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पुराना नियम · लैव्यवस्था · अध्याय 23 / 27

लैव्यवस्था 23

1फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

2“इस्राएलियों से बातें करके उनसे कह कि यहोवा के नियत पर्व अर्थात् मेरे ठहराए हुए समय जिनमें तुम्हें पवित्र सभाओं की घोषणा करनी होगी, ये हैः

3छः दिन काम किया जाए, परन्तु सातवां दिन सब्त अर्थात् पूर्ण विश्राम और पवित्र सभा का दिन है। तुम किसी प्रकार का काम-काज न करना, क्योंकि यह तुम्हारे सब घरों में यहोवा के लिए विश्राम का दिन होगा।

4“यहोवा के नियत पर्व जिनमें तुम्हें निर्धारित समय पर पवित्र सभा की घोषणा करनी होगी, वे ये हैं:

5पहले महीने के चौदहवें दिन गोधूलि के समय यहोवा का फसह पर्व मनाया जाए।

6तब उसी महीने के पन्द्रहवें दिन यहोवा के लिए अख़मीरी रोटी का पर्व माना जाए, उसमें तुम सात दिन तक अख़मीरी रोटी खाना।

7पहले दिन तुम पवित्र सभा करना। उस दिन तुम परिश्रम का कोई काम न करना।

8परन्तु सात दिन तक तुम यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाया करना। सातवां दिन पवित्र सभा का है। उस दिन तुम परिश्रम का कोई कार्य न करना।

9फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

10“इस्राएलियों से कह कि जब तुम उस देश में जिसे मैं तुम्हें देने पर हूं प्रवेश करो और उसमें की फसल काटो, तो तुम अपनी फसल के पहले फलों का एक पूला याजक के पास लाना।

11और वह उस पूले को यहोवा के सामने हिलाए कि वह तुम्हारे लिए ग्रहण किया जाए। याजक उसे सब्त के अगले दिन हिलाए।

12जिस दिन तुम पूला हिलवाओ उसी दिन एक वर्ष का दोषरहित मेमना यहोवा के लिए होमबलि चढ़ाना।

13उसके साथ का अन्नबलि एपा के दो दसवें अंश मैदे का हो। वह तेल से सना हुआ हो और सुखदायक सुगन्ध के लिए यहोवा के निमित्त अग्निबलि करके चढ़ाया जाए। उसके साथ हीन की चौथाई दाखमधु का अर्घ हो।

14इस दिन तक अर्थात् जब तक तुम अपने परमेश्वर के लिए यह चढ़ावा न ले आओ तब तक न तो रोटी, न भुना हुआ अन्न, और न हरी बालें खाना। जहां-जहां तुम रहो, पीढ़ी से पीढ़ी तक तुम्हारे लिए यह सदा की विधि ठहरे।

15तुम उस सब्त के अगले दिन से अर्थात् जिस दिन तुम हिलाई जाने वाली भेंट के पूले लाओगे, उस दिन से पूरे सात सब्त के दिन गिन लेना।

16सातवें सब्त के अगले दिन तक अर्थात् पचास दिन गिनना, और उस दिन यहोवा के लिए नये अन्न की बलि चढ़ाना।

17तुम अपने-अपने घरों से एपा के दो दसवें अंश मैदे की दो रोटियां हिलाने की भेंट के लिए ले आना। वे ख़मीर के साथ पकाई जाएं जिससे यहोवा के लिए पहला फल ठहरे।

18और उस रोटी के साथ तुम एक-एक वर्ष के दोषरहित सात मेमने, एक बछड़ा, और दो मेढ़े चढ़ाना। वे अपने-अपने साथ के अन्नबलि और अर्घ सहित यहोवा के लिए होमबलि करके चढ़ाएं और यहोवा के सम्मुख सुखदायक सुगन्ध देने वाला अिर्ग्नबलि ठहरे।

19तुम पापबलि के लिए एक बकरा और मेलबलि के लिए एक-एक वर्ष के दो मेमने चढ़ाना।

20तब याजक पहले फल की रोटियों के साथ उन दोनों मेमनों को हिलाने की बलि करके यहोवा के सामने हिलाए। वे यहोवा के लिए पवित्र और याजक का भाग ठहरे।

21और तुम उसी दिन एक पवित्र सभा की घोषणा करना। तुम परिश्रम का कोई काम नहीं करना। जहां-जहां तुम रहो पीढ़ी से पीढ़ी तक तुम्हारे लिए यह सदा की विधि ठहरे।

22“और जब तुम अपनी भूमि की फसल काटो, तब अपने खेत को कोने-कोने तक पूरा न काटना और न उपज की गिरी बालों को इकट्ठा करना। तुम उनको कंगाल और परदेशी के लिए छोड़ देना। मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हू।

23फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

24“इस्राएलियों से कह कि सातवें महीने का पहला दिन तुम्हारे लिए विश्राम का विशेष दिन हो। उसमें स्मरण दिलाने के लिए नरसिंगे फूँके जाएं और पवित्र सभा हो।

25उस दिन तुम परिश्रम का कोई काम न करना, परन्तु यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाना।”

26फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

27“उसी सातवें महीने का दसवां दिन प्रायश्चित्त का दिन है। वह तुम्हारे लिए पवित्र सभा का दिन होगा और उसमें तुम अपने आप को दीन करना और यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाना।

28उस दिन तुम किसी प्रकार का काम-काज न करना, क्योंकि वह प्रायश्चित्त का दिन है जिसमें तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के सामने तुम्हारे लिए प्रायश्चित्त किया जाएगा।

29यदि कोई व्यक्ति इस दिन अपने आपको दीन न करे, वह प्रजा में से अलग किया जाए।

30जो व्यक्ति उस दिन किसी प्रकार का काम करे उसे मैं उसके लोगों में से नष्ट कर डालूँगा।

31तुम किसी प्रकार का काम न करना। यह तुम्हारे घरों में पीढ़ी से पीढ़ी तक सदा की विधि ठहरे।

32यह तुम्हारे लिए पूर्ण विश्राम का सब्त हो। इसमें तुम अपने आप को दीन करना। उस महीने के नवें दिन की संध्या से लेकर अगली संध्या तक अपना सब्त मानना।”

33फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

34“इस्राएलियों से कह कि इसी सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन से लेकर सात दिन तक यहोवा के लिए झोपड़ियों का पर्व मनाया जाए।

35पहले दिन पवित्र सभा हो, उसमें परिश्रम का कोई काम न करना।

36सातों दिन तुम यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाया करना। आठवें दिन तुम पवित्र सभा करना और यहोवा के लिए अग्निबलि चढ़ाना। वह महासभा का दिन है और उसमें परिश्रम का कोई काम न करना।

37“ये यहोवा के नियत पर्व हैं, जिनमें तुम पवित्र सभाओं की घोषणा करना जिससे यहोवा के सम्मुख अग्निबलि अर्थात् होमबलि, अन्नबलि, मेलबलि और अर्घ अपने-अपने निर्धारित समय पर चढ़ाए जाए।

38ये सब यहोवा के सब्तों और यहोवा के सम्मुख लाए जाने वाले तुम्हारे दानों, मन्नतों और स्वेच्छाबलियों के अतिरिक्त चढ़ाया जाए।

39“सातवें महीने के ठीक पन्द्रहवें दिन, जब तुम भूमि की उपज को इकट्ठा कर चुको, तब सात दिन तक यहोवा का पर्व मानना। पहला दिन और आठवां दिन पूर्ण विश्राम के दिन हो।

40और पहले दिन तुम सुन्दर वृक्षों की टहनिया, खजूर की डालियां, घने वृक्षों की शाखाएं, और नालों में के मजनू लेकर अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख सात दिन तक आनन्द करना।

41और तुम प्रतिवर्ष सात दिन तक यहोवा के लिए यह पर्व मनाया करना। यह तुम्हारी पीढ़ी से पीढ़ी तक सदा की विधि ठहरे कि सातवें महीने में यह पर्व मनाया जाए।

42सात दिन तुम झोपड़ियों में रहा करना। जितने लोग जन्म से इस्राएली हैं वह सब झोपड़ियों में रहें,

43जिससे तुम्हारी पीढ़ी-पीढ़ी के लोगों को मालूम हो कि जब मैंने इस्राएलियों को मिस्र देश से निकाला तो मैंने उनको झोपड़ियों में टिकाया था। मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हू।”

44अतः मूसा ने इस्राएलियोें को यहोवा के नियत पर्व बता दिए।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)