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पुराना नियम · यिर्मयाह · अध्याय 21 / 52

यिर्मयाह 21

1यहोवा का वह वचन यिर्मयाह के पास उस समय पहुंचा जब सिदकिय्याह राजा ने मल्किय्याह के पुत्र पशहूर और मासेयाह के पुत्र सपन्याह याजक को यह कहकर उसके पास भेजा,

2“कृपा करके, हमारे लिए यहोवा से पूछ क्योंकि बेबगीलोन का राजा नबूकदनेस्सर हमारे विरफ़द्ध युद्ध कर रहा है, कदाचित् यहोवा अपने उन सब अद्भुत कार्यों के अनुसार हमसे ऐसा व्यवहार करे कि शत्रु हमारे पास से चला जाए।”

3तब यिर्मयाह ने उनसे कहा, “तुम सिदकिय्याह से इस प्रकार कहनाः

4‘इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता हैः “देखो, मैं युद्ध के उन हथियारों को, जो तुम्हारे हाथों में हैं और जिनसे तुम बेबीलोन के राजा और कसदियों से जो शहरपनाह के बाहर घेरे डाले हुए लड़ रहे हो, तुम्हारे लिए लौटाने पर हू। मैं उन्हें इस नगर के मध्य में इकट्ठा करूंगा।

5और मैं स्वयं हाथ बढ़ाकर, बलवान भुजा से, यहां तक कि क्रोध, जलजलाहट और बड़े रोष में आकर तुम्हारे विरफ़द्ध लड़ूंगा।

6मैं इस नगर के निवासियों-मनुष्य और पशु दोनों को मार डालूंगा और वे महामारी से मरेंगे।

7यहोवा फिर कहता हैः इसके पश्चात् मैं यहूदा के राजा सिदकिय्याह, उसके सेवकों और लोगों को यहां तक कि उनको भी जो महामारी, तलवार व अकाल से बच जाएंगे बेबीलान के राजा नबूकदेनेस्सर के हाथ में और उनके शत्रुओं के हाथ में और उनके हाथ में जो उनके प्राण की खोज में रहते हैं कर दूंगा, और वह उन्हें तलवार की धार से काट डालेगा। वह उन्हें न तो छोड़ेगा, न उन पर दया करेगा और न तरस खाएगा।”’

8“इन लोगों से तू यह भी कहेगा, ‘यहोवा इस प्रकार कहता है, “देखो, मैं तुम्हारे समक्ष जीवन का मार्ग और मृत्यु का मार्ग रखता हू।

9इस नगर में जो बसा रहेगा वह तलवार, अकाल और महामारी से मरेगा; परन्तु वह जो निकलकर कसदियों के पास जो तुम्हें घेरे हैं भाग जाएगा वह जीवित रहेगा, और उसे मानो अपना प्राण लूट में मिल गया हो।

10क्योंकि मैंने इस नगर के विरफ़द्ध अपना मुंह भलाई के लिए नहीं परन्तु हानि ही के लिए कर लिया है। यह नगर बेबीलोन के राजा के हाथ में दे दिया जाएगा जो इसे आग से फूंक डालेगा। यहोवा की यही वाणी है।”

11“अब यहूदा के राजघराने से कह, ‘यहोवा का वचन सुन,

12हे दाऊद के घराने, यहोवा इस प्रकार कहता हैः “हर प्रातः न्याय चुकाओ और उस मनुष्य का जो लुट गया है उसे अत्याचार करने वाले के वश से छुड़ाओ; अन्यथा मेरा कोप उनके कार्यों की दुष्टता के कारण आगे बढ़कर आग के समान ऐसे जलेगा कि कोई उसे बुझा न पाएगा।”

13यहोवा यों कहता है, “हे तराई में बसने वाले, हे मैदान की चट्टान, मैं तेरे विरफ़द्ध हूं, तुम लोग जो कहते हो, कि कौन हम पर चढ़ाई करेगा? या कौन हमारे निवासस्थान में घुसेगा?

14यहोवा यों कहता है, ‘मैं तुम्हारे कामों के अनुसार तुम्हें दण्ड दूंगा, और मैं उसके वन में आग लगाऊंगा कि सब कुछ भस्म हो जाए।”

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)