता और सब राजा तेरी महिमा को देखेंगे, और तेरा एक नया नाम रखा जाएगा जो यहोवा के मुख से निकलेगा।
3तू यहोवा के हाथ में एक शोभायमान मुकुट, हां, अपने पमरेश्वर के हाथ में राजसी पगड़ी ठहरेगी।
4आगे को तू “अजूवाह” न कहलाएगी, न ही तेरी भूमि “शमामाह” कहलाएगी, परन्तु तू “हेप्सीबा” और तेरी भूमि “ब्यूला” कहलाएगी, क्योंकि यहोवा तुझ से प्रसन्न है, और उसके लिए तेरी भूमि सुहागिन होगी।
5क्योंकि जिस प्रकार एक जवान पुरुष कुंवारी से विवाह करता है, उसी प्रकार तेरे पुत्र तुझे ब्याह लेंगे; और जैसे दूल्हा अपनी दुल्हन के कारण हर्षित होता है, वैसे ही तेरा परमेश्वर तेरे कारण हर्षित होगा।
6हे यरूशलेम, मैंने तेरी शहरपनाह पर पहरेदार नियुक्त किए हैं; वे दिन-रात कभी चुप न बैठेंगे। हे यहोवा को स्मरण दिलाने वालो, तुम शान्त न रहना
7और जब तक वह यरूशलेम को स्थिर करके पृथ्वी पर उसकी प्रशंसा न फैलाए तब तक उसे भी शान्त न रहने देना।
8यहोवा ने अपने दाहिने हाथ और अपने भुजबल की शपथ खाई हैः “निश्चय, अब मैं फिर तेरा अन्न तेरे शत्रुओं को भोजन के लिए न दूंगा, न ही परदेशी तेरा नया दाखमधु पीने पाएंगे जिसके लिए तूने परिश्रम किया है।”
9परन्तु उपज को एकत्र करने वाले ही उसे खा सकेंगे, तथा यहोवा की स्तुति करेंगे; और दाख बटोरने वाले ही मेरे पवित्र स्थान के आंगनों में पी सकेंगे।
10फाटकों में से निकल जाओ, निकल जाओ! प्रजा के लिए मार्ग तैयार करो! राजमार्ग सुधारो, सुधारो! पत्थरों को हटा दो और देश-देश के लोगों के लिए झंडा खड़ा करो!
11देखो, पृथ्वी के छोर-छोर तक यहोवा ने प्रचार किया है कि सिय्योन की पुत्री से कहो, “देख, तेरा उद्धार निकट है, देख, जो मजदूरी उसे देनी है उसे वह लेकर आ रहा है, हां, जो प्रतिफल उसे देना है वह उसके आगे-आगे है।”
12और लोग उनको, “पवित्र प्रजा, यहोवा के छुड़ाए हुए” कहेंगे, और तू, “चुनी हुई अर्थात् न त्यागी हुई नगरी” कहलाएगी।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)