पुराना नियम · लैव्यवस्था · अध्याय 4 / 27
लैव्यवस्था 4
1तब यहोवा ने मूसा से कहा,
2“इस्राएलियों से यह कह कि जिन कार्यों को यहोवा ने मना किया है यदि कोई व्यक्ति अनजाने में उनमें से किसी कार्य को करके पाप करे,
3तो यदि अभिषिक्त याजक ऐसा पाप करे और इससे प्रजा दोषी ठहरे, वह अपने पाप के कारण यहोवा के लिए एक दोषरहित बछड़ा पापबलि करके चढ़ाए।
4और वह उस बछड़े को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर यहोवा के सम्मुख लाकर बछड़े के सिर पर हाथ रखे और बछड़े को यहोवा के सम्मुख बलि करे।
5तब अभिषिक्त याजक बछड़े के लहू में से कुछ को मिलापवाले तम्बू में ले जाए,
6और याजक अपनी उंगली लहू में डुबो-डुबोकर पवित्रस्थान के पर्दे के सामने यहोवा के सम्मुख कुछ लहू सात बार छिड़के।
7याजक उस लहू में से कुछ लेकर सुगन्धित धूप की वेदी के सींगों पर भी लगाए जो मिलापवाले तम्बू में यहोवा के सामने है, और बछड़े के शेष सब लहू को होमबलि की वेदी के आधार पर उंडेल दे, जो मिलापवाले तम्बू के द्वार पर है।
8फिर वह पापबलि के बछड़े की समस्त चरबी को उसमें से अलग करे, अर्थात् वह चरबी जिससे अँतड़ियाँ ढँपी रहती हैं और जो अँतड़ियों से लिपटी रहती है,
9और दोनों गुर्दे और उनके ऊपर की चरबी जो कमर के पास रहती है, और गुर्दे समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभों को वह ऐसे अलग करे,
10जैसे मेलबलि के बछड़े से अलग किया जाता है, और याजक उनको होमबलि की वेदी पर होम करे।
11परन्तु बछड़े की खाल और उसके सारे मांस को सिर, टांगों, अँतड़ियों और गोबर समेत,
12अर्थात् बछड़े के सम्पूर्ण शेष भाग को छावनी से बाहर उस स्वच्छ स्थान पर ले जाए, जहां राख डाली जाती है, और उसे लकड़ी पर रख कर जला दे। जहां राख डाली जाती है वहीं उसे जलाया जाए।
13“यदि इस्राएल की समस्त मंडली गलती करे, और यह मंडली की आँखों से छिपी हो, और वे उन कार्यों में से जिनको यहोवा ने मना किया है, किसी कार्य को करके दोषी ठहरें,
14तो जब उनका किया हुआ पाप प्रकट हो जाए तो मंडली एक बछड़ा पापबलि करके चढ़ाए और उसे मिलापवाले तम्बू के सामने ले जाए।
15तब यहोवा के सम्मुख मंडली के प्राचीन उस बछड़े के सिर पर हाथ रखें, और बछड़े को यहोवा के सम्मुख बलि किया जाए।
16तब अभिषिक्त याजक बछड़े के लहू में से कुछ को मिलापवाले तम्बू में ले जाए।
17और याजक अपनी उंगली लहू में डुबो-डुबोकर उसे बीच वाले पर्दे के सामने सात बार यहोवा के सम्मुख छिड़के,
18और उसी लहू में से उस वेदी के सींगों पर लगाए जो यहोवा के सम्मुख मिलापवाले तम्बू में है और शेष सब लहू होमबलि की वेदी के आधार पर उंडेल दे, जो मिलापवाले तम्बू के द्वार पर है।
19और वह उसकी समस्त चरबी उतार कर वेदी पर होम करे।
20वह बछड़े के साथ ठीक वैसा ही करे जैसे पापबलि के बछड़े से किया था। वह ऐसा ही करे। इस प्रकार याजक उनके लिए प्रायश्चित्त करे और उन्हें क्षमा मिलेगी।
21और वह बछड़े को छावनी से बाहर ले जाकर वैसे ही जलाए जैसे पहले बछड़े को जलाया था। यह मंडली के लिए पापबलि ठहरेगी।
22“जिन कार्यों को उसके परमेश्वर यहोवा ने मना किया है यदि कोई अगुवा अनजाने में उनमें से किसी एक को करके पाप करे और दोषी ठहरे,
23तो जब उसका किया हुआ पाप उस पर प्रकट कर दिया जाए, वह एक दोषरहित बकरा बलिदान करने के लिए ले आए।
24फिर वह बकरे के सिर पर अपना हाथ रखे और उसे यहोवा के सम्मुख उस स्थान पर बलि करे जहां वे होमबलि पशु को बलि करते है। यह पापबलि ठहरेगी।
25तब याजक अपनी उंगली से पापबलि पशु के लहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए और शेष लहू होमबलि की वेदी के आधार पर उंडेल दे।
26और उसकी समस्त चरबी को वह मेलबलि की चरबी के समान वेदी पर होम करे। इस प्रकार याजक उस व्यक्ति के लिए पाप का प्रायश्चित्त करे और उसे क्षमा मिलेगी।
27“और जिन कार्यों को यहोवा ने मना किया है यदि कोई साधारण व्यक्ति अनजाने में उनमें से किसी को करके पाप करे और दोषी ठहरे
28और उसका पाप उस पर प्रकट कर दिया जाए, तब वह उस पाप के कारण एक दोषरहित बकरी बलिदान चढ़ाने के लिए ले आए।
29फिर वह उस पापबलि पशु के सिर पर अपना हाथ रखे और उस पापबलि पशु को होमबलि चढ़ाने के स्थान पर बलि करे।
30और याजक अपनी उंगली से उसके लहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए और शेष लहू वेदी के आधार पर उंडेल दे।
31तब वह उसकी चरबी मेलबलि पशु की चरबी के समान अलग करे, और याजक उसको वेदी पर यहोवा के निमित्त सुखदायक सुगन्ध होने के लिए होम करे। इस प्रकार याजक उसके लिए प्रायश्चित्त करेगा और उसे क्षमा मिलेगी।
32“यदि वह बलि-पशु स्वरूप पापबलि के लिए मेमना लाए तो यह दोषरहित मादा हो।
33और वह पापबलि-पशु के सिर पर अपना हाथ रखे और उसे पापबलि के लिए उस स्थान पर बलि करे जहां होमबलि-पशु बलि किया जाता है।
34तब याजक अपनी उंगली से पापबलि-पशु के लहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए और शेष लहू को वेदी के आधार पर उंडेल दे।
35तब वह उसकी समस्त चरबी को वैसे ही अलग कर दे जैसे मेलबलि के मेमने की चरबी अलग की जाती है, और याजक उसे वेदी पर यहोवा के अग्निबलियों के ऊपर होम करे। इस प्रकार याजक उसके किये हुए पाप का प्रायश्चित्त करे और उसे क्षमा मिलेगी।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)