पुराना नियम · लैव्यवस्था · अध्याय 17 / 27
लैव्यवस्था 17
1फिर यहोवा ने मूसा से कहा
2हारून और उसके पुत्रों से और सब इस्राएलियों से कह कि यहोवा ने यह आज्ञा दी हैः
3इस्राएल के घराने का जो व्यक्ति बछड़े या बैल या मेमने या बकरे को, चाहे छावनी में या छावनी के बाहर, बलि करे
4और उसे मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के डेरे के सम्मुख यहोवा के लिए भेंट-स्वरूप न चढ़ाए तो उस व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया जाए। उस व्यक्ति ने हत्या की है। वह अपने लोगों के बीच में से नष्ट किया जाए।
5ऐसा इसलिए किया जाए कि इस्राएली लोग अपने बलिदान जिन्हें वे खुले मैदान में बलि करते हैं, मिलापवाले तम्बू के द्वार पर याजक के पास यहोवा के लिए लाकर उनको यहोवा के लिए मेलबलि के रूप में चढ़ाए।
6याजक लहू को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा की वेदी पर छिड़के, और चरबी को यहोवा के लिए सुखदायक सुगन्ध के रूप में जलाए।
7वे उन बकरा-देवताओं के लिए जिनकी पूजा करके वे व्यभिचारी ठहरे हैं फिर कभी बलि न चढ़ाए। यह उनके लिए पीढ़ी से पीढ़ी तक स्थायी विधि ठहरे।
8“तब तू उनसे यह कहनाः इस्राएल के घराने के लोगों के मध्य वास करने वाले परदेशियों में से जो व्यक्ति होमबलि या बलिदान चढ़ाए
9और उसको मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के लिए चढ़ाने को न ले आए वह व्यक्ति भी अपने लोगों में नष्ट किया जाए।
10“और इस्राएल के घराने में से या उनके मध्य वास करने वाले परदेशियों में से यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार का लहू खाए तो मैं उस लहू खाने वाले व्यक्ति के विरफ़द्ध होऊगाँ और उसे उसके लोगों में से नष्ट कर डालूँगा।
11क्योंकि शरीर का प्राण लहू मेें रहता है और मैंने उसे वेदी पर चढ़ाने के लिए तुमको दिया है कि अपने प्राणों के लिए प्रायश्चित्त करो, क्योंकि प्राण के कारण लहू से ही प्रायश्चित्त होता है।
12इसलिए मैंने इस्राएलियों से कह दिया हैः तुममें से कोई भी व्यक्ति लहू न खाए, और न तुम्हारे मध्य वास करने वाला कोई परदेशी लहू खाए।
13अतः जब इस्राएलियों या उनके मध्य वास करने वाले परदेशियों में से कोई व्यक्ति अहेर के समय ऐसा पशु या पक्षी पकड़ेे जो खाने के योग्य हो तो वह उसके लहू को बहाकर मिट्टी से ढाँप दे।
14“क्योंकि शरीर का प्राण तो लहू में है। इसीलिए मैंने इस्राएलियो से कहा हैः तुम किसी प्रकार के प्राणी का लहू न खाना, क्योंकि सब प्राणियों का प्राण उनका लहू ही है। जो कोई उसको खाए वह नष्ट किया जाए।
15और जब कोई भी व्यक्ति, चाहे वह देशी हो अथवा परदेशी, किसी मरे हुए या जंगली जानवर के द्वारा फाड़े गए पशु का मांस खाए तो वह अपने वस्त्र धोए, जल से स्नान करे, और सायंकाल तक अशुद्ध रहे। तब वह शुद्ध ठहरेगा।
16परन्तु यदि वह न उनको धोए और न स्नान करे तो उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना होगा।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)