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पुराना नियम · नहेमायाह · अध्याय 3 / 13

नहेमायाह 3

1तब एल्याशीब महायाजक अपने याजक भाइयों के साथ उठकर भेड़-फाटक को बनाने में जुट गया। उन्होंने उसको प्रतिष्ठित किया और उसके दरवाजों को लगाया। उन्होंने सौ लोगों के गुम्मट से लेकर हननेल गुम्मट तक की शहरपनाह को प्रतिष्ठित किया।

2उसके आगे यरीहो के लोगों ने बनाया, और इनसे आगे इम्री के पुत्र जक्कूर ने बनाया।

3फिर हस्सना के पुत्रों ने मछली-फाटक को बनाया, उन्होंने उसकी कड़ियां लगाईं और ताले और बेंडें लगाकर दरवाजे खड़े किए।

4और उनसे आगे ऊरिय्याह के पुत्र और हक्कोस के पोते मरेमोत ने, और इससे आगे बरेक्याह के पुत्र और मशेजबेल के पोते मशुल्लाम ने, और उससे आगे बाना के पुत्र सादोक ने मरम्मत का कार्य किया।

5और उससे आगे तकोइयों ने मरम्मत का कार्य किया, परन्तु उनके रईसों ने अपने अधिकारियों के कार्य में हाथ नहीं बंटाया।

6फिर पासेह के पुत्र योयादा और बसोदायाह के पुत्र मशुल्लाम ने पुराने फाटक की मरम्मत की। उन्होंने उसकी कड़ियां लगाईं और ताले व बेंडें लगाकर दरवाजे खड़े किए।

7इनसे आगे गिबोनी मलत्याह और मेरोनोती यादोन ने, अर्थात् गिबोन और मिस्पा के लोगों ने महानद के पार वाले प्रान्त के राज्यपाल की ओर से मरम्मत का कार्य किया।

8उससे आगे हर्हयाह के पुत्र उजीएल ने जो सुनारों में से था, और उससे आगे हनन्याह ने जो गन्धियों में से था, मरम्मत का कार्य किया और उन्होंने यरूशलेम का चौड़ी दीवार तक पुनर्निर्माण किया।

9और उनसे आगे हूर के पुत्र रपायाह ने, जो यरूशलेम के आधे िज़ले का अधिकारी था, मरम्मत का कार्य किया।

10उनसे आगे हरूमप के पुत्र यदायाह ने अपने ही घर के सामने, मरम्मत का कार्य किया। और उसके आगे हशब्नयाह के पुत्र हत्तूश ने मरम्मत का कार्य किया।

11हारीम के पुत्र मल्कियाह और पहत्मोआब के पुत्र हश्शूब ने एक अन्य भाग की, और भट्टों के गुम्मट की मरम्मत की।

12उससे आगे हल्लोहेश के पुत्र शल्लूम ने, जो यरूशलेम के आधे जिले का अधिकारी था, अपनी पुत्रियों के साथ मिलकर मरम्मत का कार्य किया।

13हानून और जानोह के निवासियों ने तराई के फाटक की मरम्मत की। उन्होंने उसको बनाया और ताले और बेंड़े लगाकर दरवाजे खड़े किए और कूड़ा-फाटक तक हजार हाथ की शहरपनाह भी बनाई।

14रेकाब के पुत्र मल्कियाह ने कूड़ा-फाटक की मरम्मत की। वह बेथ-हेक्केरेम के जिले का अधिकारी था। उसी ने उसको बनाया और ताले, और बेंड़ें लगाकर दरवाजे खड़े किए।

15और कोल्होजे के पुत्र शल्लूम ने सोता-फाटक की मरम्मत की। यह मिस्पा के जिले का अधिकारी था उसने उसे बनाया, पाटा और उसके ताले व बेंड़े लगाकर दरवाज़े खड़े किए। उसी ने राजा की बारी के पास शेलह के कुंड की दीवार को दाऊदनगर से उतरने वाली सीढ़ियों तक बनाया।

16उसके बाद अजबूक के पुत्र नहेमायाह ने, जो बेतसूर के आधे जिले का अधिकारी था, दाऊद के कब्रिस्तान के सामने तक और बावली वरन् वीर-भवन तक का कार्य किया।

17उसके बाद लेवियों ने बानी के पुत्र रहूम की अधीनता में मरम्मत का कार्य किया। इससे आगे हशब्याह ने, जो कीला के जिले के आधे भाग का अधिकारी था, अपने जिले की ओर से मरम्मत का कार्य किया।

18उसके बाद उनके भाइयों ने हेनादाद के पुत्र बव्वै की अधीनता में मरम्मत का कार्य किया। वह कीला के जिले के दूसरे भाग का अधिकारी था।

19उसके आगे येशू के पुत्र एजेर ने जो मिस्पा का अधिकारी था, एक अन्य भाग की मरम्मत की जो शहरपनाह के मोड़ के पास शस्त्रगार की चढ़ाई के सामने था।

20उससे आगे जब्बै के पुत्र बारूक ने एक दूसरे भाग की अर्थात् उसी मोड़ से लेकर एल्याशीब महायाजक के घर के द्वार तक तन-मन से मरम्मत की।

21उससे आगे हक्कोस के पोते और ऊरिय्याह के पुत्र मरेमोत ने एल्याशीब के घर के द्वार से लेकर अपने ही घर के सिरे तक मरम्मत का कार्य किया।

22उसके आगे याजकों ने अर्थात् तराई के लोगों ने मरम्मत का कार्य किया।

23इससे आगे बिन्यामीन और हश्शूब ने अपने घर के सामने मरम्मत का कार्य किया। इससे आगे मासेयाह के पुत्र और अमस्याह के पोते अजर्याह ने अपने घर के पास का मरम्मत का कार्य किया।

24इससे आगे हेनादाद के पुत्र बिन्नूई ने अजर्याह के घर से शहरपनाह के मोड़ तक वरन् कोने तक के दूसरे भाग की मरम्मत की।

25फिर उसी मोड़ के सामने जो ऊंचा गुम्मट राजभवन से बाहर निकला हुआ सुरक्षा दल की चौकी के पास है, उसके सामने ऊजै के पुत्र पालाल ने मरम्मत का कार्य किया। इससे आगे परोश के पुत्र पदायाह ने मरम्मत का कार्य किया।

26और मन्दिर के सेवकों ने जो ओपेल में रहते थे, पूर्व की ओर जल-फाटक के सामने तक और बाहर निकले हुए गुम्मट तक मरम्मत का कार्य किया।

27इससे आगे तकोइयों ने एक और भाग की, जो बाहर निकले हुए बड़े गुम्मट के सामने और ओपेल की शहरपनाह तक था, मरम्मत की।

28घोड़ा-फाटक के ऊपर याजकों ने अपने अपने घर के सामने मरम्मत का कार्य किया।

29इससे आगे इम्मेर के पुत्र सादोक ने अपने घर के सामने मरम्मत का कार्य किया। और उससे आगे पूर्वी फाटक के रखवाले शकन्याह के पुत्र समयाह ने मरम्मत का कार्य किया।

30इससे आगे शेलेम्याह के पुत्र हनन्याह और सालाप के छठे पुत्र हानून ने एक और भाग की मरम्मत की। इससे आगे बेरेक्याह के पुत्र मशुल्लाम ने अपनी ही कोठरी के सामने मरम्मत का कार्य किया।

31इससे आगे मल्कियाह सुनार के सेवकों और व्यापारियों के घरों तक जो निरीक्षण फाटक के सामने थे और कोने पर बनी उपरौठी कोठरी तक मरम्मत का कार्य किया।

32और कोनेवाली उपरौठी कोठरी और भेड़-फाटक के बीच सुनारों तथा व्यापारियों ने मरम्मत का कार्य किया।

पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)