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पुराना नियम · अय्यूब · अध्याय 16 / 42

अय्यूब 16

1तब अय्यूब ने उत्तर दिया,

2“मैं तो ऐसी बहुत-सी बातें सुन चुका हू। तुम सब के सब निकम्मे सांत्वना देनेवाले हो।

3क्या थोथी बातों का कोई अन्त नहीं? ऐसी कौन सी बात है जिससे चिढ़कर तू उत्तर देता है?

4यदि मैं तुम्हारे स्थान पर होता तो मैं भी तुम्हारे समान बातें करता, मैं भी तुम्हारे विरुद्ध बातें गढ़ता, और तुम पर अपना सिर हिलाता।

5मैं अपने मुंह से तुम्हें हियाव बन्धाता, मेरे होठों की सांत्वना तुम्हारी पीड़ा को कम कर देती।

6“चाहे मैं बोलूं मेरी पीड़ा कम नहीं होती, और चाहे चुप रहूं फिर भी क्या वह मुझसे दूर होगी?

7परन्तु अब उसने मुझे थका दिया है; तूने मेरे सारे सम्बन्धियों को उजाड़ डाला है।

8और तूने मुझे कुम्हला दिया है, यह साक्षी बन गया है; और मेरा दुबलापन मेरे विरुद्ध खड़ा होता है, यह मेरे मुंह पर गवाही देता है।

9उसके क्रोध ने मुझे फाड़ा और मेरे पीछे पड़ा है। वह मुझ पर दांत पीसता है, मेरा विरोधी मुझे आंखेें दिखाता है।

10लोगों ने मुझ पर मुंह पसारा है, लोगों ने घृणा से मेरे गाल पर थप्पड़ मारा है; वे मेरे विरुद्ध इकट्ठे हुए है।

11परमेश्वर मुझे कुटिलों के हाथ में करता, और दुष्टों के हाथों में सौंपता है।

12मैं चैन से रहता था, पर उसने मुझे चूर-चूर कर डाला, उसने मेरी गर्दन पकड़ कर मुझे टुकड़े-टुकड़े कर डाला है; उसे मुझे अपना निशाना बनाकर खड़ा कर लिया है।

13उसके तीर मेरे चारों ओर उड़ते है। वह मेरे गुरदों को निर्दयता से चीर डालता है; वह मेरे पित्त को भूमि पर बहा देता है।

14चोट पर चोट मार कर वह मुझे तोड़ डालता है; योद्धा के समान वह मुझ पर टूट पड़ता है।

15मैंने अपने शरीर के ऊपर टाट को सी लिया है, और अपने सींग को धूल में गाड़ दिया है।

16रोते-रोते मेरा मुंह लाल हो गया है, और मेरी पलकों के नीचे स्याही छा गई है,

17परन्तु मेरे हाथों से कोई हिंसा नहीं हुई, तथा मेरी प्रार्थना पवित्र है।

18“हे पृथ्वी, मेरे लहू को न ढांप, और मेरी दुहाई कहीं रुकने न पाए।

19देख, अभी भी, स्वर्ग में मेरा साक्षी है, हां, मेरा सहायक ऊपर है।

20मेरे मित्र मेरी निन्दा करने वाले हैं; मेरी आंख परमेश्वर के सामने आंसू बहाती है।

21भला होता कि परमेश्वर से कोई मेरे पक्ष में निवेदन करता जैसे कोई अपने पड़ोसी के लिए करता है!

22क्योंकि थोड़े ही वर्षों के बीतने पर मैं उस मार्ग से चला जाऊंगा जिससे लौटना नही होता।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)