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पुराना नियम · लैव्यवस्था · अध्याय 16 / 27

लैव्यवस्था 16

1जब हारून के दो पुत्र यहोवा की उपस्थिति में प्रवेश करके मर गए, इसके बाद यहोवा ने मूसा से बातें की।

2यहोवा ने मूसा से कहा, “अपने भाई हारून से कह कि वह सन्दूक के ऊपर बने प्रायश्चित्त के ढकने के समक्ष, पर्दे के भीतर पवित्रस्थान में, हर समय प्रवेश न करे, अन्यथा मर जाएगा; क्योंकि मैं प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर बादल में प्रकट होऊँगा।

3हारून पवित्रस्थान में पापबलि के लिए एक बछड़ा और होमबलि के लिए एक मेढ़ा लेकर प्रवेश करे।

4वह मलमल का पवित्र अंगरखा और अपने शरीर पर मलमल की जांघिया पहने और मलमल का कटिबन्ध कस कर मलमल की पगड़ी बांधे। ये पवित्र वस्त्र है। वह जल से स्नान करके ही इन्हेें पहने।

5फिर वह इस्राएलियों की मंडली से पापबलि के लिए दो बकरे और होमबलि के लिए एक मेढ़ा ले।

6तब हारून उस पापबलि के बछड़े को जो उसी के लिए होगा, चढ़ाकर अपने तथा अपने परिवार के लिए प्रायश्चित्त करे।

7और वह उन दो बकरों को लेकर मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के सम्मुख प्रस्तुत करे।

8तब हारून दोनों बकरों पर चिट्ठीयाँ डाले अर्थात् एक चिट्ठी यहोवा के लिए तथा दूसरी चिट्ठी अजाजेल के लिए।

9जिस बकरे पर यहोवा के नाम की चिट्ठी निकले उसको हारून पापबलि करके चढ़ाए,

10परन्तु जिस बकरे पर अजाजेल की चिट्ठी निकले उसे यहोवा के सम्मुख जीवित उपस्थित किया जाए कि उसके द्वारा प्रायश्चित्त किया जाए और उसे जंगल में अजाजेल स्वरूप भेजा जाए।

11“तब हारून पापबलि के उस बछड़े को जो उसी के लिए है लाकर अपने तथा अपने घराने के लिए प्रायश्चित्त करे। वह उस पापबलि के बछड़े को जो उसी के लिए है, बलि करे।

12और वह यहोवा के सम्मुख वेदी पर के जलते हुए आग में से धूपदान भर अंगारे और दो मुट्ठी महीन पीसे हुए सुगन्धित द्रव्य लेकर पर्दे के भीतर जाए,

13और वह उस धूप को यहोवा के सम्मुख आग में डाले जिससे धूप का धुआं साक्षीपत्र के ऊपर वाले प्रायश्चित्त के ढकने पर छा जाए, अन्यथा वह मर जाएगा।

14फिर वह बछड़े के लहू में से कुछ लेकर उंगली से प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर पूरब की ओर छिड़के तथा उस लहू में से कुछ प्रायश्चित्त के ढकने के सामने भी उंगली से सात बार छिड़के।

15“तब वह पापबलि के उस बकरे को जो प्रजा के लिए होगा, बलि करे और उसके लहू को पर्दे के भीतर लाए और इस लहू के साथ वैसा ही करे जैसा बछड़े के लहू के साथ किया था। वह इसको प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर और उसके सामने छिड़के।

16और वह इस्राएलियों की अशुद्धताओं, उनके अपराधों, और उनके पापों के कारण पवित्रस्थान के लिए प्रायश्चित्त करे और मिलापवाले तम्बू के लिए भी जो उनकी सारी अशुद्धताओं में उनके मध्य रहता है ऐसा ही करे।

17और जब वह प्रायश्चित्त करने के लिए पवित्रस्थान में प्रवेश करे तो जब तक वह अपने, और अपने घराने, और इस्राएल की सारी मंडली के लिए प्रायश्चित्त करके बाहर न निकले तब तक कोई मनुष्य मिलापवाले तम्बू में न रहे।

18तब वह बाहर निकलकर उस वेदी के पास जाए जो यहोवा के सामने है और उसके लिए प्रायश्चित्त करे अर्थात् बछड़े और बकरे दोनों के लहू में से कुछ लेकर वेदी के चारों ओर सींगों पर लगाए।

19और अपनी उंगली से उस लहू में से कुछ लेकर उस पर सात बार छिड़ककर उसे इस्राएलियों की अशुद्धताओं से शुद्ध और पवित्र करे।

20“जब वह पवित्रस्थान, मिलापवाले तम्बू, और वेदी के लिए प्रायश्चित्त कर चुके तब उस जीवित बकरे को समीप लाए।

21तब हारून जीवित बकरे के सिर के ऊपर अपने दोनों हाथ रखे और उसके ऊपर इस्राएलियों के सारे अधर्म और उनके सारे अपराधों और पापों का अंगीकार करे। वह उनको उस बकरे के सिर पर लादकर उसे एक मनुष्य के हाथ से जो इस काम के लिए नियुत्तफ़ हो, जंगल में भेज दे।

22वह बकरा उनके सारे अधर्मों को अपने ऊपर लादे हुए किसी सुनसान स्थान में चला जाएगा। वह मनुष्य उस बकरे को जंगल में छोड़ दे।

23“तब हारून मिलापवाले तम्बू में आकर मलमल के उन सब वस्त्रों को जो उसने पवित्रस्थान में प्रवेश करते समय पहने थे उतार कर वहीं रख दे।

24फिर वह पवित्रस्थान में जल से स्नान करके अपने ही वस्र पहनले और बाहर आकर अपने लिए और प्रजा के लिए भी होमबलि चढ़ाकर अपने लिए और प्रजा के लिए प्रायश्चित्त करे।

25और पापबलि की चरबी को वह वेदी पर जलाए।

26और जिस व्यक्ति ने बकरे को अजाजेल स्वरूप छोड़ा वह अपने वस्त्र धोए, जल से स्नान करे, तब छावनी में प्रवेश करे।

27परन्तु पापबलि का बछड़ा और पापबलि का बकरा, जिनका लहू पवित्रस्थान में प्रायश्चित्त के लिए लाया गया था, उनको छावनी के बाहर ले जाकर उनकी खाल, मांस और गोबर आग में जलाए जांए।

28तब उनको जलाने वाला अपने वस्त्र धोए और जल से स्नान करे। इसके पश्चात् ही वह छावनी में प्रवेश करे।

29“यह तुम्हारे लिए एक स्थायी विधि ठहरेगी कि सातवें महीने के दसवें दिन तुम अपना इनकार करना। उस दिन कोई व्यक्ति चाहे वह देशी हो अथवा तुम्हारे मध्य वास करने वाला परदेशी हो, कोई काम न करे।

30क्योंकि इसी दिन तुम्हें शुद्ध करने के लिए तुम्हारे लिए प्रायश्चित्त किया जाएगा और तुम अपने सब पापों से यहोवा के सम्मुख शुद्ध ठहरोगे।

31यह तुम्हारे लिए सब्त अर्थात्् परम विश्राम का दिन ठहरे। तुम उस दिन अपना इनकार करना। यह एक स्थायी विधि है।

32अतः जिस याजक का अपने पिता के स्थान पर याजकीय कार्य करने के लिए अभिषेक और संस्कार किया गया है, वही प्रायश्चित्त करे। इस प्रकार वह मलमल के वस्त्रों अर्थात् पवित्र वस्त्रों को पहनकर

33समस्त पवित्रस्थान, मिलापवाले तम्बू, और वेदी के लिए प्रायश्चित्त करे। वह याजकों और मंडली के सब लोगों के लिए भी प्रायश्चित्त करे।

34अब यह तुम्हारे लिए एक स्थायी विधि ठहरे कि इस्राएलियों के लिए वर्ष में एक बार उनके सब पापों के लिए प्रायश्चित्त किया जाए।”और जैसा यहोवा ने मूसा को आज्ञा दी थी, वैसा ही किया गया।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)