पुराना नियम · नहेमायाह · अध्याय 7 / 13
नहेमायाह 7
1ऐसा हुआ कि जब शहरपनाह फिर से बन चुकी और मैं उसके फाटक खड़े कर चुका और द्वारपाल, और गवैये और लेवियों को नियुक्त कर चुका,
2तब मैंने अपने भाई हनानी और किले के अधिकारी हनन्याह को यरूशलेम का अधिकारी ठहराया, क्योंकि वह एक विश्वासयोग्य मनुष्य था और बहुतों से अधिक परमेश्वर का भय मानता था।
3तब मैंने उनसे कहा, “जब तक धूप कड़ी न हो जाए, तब तक यरूशलेम के फाटक न खोले जाएं और पहरेदारों के पहरे पर रहते हुए फाटकों को बेड़ें लगाकर बन्द किया जाए। यरूशलेम के निवासियों में से भी तू पहरेदार नियुक्त कर जो अपने-अपने स्थान और अपने-अपने घर के सामने पहरा दिया करे।”
4नगर तो बड़ा और विस्तृत था, परन्तु लोग थोड़े थे और घर नहीं बने थे।
5तब मेरे परमेश्वर ने मेरे मन में यह बात डाली कि रईसों, अधिकारियों और लोगों को अपनी-अपनी वंशावली के अनुसार गिने जाने के लिए इकट्ठा करू। और मुझे उन लोगों की वंशावली का विवरण मिला जो पहले-पहले यरूशलेम लौट कर आए थे। उसमें इस प्रकार लिखा हुआ थाः
6इस प्रान्त के जिन लोगों को बेबीलोन का राजा नबूकदनेस्सर बन्धुवा करके ले गया था उनमें से जो लोग बन्धुवाई से छूटकर यरूशलेम और यहूदा के अपने-अपने शहर को लौट आए, वे निम्नलिखित है।
7वे जरुब्बाबेल, येशू, नहेमायाह, अजर्याह, राम्याह, नहमानी, मोर्दकै, बिलशान, मिस्पेरेत बिग्वै, नहूम और बाना के साथ आए। इस्राएल की प्रजा के मनुष्यों की संख्या यह हैः
8परोश की सन्तान, दो हजार एक सौ बहत्तर,
9सपत्याह की सन्तान, तीन सौ बहत्तर,
10आरह की सन्तान, छः सौ बावन,
11पहत-मोआब की सन्तान, अर्थात् येशूयोआब की सन्तान, दो हजार आठ सौ अठारह,
12एलाम की सन्तान, एक हजार दो सौ चौवन,
13जत्तू की सन्तान, आठ सौ पैंतालीस
14जक्कै की सन्तान, सात सौ साठ,
15बिन्नूई की सन्तान, छः सौ अड़तालीस,
16बेबै की सन्तान, छः सौ अट्ठाइस,
17अजगाद की सन्तान, दो हजार तीन सौ बाईस,
18अदोनीकाम की सन्तान, छः सौ सड़सठ,
19बिग्वै की सन्तान, दो हजार सड़सठ,
20आदीन की सन्तान, छः सौ पचपन,
21हिजकिय्याह की सन्तान, आतेर के वंश में से, अठानबे,
22हाशूम की सन्तान, तीन सौ अट्ठाईस,
23बेसै की सन्तान, तीन सौ चौबीस,
24हारीफ की सन्तान, एक सौ बारह,
25गिबोन की सन्तान, पचानवे,
26बेतलेहेम और नतोपा के मनुष्य, एक सौ अट्ठासी,
27अनातोत के मनुष्य, एक सौ अट्ठाईस,
28बेत-अजमावत के मनुष्य, बयालीस,
29किर्यत-यारीम, कपीर और बेरोत के मनुष्य, सात सौ तैंतालीस,
30रामा और गेबा के मनुष्य, छः सौ इक्कीस,
31मिकमास के मनुष्य, एक सौ बाईस
32बेतेल और ऐ के मनुष्य, एक सौ तेईस,
33दूसरे नबो के मनुष्य, बावन
34दूसरे एलाम की सन्तान, एक हजार दो सौ चौवन,
35हारीम की सन्तान, तीन सौ बीस,
36यरीहो के मनुष्य, तीन सौ पैंतालीस,
37लोद, हादीद और ओनो के मनुष्य, सात सौ इक्कीस,
38सना के मनुष्य, तीन हजार नौ सौ तीस,
39फिर याजक अर्थात् येशू के घराने में से यदायाह की सन्तान, नौ सौ तिहत्तर,
40इम्मेर की सन्तान, एक हजार बावन,
41पशहूर की सन्तान, एक हजार दो सौ सैंतालीस,
42हारीम की सन्तान, एक हजार सत्रह,
43फिर लेवीय ये थे अर्थात् होदवा के वंश में से कदमीएल के घराने के येशू की सन्तान, चौहत्तर,
44गवैये ये थे-आसाप की सन्तान, एक सौ अड़तालीस,
45द्वारपाल थे-शल्लूम की सन्तान, आतेरे की सन्तान, तल्मोन की सन्तान, अक्कूब की सन्तान, हतीता की सन्तान, और शौबे की सन्तान, एक सौ अड़तीस,
46फिर मन्दिर के सेवक अर्थात् सीहा की सन्तान, हसूपा की सन्तान, तब्बाओत की सन्तान,
47केरोस की सन्तान, सीआ की सन्तान, पादोन की सन्तान,
48लबाना की सन्तान, हगाबा की सन्तान, शल्मैं की सन्तान,
49हानान की सन्तान, गिद्देल की सन्तान, गहर की सन्तान,
50राया की सन्तान, रसीन की सन्तान, नकोदा की सन्तान,
51गज्जाम की सन्तान, उज्जा की सन्तान, पासेह की सन्तान,
52बेसै की सन्तान, मूनीम की सन्तान, नपूशस की सन्तान,
53बकबूक की सन्तान, हकूपा की सन्तान, हर्हूर की सन्तान,
54बसलीत की सन्तान, महीदा की सन्तान, हर्शा की सन्तान,
55बर्कोस की सन्तान, सीसरा की सन्तान, तेमेह की सन्तान,
56नसीह की सन्तान, और हतीपा की सन्तान,
57फिर सुलैमान के कर्मचारियों की सन्तान, अर्थात् सौते की सन्तान, सोपेरेत की सन्तान, परीदा की सन्तान,
58याला की सन्तान, दर्कोन की सन्तान, गिद्देल की सन्तान,
59शपत्याह की सन्तान, हत्तील की सन्तान, पोकेरेत हैस्सबायीम की सन्तान और आमोन की सन्तान,
60मन्दिर के सेवक और सुलैमान के कर्म-चारियों की सन्तान मिलकर तीन सौ बानवे,
61और ये वे हैं, जो तेलमेलह, तेलहर्शा करूब, अद्दोन और इम्मेर से यरूशलेम को गए, परन्तु वे अपने-अपने पूर्वजों के घराने और वंशावली न बता सके, कि वे इस्राएल के थे,
62अर्थात् दलायाह की सन्तान, तोबिय्याह की सन्तान, और नकोदा की सन्तान, जो सब मिलाकर छः सौ बयालीस थे।
63और याजकों में से होबायाह की सन्तान, हक्कोस की सन्तान, और बर्जिलै की सन्तान जिसने गिलादी बर्जिलै की पुत्रियों में से एक को ब्याह लिया और उन्हीं का नाम रख लिया था।
64इन्होंने अपने पूर्वजों के पंजीकरण में अपना नाम खोजा, परन्तु उसका पता नहीं पा सके, इसलिए उनको अशुद्ध समझा गया और याजक पद से निकाल दिया गया।
65और राज्यपाल ने उनसे कहा कि वे परमपवित्र वस्तु में से कुछ न खाएं जब तक कि ऊरीम और तुम्मीम धारण करने वाला कोई याजक न उठ खड़ा हो।
66समस्त मंडली के लोग मिलकर बयालीस हजार तीन सौ साठ थे।
67इनको छोड़ उनके सात हजार तीन सौ सैंतीस दास दासियां, और दो सौ पैंतालीस स्त्री और पुरुष गवैये थे।
68उनके सात सौ छत्तीस घोड़े , दो सौ पैंतालीस खच्चर,
69चार सौ पैंतीस ऊंट और छः हजार सात सौ बीस गदहे थे।
70और पूर्वजों के घराने के कुछ मुख्य पुरुषों ने कार्य के लिए दिया। अधिपति ने तो ख़जाने में एक हजार दर्कमोन सोना, पचास कटोरे, और याजकों के लिए पांच सौ तीस चोगे दिये।
71और पूर्वजों के घराने के कुछ मुख्य पुरुषों ने उस कार्य के कोश में बीस हजार दर्कमोन सोना, और दो हजार दो सौ मीना चांदी दी।
72और प्रजा के शेष लोगों ने बीस हजार दर्कमोन सोना, दो हज़ार मीना चांदी और याजकों के लिए सड़सठ चोगे दिए।
73इस प्रकार याजक, लेवीय, द्वारपाल, गवैये, प्रजा के कुछ लोग और मन्दिर के सेवक और सब इस्राएली अपने-अपने नगर में बस गए।
पवित्रशास्त्र का पाठ: Hindi Standard Version (HSV)